नई कहानी फ़िल्म निर्माताओं के लिए – ‘ दुल्हन 5000 करोड़ की ’

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Suresh garg

इस स्तम्भ में हमने फ़िल्म निर्माताओं के लिए एक नई कहानी देने का सिलसिला आरम्भ किया हुआ है। लोग कहते हैं कि बॉलीवुड में कहानियों का अभाव है।

यहां हम मूल लेखकों से सीधे उनकी कहानियां दे रहे हैं। निर्माता जो इस कहानी पर काम करने के इच्छुक हों, वे अपनी जिम्मेदारी पर लेखक से सम्पर्क कर सकते हैं।

शरद राय

सुरेश गर्ग का नाम फिल्मों के टाइटल की एक किताब ’टाइटल फिट तो पिक्चर हिट’ के लिए गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉड्र्स में दर्ज है

Suresh garg

इस बार हम दे रहे हैं लेखक सुरेश गर्ग की कहानी -‘दुल्हन 5000 करोड़ की’।

बतादें कि सुरेश गर्ग का नाम फिल्मों के टाइटल की एक किताब ’टाइटल फिट तो पिक्चर हिट’ के लिए गोल्डन बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉड्र्स में दर्ज है। यहां प्रस्तुत है कहानी -“दुल्हन 5000 करोड़ की’’:

श्याम कुमार सिंघानिया इंदौर शहर के बहुत बड़े बिजनेस टायकून हैं और उनकी टोटल जायदाद इस वक्त 5000 करोड़ से ज्यादा की है जिसे वह अपनी बेटी रोशनी की शादी मे दहेज के रूप में देना चाहते हैं।

उनका रोशनी के अलावा इस दुनिया में और कोई नहीं है। इसके लिए वे एक वसीयत रेडी करवाते हैं अपने वकील रवि कुमार वर्मा के द्वारा।

जिसमें यह लिखा होता है कि ’उनकी 5000 करोड़ की जो भी जायदाद है वो जीते जी उनकी रहेगी और उनके मरने के बाद उनकी एकलौती बेटी रोशनी की हो जाएगी।’

अब वसीयत लिखवाने के बाद वे अपनी बेटी के लिए ’दूल्हे की तलाश’ शुरू करते हैं। अपने तमाम मिलने जुलने वालों से वे रोशनी के लिए एक अच्छा और ऊंचे खानदान का काबिल लड़का ढूढने के लिए कहते हैं।

तब अनेक प्रकार के बड़े-बड़े खानदान के दूल्हे रोशनी को देखने के लिए आते हैं। लेकिन उन तमाम दूल्हों के माता-पिता श्याम कुमार सिंघानिया से उनकी बेटी रोशनी के बारे में कोई पूछताछ न करते हुए, सिंघानिया की 5000 करोड़ की जायदाद के बारे में ज्यादा पूछताछ करते नज़र आते हैं।

जिससे श्याम कुमार सिंघानिया को एहसास होता है कि वो लोग उनकी 5000 करोड़ की जायदाद के लिए यहां आए हैं ना कि उनकी बेटी रोशनी के लिए।

क्योंकि आने वाले हर दूल्हे के मां-बाप रोशनी के बारे में कोई पूछताछ नहीं करते हैं कि वह कहां तक पढ़ी है? उसे घर के कौन कौन से काम आते हैं? क्या उसे खाना बनाना, बर्तन माजना, कपड़े धोना, झाडू कटका करना आता है या नहीं?

पर जिसे देखो वही उनसे  सिर्फ उनकी  5000 करोड़ की जायदाद के बारे में ही जानकारी लेने में लगा होता है। इस वजह से श्याम कुमार का दिल टूट जाता है और वह निराश हो जाते हैं।

तभी उनके बचपन के दोस्त रामप्रसाद शर्मा की एंट्री होती है। शर्मा- परिवार में उनकी पत्नी सीता, एक बड़ी बेटी त्यागिनी, एक छोटी बेटी गिन्नी, एक छोटा बेटा किसु होते हैं।

रामप्रसाद शर्मा एक प्राइवेट कंपनी में सुपरवाइजर की हैसियत से काम करते हैं और अपना परिवार पालते हैं।

सब सवालों के जवाब में उलझा है ’दुल्हन 5000 करोड़ की’ कहानी का द एन्ड

Suresh garg

रामप्रसाद शर्मा अपने दोस्त सिंघानिया को सलाह देते  हैं कि वे बेटी के लिए सही दूल्हे की तलाश के लिए न्यूज पेपर में विज्ञापन दे दें- जिससे दुनिया भर के दूल्हे उनके पास आएंगे तब उन दूल्हों में से अपनी पसंद का दूल्हा वे ढूंढ़ सकते हैं।

सबको आइडिया पसंद आता है और 5000 करोड़ की दुल्हन के लिए समाचार पत्रों में और टीवी चैनलों पर विज्ञापन दे दिया जाता है। इस विज्ञापन के बाद तो भीड़ लग जाती है।

5000 करोड़ के चक्कर में सैकड़ों दूल्हे मां-बाप के साथ सिंघानिया निवास पर रोशनी का हाथ मांगने आ जाते हैं। तरह-तरह के खानदानी दूल्हों को देखने के बाद उन्हें एक दूल्हा प्रकाश गोयनका पसंद आता है जो भोपाल का रहने वाला होता है।

प्रकाश के पापा विष्णु गोयनका की जायदाद 10,000 करोड़ से ज्यादा की होती है। श्याम सिंघानिया गोयनका के बेटे प्रकाश के साथ बेटी रोशनी का रिश्ता करने के लिए राज़ी हो जाते हैं।

आखिर होते भी क्यों न, उनसे भी डबल जायदाद थी विष्णु प्रसाद गोयनका के पास ! बहुत धूम-धाम से शादी हो जाती है। इस शादी में 500 करोड़ रुपये खर्च कर डालते हैं श्याम कुमार सिंघानिया और दहेज में अपनी 5000 करोड़ की वसीयत देते हैं अपने समधी को।

अब विष्णु प्रसाद गोयनका, जिसने अपने आपको 10,000 करोड़ का नकली मालिक बताकर अपने नालायक बेटे की शादी तो करवा दिया इतने बड़े खानदान में, लेकिन उसे दहेज के नाम पर मिला क्या? 5000 करोड़ की जायदाद की वसीयत में लिखी 5000 करोड़ की जायदाद भी ऐसी जो पता नहीं कब उनकी होगी?

अब विष्णुप्रसाद गोयनका 5000 करोड़ की जायदाद पाने के लिए क्या क्या पापड़ बेलता है? कैसे वह सबसे पहले श्याम कुमार सिंघानिया को ठिकाने लगवाता है

फिर रोशनी को अपने रास्ते से अलग हटा कर 5000 करोड़ की जायदाद का मालिक बनने की साजिश रचता है? क्या वह इस साजिश को कामयाब कर पाता है ?

क्या 5000 करोड़ की जायदाद मिल पाती है उसे? इन सब सवालों के जवाब में उलझा है ’दुल्हन 5000 करोड़ की’ कहानी का द एन्ड !

लेखक-सम्पर्क:
ईमेलः bollywoodstoryhouse@gmail.com


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