INTERVIEW: होर्डिंग्स में दीपिका पादुकोण का चेहरा देख खुद का चेहरा देखने की ख्वाहिश जागी -निधि अग्रवाल

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मूलतः उत्तर भारतीय मगर बंगलोर में बसे टायर व्यवसायी पिता की बेटी निधि अग्रवाल बचपन से ही अभिनेत्री बनने का सपना देखते हुए बड़ी हुईं. वह बैंगलोर में मॉडल व डांसर के रूप में व्यस्त थीं, पर 2014 में ‘मिस दिवा’ चुनी जाते ही उन्होने तुरंत मुंबई की राह पकड़ ली। अब बतौर अभिनेत्री उनकी पहली फिल्म ‘‘मुन्ना माइकल’’ 21 जुलाई को प्रदर्शित होने वाली है। इस फिल्म में उन्हें टाइगर श्राफ व नवाजुद्दीन सिद्दीकी जैसे कलाकारों के साथ अभिनय करने का अवसर मिला है।

आप मॉडल रही हैं.पर अभिनय की तरफ कैसे मुड़ना हुआ?

मैं बैंगलोर की रहने वाली हूं.मैंने मॉर्केटिंग में बीबीएम किया है.इसके अलावा 4 माह तक फैशन का कोर्स किया.फिर छोड़कर मॉडलिंग व रैम्प शो करने लगी थी। मेरे पिता का टायर का व्यापार है. बचपन से ही मुझे अभिनेत्री बनना था.जबकि घर का माहौल व्यापार का रहा है.इसलिए पढ़ाई पूरी करने के बाद कुछ समय मैंने व्यापार भी किया.लेकिन मुझे लगा कि मैं यह सब क्यों कर रही हूं?वास्तव में हम सभी मध्यमवर्गीय व साधारण परिवार के लोग हैं.हमारे अपने सपने होते हैं.पर हमें पता नही होता कि हम अपने सपनों को कैसे पूरा करें? मुझे अभिनेत्री बनना था,लेकिन मुझे पता नही था कि मैं किस तरह से आगे बढूं?कैसे इस क्षेत्र में आउं?कई बार हमें लगता था कि मुंबई बहुत दूर है.मुंबई में बहुत संघर्ष है.मेरा कोई परिचित भी नहीं है.तो कैसे क्या होगा? कई बार लगा कि मैं अभिनेत्री नहीं बन पाउंगी.फिर मेरा आत्म विश्वास कहता कि मैं अभिनेत्री बन सकती हूं.सच कहूं तो अभिनेत्री बनने की राह तलाषने के बीच मैंने कई तरह के कोर्स करते हुए सिर्फ समय को भरा है।

तो अभिनेत्री कैसे बनी?

सच यही है कि हमें पता ही नहीं था कि अभिनेत्री कैसे बना जाए.मैं बैंगलोर में गाड़ी में आते जाते सड़क के किनारे होर्डिंग्स में दीपिका पादुकोण के चेहरे देखती थी और सोचती थी कि काश मेरे भी इसी तरह के पोस्टर लगें.पर यह समझ नही आ रहा था कि कैसे इस तरह मेरे पोस्टर लगेंगे? पढ़ाई पूरी करने के बाद जब मुझे मॉडलिंग के कुछ अच्छे ऑफर मिले, तो उन्हें देखकर मेरे पास कन्नड़ फिल्मों के ऑफर आने लगे.पर उन फिल्मों की कहानी के अलावा उन फिल्मों में कुछ दृश्य ऐसे थे, जिनकी वजह से मैंने वह फिल्में नहीं की। दूसरी बात मैंने सोचा कि मैंने अभिनय की कोई ट्रेनिंग ली नहीं है,तो कैसे अभिनय कर सकती हूं पर मुझे यह समझ में आया कि मैं बॉलीवुड में हीरोईन बन सकती हूं.तभी मैं ‘मिस दिवा 2014’ चुनी गयी.वहीं पर एक कॉस्टिंग डायरेक्टर से मुलाकात हुई.उसने कहा कि मुंबई आना पडे़गा। एक दिन मैंने अपने माता पिता से कह दिया कि मुझे मुंबई जाना है तो उन्हे बड़ा आश्चर्य हुआ, पर मुंबई आ गयी.अब मेरे करियर की पहली फिल्म ‘मुन्ना माइकल’ प्रदर्शित होने वाली है।

मेरे लिए तो यह इस फिल्म में अभिनय करना किसी सपने के पूरे होने से कम नहीं है.मैं फिल्मां से जुड़ना चाहती थी.पर उसके लिए मैंने प्रयास शुरू नहीं किए थे.जिस तरह से मुझे फिल्म ‘मुन्ना माइकल’ मिली,उससे तो मैं खुद आश्चर्य चकित रह गयी.मुझे लगता है कि मेरी डांस की प्रतिभा ने मुझे यह फिल्म दिला दी.इसमें मुझे सफल कलाकार टाइगर श्राफ के साथ अभिनय करने का मौका मिला.मैने फिल्म को अनुबंधि्ांत किया.दूसरे दिन से वर्कशॉप शुरू हुआ और एक सप्ताह बाद ही हमने इस की शूटिंग शुरू कर दी.अब इसका पहला ट्रेलर आ चुका है,जिसकी लोग काफी तारीफ कर रहे हैं.मैं खुद बहुत उत्साहित हूं।

मुंबई पहुंचने के बाद किस तरह की ट्रेनिंग ली?

-देखिए,मेरे पिता व्यवसायी हैं.पर उनके अंदर कहीं न कहीं कला के प्रति प्रेम भी है.इसलिए मुझे बचपन से ही बहुत कुछ सीखने को मिला. मैंने सात साल तक सोना नामक षिक्षक से बैले डांस सीखा.यह क्लासिकल डांस का एक फॉर्म है. अब मेरी बहन उनसे बैले डांस सीख रही है.फिर मैंने कत्थक,जॉज, भरत नाट्यम भी सीखा.मुंबई आने के बाद मैंने अभिषेक पांडे से अभिनय की टे्निंग ली।

फिल्म ‘‘मुन्ना माइकल’’ से ही करयिर की शुरूआत क्यों?

फिल्म साइन करने से पहले मैने स्क्रिप्ट सुनी थी.और इसकी स्क्रिप्ट इतनी अच्छी है कि कोई भी अभिनेत्री इसे करने से मना न करती.जब नवाजुद्दीन सिद्दिकी जैसे ने जब ‘मुन्ना माइकल’करने के लिए हामी भर दी,तो मेरे मन में कोई संषय नहीं रह गया.फिर टाइगर श्राफ जैसे सफल कलाकार के साथ काम करने का अवसर था.मेरे लिए यह सपना पूरा होने जैसा मौका था.ऐसी फिल्म को मैं तो क्या कोई भी अभिनेत्री न छोड़ती.यह तो अच्छा था कि निर्माता नई अदाकारा चाहते थे.अन्यथा स्थापित अभिनेत्रियां भी इस किरदार को निभाना चाहतीं.वैसे भी मुझे यह कमर्शियल सिनेमा बहुत पसंद है।

फिल्म‘‘मुन्ना माइकल’’में आपका अपना किरदार क्या है?

मैने इसमें डॉंसर डॉली का किरदार निभाया है.फिल्म में मेरे,टाइगर व नवाजुद्दीन सिद्दिकी के बीच एक त्रिकोण भी है.इसमें काफी रोचकता है.इस त्रिकोण में प्यार,दोस्ती,आकर्षण भी है.मेरे किरदार को डॉंस के टीवी रियालिटी शो को जीतना है,उसके बाद अभिनेत्री बनना है.वह छोटे शहर से है,मगर उसके सपने बहुत बड़े हैं।

हिंदी फिल्मों में एक्सपोजर बहुत होता है.उसको लेकर आपकी अपनी क्या सोच है?

मेरी अपनी कुछ सीमाएं हैं,मगर इस फिल्म में बहुत ज्यादा एक्सपोजर नही है.कुछ इंटीमसी व किंसंग सीन है.सच कहूं तो मैं अभी स्पष्ट रूप से अपनी सीमाओं को लेकर कुछ कह नहीं सकती.मेरा मानना है कि कलाकार के तौर पर हमें उस किरदार के साथ न्याय करना चाहिए,पटकथा की मांग को पूरा करने के लिए हमें तैयार रहना चाहिए.ते जैसे जैसे नई फिल्में मिलेंगी,उनकी पटकथाएं पढ़ूॅंगी,वैसे वैसे मुझे अपनी सीमाओं को लेकर कुछ कहने में आसानी होगी.पर मैं बहुत खुले दिमाग की हूं.लेकिन इस तरह का एक्सपोजर नहीं करूंगी,जो अश्लील हो।  

आपके माता पिता ने आपके अभिनेत्री बनने पर क्या कहा?

-बहुत खुष हैं.फिल्म के टे्लर लांच पर मेरे माता पिता व छोटी बहन आयी थी.उन्होनें मुझसे कहा कि उनके दिमाग में कल्पना नही थी कि मैं ऐसा अच्छा काम कर सकती हूं।

शूटिंग के अनुभव क्या रहे?

-मैजिकल अनुभव रहे.बहुत ही खूबसूरत किरदार है.सेट पर हमने खूब इंज्वॉय किया।

आपके पसंदीदा कलाकार?

-रणबीर कपूर के संग फिल्म करने की तमन्ना है.वह लीजेंड हैं,मगर मैं उनके स्तर की कलाकार बनने का प्रयास करुंगी.शाहरुख खान की बहुत बड़ी प्रशंसक हूं।

कोई दूसरी फिल्म?

-दो फिल्मों की बात चल रही है. पर अभी तक साईन नहीं की है.

षान्तिस्वरुप त्रिपाठी

 


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Mayapuri

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