जाने माने साउंड रिकार्डिस्ट डी. ओ.भंसाली का निधन

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गायिका लता मंगेशकर , एफडब्लूआइसीई और आइडा ने जताया शोक

मुम्बई, हिन्दी फिल्मों के जाने माने साउंड रिकार्डिस् डी. ओ.भंसाली उर्फ धीरजल ओसवाल भंसाली का यहां 4 मई को निधन हो गया।वे 93 साल के थे। डी. ओ.भंसाली मुम्बई के ताड़देव स्थित फेमस लेबोरेटरी से ज़ुड़े थे और उन्होंने सभी म्यूजिक डायरेक्टरों के साथ काम किया था। उनके निधन पर गायिका लता मंगेशकर , फेडरेशन ऑफ़ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉयज के प्रेसिडेंट बी.एन. तिवारी,जनरल सेक्रेटरी अशोक दुबे और ट्रेजरार गंगेश्वरलाल श्रीवास्तव तथा ऑल इंडिया डबिंग आर्टिस्ट एशोसिएशन (आइडा) की प्रेसिडेंट श्रीमती चम्पा तिवारी
ने गहरा दुख जताया है।

डी. ओ.भंसाली ने कई यादगार फिल्मो का साउंड रिकार्डिंग किया था जिसमे हिन्दी फ़िल्म देख कबीरा रोये, हावड़ा ब्रिज,जंगली, रजिया सुल्तान, जब प्यार किसी से होता है,हरियाली और रास्ता, साहिब बीबी और गुलाम, आरजू, हिमालय की गोंद में, जब जब फूल खिले, गुमनाम, पारसमणि , फूल और पत्थर, तीसरी मंजिल, सत्यम शिवम सुंदरम, मिस्टर नटवरलाल, गंगा जमुना सरस्वती, रोटी, पाकीजा, महबूब की मेंहदी, प्रतिज्ञा, ज्वेलथिप, मेरा नाम जोकर और सत्यम शिवम सुंदरम आदि प्रमुख है।लता जी ने ट्वीट करके लिखा- हमारी इंडस्ट्री के बहुत मशहूर साउंड रिकॉर्डिस्ट डीओ भंसाली जी का निधन हुआ। यह सुनकर मुझे बहुत दुख हुआ। उन्होंने मेरे कई फ़िल्म गाने रिकॉर्ड किये। वो बहुत अच्छा रिकॉर्डिस्ट थे। मीनू कतरक जी, जिन्हें हम मीनू बाबा कहते थे, उनके वो असिस्टेंट थे।
लता जी ने आगे बताया कि मीनू बाबा के रिटायरमेंट के बाद भंसाली जी चीफ रिकॉर्डिस्ट बन गये थे। वो एक भले इंसान थे। हमसे उनके बड़े अच्छे संबंध रहे थे। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।


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Mayapuri

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