ओ.पी. रल्हन की “जरूरत” – रीना रॉय

1 min


e8f088466fd6

 

 

 मायापुरी अंक 11.1974

ओ.पी रल्हन आजकल हाथ धोकर रीना रॉय के पीछे पड़े है। मतलब यह कि रल्हन साहब रीना रॉय की ओर विशेष ध्यान दे रहे है। उसे अपनी मोटर में घर से लेने जाते है, छोड़ने जाते है। इतना ही नही, रल्हन साहब से रीना रॉय से वायदा किया है-“जहां तुम्हें इशारा नही पंहुचा सका, मैं तुम्हें वहां पहुंचा दूंगा ! अब आप अपनी गद्दी खुजाइए और बैठकर हिसाब लगाइए कि इशारा ने (‘जरूरत’ याद कीजिए) रीना को कहां छोड़ा है और रल्हन साहब उससे आगे कहां पहुंचायेगे। रल्हन ने ‘तलाश’ बनाई तो पूरी दुनिया में गीत गा दिये एक करोड़ की लागत से बनी महान फिल्म इस पर राजकपूर ने अपना कमेंट भी दिया था “यह शख्स अपने को जाने क्या समझता है इतना रूपया मैंने अपनी लड़की की शादी में खर्च कर दिया होगा। एक व्यक्ति ऐसा भी था जिसने फिल्म बनाते समय पैसे और टाइम को कोई महत्व नही दिया वह व्यक्ति था के. आसिफ आसिफ साहब ने ‘मुग्ले आजम’ जिस तबियत ने बनाई उसकी कहानी किसी से छिपी नही है। इस फिल्म के निर्माण में दस वर्ष और डेढ़ करोड़ रुपये के बराबर) लगा था। आपको यह मालूम न होगा कि आसिफ साहब बीड़ी पीने के बहुत शौकीन थे। जब भी वह मानसिक तनाव में होते थे, एक के बाद एक बीड़ी फूंकते चले जाते थे।


Like it? Share with your friends!

Mayapuri

अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिये