पहले अधिक कम्पटिशन बढ गया आशा पारेख

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ashaparekhmain

 

मायापुरी अंक 43,1975

तारदेव एयरकंडिशड मार्केट में जेम मूवीज़ के कार्यालय में आशा पारेख से भेंट हो गई (याद रहे आशा पारेख जेम मूवीज़ वितरण संस्था में पार्टनर हैं)

हमने उनसे कहा।

‘कटी पतंग’ में आपने इतना अच्छा अभिनय किया था कि उस पर आपको बेस्ट अभिनेत्री का ‘फिल्म फेयर अवार्ड’ मिला था। किंतु इसके बावजूद बतौर हीरोइन के आपकी जितनी फिल्में आनी चाहिए थीं वे नही आई इसके क्या कारण है?

कारण सीधा-साफ है। फिल्म शो बिजनेस है और यहां पहले की अपेक्षा कम्पटीशन भी बढ़ गया है नई लड़कियों ने अपने को इतना ‘चीप’ करके पेश किया है कि हम उसकी कल्पना भी नहीं कर सकते। ऐसे में समय से समझौता ही ठीक रहता है। ‘कटी पतंग’ से मेरी ग्लैमरस हीरोइन की इमेज टूट गई। मैं खुश हूं कि मुझें अब अच्छे भावना प्रधान चित्र मिल रहे हैं। ‘अनजान राहें’ में मेरा ऐसा ही रोल था। यह सब उसी की देन है। इस समय में लगभग 10-12 फिल्मों में काम कर रही हूं।

आशा पारेख ने सोत्साह बताया।

आपकी आने वाली फिल्मों में आपकी पसंद के अनुसार किस-किस में अच्छे रोल हैं।

हमने पूछा।

मैं अब फिल्म वही ले रही हूं जिसका रोल मुझें अच्छा लगता हैं और सुनने पर सीधा दिल को छूता है। फिल्म ‘जख्मी’ में मेरा ऐसा ही रोल हैं। ‘जख्मी’ में मैं एक स्कूल टीचर हूं। जो एक मर्द से मिलती है जो उसकी तरह प्यार का भूखा है। दोनों करीब आ जाते हैं। किंतु शादी का सुख भोगने से पूर्व ही वह आदमी गिरफ्तार हो जाता है। फिर किस तरह वह ज़ख्मी टीचर और वह आदमी जिंदगी में मिलते हैं। ‘जख्मी’ के अलावा ‘डाकू और महात्मा’ ‘बदला और बलिदान’ ‘ज़लज़ला’ ’गुनाहगार’ आदि फिल्मों के पात्रों से भी मैं पूर्ण रूप से संतुष्ट हूं। आशा पारेख ने कहा।


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