आप मेरी शादी के बारे में कह रहे हैं ? – हेमा मालिनी

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मायापुरी अंक 19.1975

इन दिनों धर्मेन्द्र के नाम को लेकर हेमा मालिनी काफी चर्चित हैं।

कुछ दिनों पूर्व जीतेन्द्र के साथ उनकी शादी की खबरें खूब छपी। उसके पूर्व क्रिकेट के एक खिलाड़ी वैंक्ट राघवन के अलावा संजीव कुमार के लिए भी काफी हो हल्ला हुआ था। एक खबर यह थी कि मुमताज का तथाकथित भाई रूपेश कुमार भी हेमा मालिनी से ब्याह रचाना चाहता है। वैसे हेमा मालिनी से शादी करने वालों की सूची काफी लम्बी है। मगर देखना यह है कि वह शादी किससे करती हैं?

बात की गहराई तक पहुंचने के लिए मैं हेमा मालिनी को मिला। हेमा से यह मेरी पहली मुलाकात नही थी। इस मुलाकात में मुझे प्रतीत हुआ कि हेमा मालिनी में काफी परिवर्तन आ गये हैं। समय और प्रसिद्धि के साथ साथ उनके रूप, रंग और बुद्धि में भी फर्क आ गया है। शायद ‘सीता और गीता’‘राजा रानी’‘दोस्त’‘प्रेम नगर’‘अमीर गरीब’ फिल्मों की आशतीत सफलता ने उनका दिमाग सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।

मैनें खुद अपनी आंखो से देखा है। उनके फ्लैट के बाहर प्रोड्यूसर अपनी कार मैं बैठे अपनी बारी की प्रतीक्षा कर रहे हैं और अन्दर हेमा के ड्राइंग रूप में भी प्रोड्यूसर बैठे हैं। लेकिन हेमा इन सबसे अलग अपने मेकअप रूम में मेकअप में व्यस्त हैं। उन्हें इनकी परवाह नहीं।

सब हैरत करते हैं कि ‘सपनों की सौदागर’ की यह फ्लॉप हीरोइन आज सर्वाधिक लोकप्रिय, व्यस्त एवं हिट स्टार है।

19 अक्टूबर 1979 के दिन त्रिचनापल्ली के करीब जियापुरम नामक गांव में जन्मी हेमा (बकौल हेमा मालिनी, हालांकि अभिनेत्रियां कभी अपनी सही उम्र नही बताती) को राज कपूर ने अपनी फिल्म ‘मेरा नाम जोकर’ के लिए चुना था। लेकिन स्क्रीन टैस्ट के बाद राज साहब ने इतना ही कहा कि काश यह लड़की अच्छी तरह से हिन्दी बोल पाती।

बात जमी नही। लेकिन संयोग से हेमा की पहली फिल्म के हीरो राज कपूर ही थे। अब तो राज कपूर के साथ-साथ फिल्म के निर्देशक महेश कौल ने भी उस पर काफी परिश्रम किया और उन्हें हिन्दी सिखाई। यही नही हेमा के स्वभाव, आदत व बोल चाल के अनुसार उन्होनें फिल्म में उनकी भूमिका में भी काफी परिवर्तन किया। नायिका को बंजारिन बनाया और संवाद में ग्रामीण टच दे दिया तब तक कही हेमा अभिनय कर सकीं, संवाद बोल सकीं।

मैंने हेमा से एक गोलमाल सा प्रश्न पूछा।

हेमा जी आपको अनंत स्वामी के बंधन से तो मुक्ति मिल गईं लेकिन एक और अनुबंध तो अभी बाकी है?

हेमा चौंकी।

‘कौन सा’

वही जो अपने माता पिता के साथ किया है।

मैं समझी नही। आप क्या कहना चाहते हैं?

मैनें प्रश्न स्पष्ट किया।

हिन्दू-संस्कृति का ऐसा कायदा है कि जब किसी परिवार में लड़की का जन्म होता है तो उसी दिन उसके और उसके माता-पिता के बीच एक मौन-अनुबंध हो जाता है कि जवान होने के बाद मैं ससुराल

अच्छा-अच्छा तो साफ-साफ कहिए न कि आप मेरी शादी के बारे में कह रहे हैं? हेमा ने मेरी बात समझते हुए मुस्कुरा कर कहा।

मैनें तुरन्त कहा।

लेकिन आपके साथ तो बड़ी अजीबो गरीब उलझन हैं।

यही की आप किससे शादी करेंगी क्योंकि आपसे प्रेम करने वालों की संख्या बहुत ज्यादा है। सुना है कि इन दिनों धर्मेन्द्र से आपको बहुत ज्यादा लगाव हो गया है। कहते हैं कि आप धर्मेन्द्र से शादी कर रही हैं ?

यह सब बेकार है लोग तिल का ताड़ बना देते हैं?

चलो माना कि तिल का ताड़ बना देते हैं, लेकिन हेमा जी ‘तिल’ है न, तभी तो ताड़ बनाया गया।

मेरे तर्क पर हेमा ने बुरा-सा मुंह बनाया फिर बोलीं,

यह सही है कि तिल है लेकिन जिस रूप में तिल है उसी रूप मे ताड़ बनाया जाना चाहिए न। उसका रूप क्यों बदला गया. धर्मेन्द्र और मेरी जोड़ी खूब जमती है इसलिए बुरे लोगों को तकलीफ होती है। कुछ रुक कर हेमा बोलीं।

वैसे तो मै बचपन से ही राजेन्द्र कुमार को पसन्द करती हूं, लेकिन उनका मतलब यह तो नही कि उनके साथ भी मेरा नाम जोड़ दिया जाये।

लेकिन संजीव कुमार से तो आप की शादी की बात भी चली थी?

मेरा ख्याल है यह बात बहुत पुरानी हो चुकी है, इसे दुबारा छेड़ना उचित नही रहेगा। हेमा यह कहकर खामोश हो गयीं। और यह खामोशी मुझे खल गयी। मैंने उन्हें पुन: कुरेदना शुरू किया,

तो ठीक है धर्मेन्द्र के बारे में ही बात की जाये।

नही तो मैं यह भीतो नही कहती। लेकिन आप पत्रकार जानबूझ कर क्यों मुझे धर्मेन्द्र के साथ ज्यादा घसीट रहे हैं। यह और बात है कि धर्मेन्द्र से मेरी बहुत अच्छी दोस्ती हैं

जी हां तभी तो उनका घर भी आपके पास में है, लेकिन सुना है कि प्रात: जब वे टेनिस खेलने जायेगें तो आपके घर चाय पीने जरूर आयेगें।

यह ठीक है और आते ही कहेगें डोसा भी खिलाओ, चाय भी पिलाओ,

मैनें यह भी सुना था कि धर्मेन्द्र आपसे तामिल सीखना चाहते हैं ?

चाहते तो हैं लेकिन उनके पास समय कहां ?

मैनें पुन: बात बदली,

आप धर्मेन्द्र से पहली बार कहां मिली थी ?

फिल्म ‘आसमान महल’ के प्रीमियर पर।

पहली मुलाकात में वे आप को कैसे लगे?

पहली मुलाकात में ही धर्मेन्द्र ने मुझे बहुत प्रभावित किया। मैनें उनके व्यक्तित्व में एक विशेष आकर्षण महसूस किया है। ‘तुम हंसी में जवां’ में पहली बार हम एक साथ आयें।

उनके साथ काम करने में बड़ा आनंद आता है वे कभी भी अपने साथी कलाकार पर हावी होने की कोशिश नही करते। और न ही किसी तरह का दबाव डालने की कोशिश करते हैं और यही वजह है कि हमारी दोस्ती बढ़ती गयी अब यदि कोई उसे गलत रूप दे तो मेरा क्या दोष?

आपका कहना ठीक है, तो हम यह मान लें कि आप धर्मेन्द्र से

हेमा ने बीच में ही बात काटी,

‘यह बेकार का प्रश्न है’

तो क्या आप शादी ही नही करेंगी ?

अरे वाह, शादी क्यों नही करूंगी, लेकिन अभी काफी समय है। और जब करूंगी तब अपनी गृहस्थी के लिए फिल्मों से सन्यास ले लूंगी। फिर भगवान की जैसी मर्जी।

हेमा मालिनी में एक विशेष गुण यह है कि वह किसी की खुशामद नही करती। और यही वजह है कि राजेश खन्ना के टाप के दिनों में, वह राजेश खन्ना के साथ सिर्फ एक फिल्म में काम करके रह गयीं। हेमा ने एक बार कहा था कि मैं उनकी खुशामद करूंगी कि राजेश एक दो फिल्में मेरे साथ और कर लीजिए ना। लेकिन यह बात मुझे पसन्द नही। क्योंकि मुझे अपने आराध्य देव पर विश्वास है।

हेमा अपने अराध्य देव की आराधना नियमित रूप से करती हैं। जब कभी वह अपने गांव जाती हैं तो अपने यहां बड़े बूढ़ो के सामने आरती सुनाने के साथ-साथ नृत्य भी प्रस्तुत करती हैं। इसके अलावा वह भारत के तीनों राष्ट्रपति के सामने अपनी नृत्य कला का प्रदर्शन कर चुकी हैं।

हेमा मालिनी का दो मंजीला बंगाल मुंबई की नयी और शानदार बनी जुहू विले पोल स्कीम में है, बंगले के ग्राउंड फ्लोर में उनका दफ्तर है। जहां उनके सेकेट्री नरुल बैठते हैं। पास ही में ड्राइंग रूम है। दोनों के बीच लकड़ी के छोटे छोटे टुकड़ों का खूबसूरत पर्दा है उसी से कुछ आगे ऊपर जाने के लिए सीढ़िया हैं। ऊपरी माले पर हेमा का मेकअप रूम और स्लीपिंग रूम है। वही अन्य परिवार वालों के कमरे एवं भोजन कक्ष हैं।

बंगले के बाहर छोटा सा बगीचा है।

यहां इस मकान में हेमा बहुत खुश नजर आती है। यह खुशी यदा कदा उनके जोरदार ठहाके से प्रकट हो जाती है।

 

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Mayapuri