आजकल वैसे ही राशनिंग का जमाना है – महमूद

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मायापुरी अंक 19.1975

नटराज स्टूडियो में शान्ति सागर के कार्यालय में महमूद से मुठभेड़ हो गई। हमने उन्हें‘कुंवारा बाप’ की कामयाबी पर बधाई देते हुए कहा।

सुना है आपने बैंगलौर में दादा मुनि (अशोक कुमार) की सालगिरह अपने अन्दाज में मनाई थी। और बर्थडे केक के तौर पर साधारण केक काटा था। इसके पीछे क्या भावना थी ?

अरे भाई आजकल वैसे ही राशनिंग का जमाना है लोगों को खाने के लिए रोटी ही नसीब नही हो रही है, इसलिए मैनें बचत का यह तरीका निकाला था। और दादा मुनि की सालगिरह के लिए ऐसे केक का इंतजाम किया जो खाने के नही सूंघने के अधिक काम आता है। महमूद ने बड़ी गम्भीरता से कहा। ‘कुंवारा बाप’ के पश्चात आपका क्या प्रोग्राम है ?

एक बेटे के बाद अब छह बेटे और एक बेटी पर्दे पर पेश कर रहा हूं। यह भी बचत का एक तरीका है। महमूद ने कहा और विनोद खन्ना के आने की खबर पाकर क्षमा मांग कर उनसे मिलने सैट पर चला गये।


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Mayapuri

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