यह बाल रल्हन साहब ने नही कटवाये हैं – जीनत अमान

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मायापुरी अंक 19.1975

आर.के. स्टूडियो में फिल्म ‘पापी’ के सैट पर जीनत अमान मटकती हुई फिर रही थी। उनके लड़कनुमा बाल देखकर ऐसा लगता था कि कोई हसीन लड़की किसी हसीना की तलाश में है। वह जरा चैन से बैठी तो हमने उनसे कहा, आपके बालों ने तो अच्छा खासा आपको लड़का बना दिया है। रल्हन साहब ने आपको ऐसा क्या रोल दिया है। जो आपने उनके कहने पर अपने बाल कटवा दिये?

रल्हन साहब जीनत ने हैरत से कहा, जनाब यह बाल रल्हन साहब ने नही कटवाये हैं मैं जो काम करती हूं अपनी मर्जी से करती हूं जब मैं अपनी पसन्द से विग बनवा सकती हूं तो अपनी मर्जी से बाल भी कटवा सकती हूं।

इस समय आप शायद अकेली हीरोइन हैं जिसकी एक साथ तीन फिल्में एक साथ शहर में चल रही हैं। क्या आप इस से बेखबर हैं। हमने विषय बदल कर पूछा, आपको उनमें अपने तौर पर कौन सी फिल्म ज्यादा पसन्द हैं?

मुझे क्या पसन्द है इससे कोई फर्क नही पड़ता किन्तु जनता को जो पसन्द आ जाए उससे बहुत फर्क पड़ता है। इस हिसाब से ‘रोटी कपड़ा और मकान’ बेशक एक कामयाब फिल्म है जिसके लिए मनोज जी बधाई के पात्र हैं। जीनत अमान ने बताया।

इसका मतलब है कि मनोज कुमार एक अच्छे और कामयाब फिल्म मेकर हैं। क्यों नही ख्याल है ना आपका हमने कहा।

इसमें शक नही कि मनोज जी एक अच्छे निर्देशक हैं। और यही नही वह कलाकार से काम लेना जानते हैं, किन्तु देव साहब भी गजब के डायरेक्टर हैं। और शक्ति दा भी अपना काम बहुत अच्छी तरह जानते हैं। मुझे निजी तौर पर ‘अजनबी’ की कहानी बहुत पसन्द आई थी। और शक्ति दा ने बहुत अच्छी बनाई है। लेकिन मैंने कहा न हमारी पसन्द कोई मायने नही रखती। असली पसन्द तो जनता की ही मानी जाती है। इसलिए कोई बड़े से बड़ा निर्माता या निर्देशक भी यह नही कह सकता कि कौन सी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट होगी और कौन सी फ्लॉप। अपने तौर पर सब ही हिट फिल्में बनाते हैं। जीनत अमान ने ‘इश्क इश्क इश्क’ की असफलता को अपनी चतुराई से छुपाते हुए कहा।


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Mayapuri

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