सरफिरी फरियाल का फैन है अमिताभ बच्चन –देवेन वर्मा

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मायापुरी अंक 44,1975

दोस्तों, आप लोगों ने आज तक ‘मायापुरी’ के इन पन्नो में शूटिंगों का आंखो देखा हाल तो कई बार पढ़ा होगा। लेकिन आज हम आपको शूटिंग में चल रही शूटिंग की बात सुनाने जा रहे हैं। अनोखी शूटिंग पिछले दिनों हमने राजकमल स्टूडियो में उस समय देखी जब हम, निर्देशक और निर्माता देवेन वर्मा के विशेष रूप से बुलावे पर वहां पहुंचे।

यह शूटिंग स्टूडियो में बिना कोई सेट लगवाये स्टूडियो के कम्पाउंड में ही की जा रही थी। चार-पांच तम्बू लगवाकर अरबियान कास्टयूम का दृश्य बनाने का प्रयास किया गया था। इन्हीं तम्बुओं के बीच में नर्तकी फरियाल भी अरबियन वेषभूषा में खड़ी नजर आयीं। पास ही फिल्म के नायक अमिताभ बच्चन भी खड़े हुए थे। देवेन वर्मा ने कलाकारों को शॉट समझाया और शूटिंग शुरू कर दी गयी।

जैसे ही क्लैपर बॉय क्लैप देकर सामने से हटा तुरंत ही हमे एक दूसरा क्लैपर बॉय क्लैप देकर हटता हुआ नजर आया। अभी हम इस डबल क्लैपिंग के बारे में सोच ही रहे थे कि हमारी नजरों ने कुछ और भी अजीब चीजें देखी। यहां एक नहीं दो कैमरे नज़र आये। एक निर्देशक देवेन वर्मा तो थे ही, एक अन्य महोदय भी निर्देशक के रूप में नज़र आए।

लगता है, आपको हमारी बात समझ में नही आ रही है। ठीक आप की तरह हम भी पहले हैरान थे कि आखिर यह माजरा क्या है? यह दो कैमरे को क्यों चल रहे हैं, और यहां निर्देशकों की क्या आवश्यकता आ है। और यह डबल क्लैपिंग भी क्यों है?

हमने अपनी इस हैरत को जब देवेन वर्मा पर प्रकट किया तो मुस्कुराते हुए बोले, भाईसाहब यहां शूटिंग में शूटिंग चल रही है। मतलब यह है कि मेरी इस फिल्म में फरियाल एक अभिनेत्री का रोल कर रही हैं जो कुछ सरफिरी किस्म की हैं। आज यहां इस फिल्म अभिनेत्री को शूटिंग करते हुए दिखाया जा रहा है। इसलिए इस सीन में भी वह सारी चीजें दिखाई जा रही है जो शूटिंग के लिये प्रयोग में आती हैं।

शूटिंग में शूटिंग वाली बात समझने के बाद हमने देवेन से पूछा, फिल्म अभिनेत्री फरियाल तो इस सीन में शूटिंग करती हुई दिखाई जा रही हैं, परंतु अमिताभ बच्चन यहां खड़े क्या कर रहे हैं?

यह महाशय फिल्म में इस अभिनेत्री के जबरदस्त फैन हैं। जहां कही भी इस अभिनेत्री की शूटिंग होती है यह वहां पहुंच जाते हैं और आज भी यह यहां इस अभिनेत्री की शूटिंग देखने को पधारे हैं।

इसी तरह शूटिंग देखते-देखते अमिताभ ने इस अभिनेत्री से अपना परिचय भी बढ़ा लिया है। और दोनों में खासी दोस्ती भी हो गयी है?

लेकिन देवेन जी, जैसा कि मैं जानता हूं आपकी इस फिल्म की नायिका तो शर्मिला टैगोर हैं, फिर अमिताभ को इस सरफिरी हीरोइन ये परिचय बढ़ाकर दोस्ती करने की क्या आवश्यकता है?

फिल्म की कहानी के मुताबिक विलेन, जो अमिताभ के बाप का खून करवा देता है, इस हीरोइन को अपनी रखैल बनाये हुए है। चूंकि विलेन तक पहुंच पाना अमिताभ के लिये बहुत कठिन बात है। इसीलिए वह इस हीरोइन से परिचय बढ़ाकर उस तक पहुंचना चाहता है। ताकि वह विलेन से अपने बाप के खून का बदला ले सके।

देवेन वर्मा से जैसे ही हमारी बातचीत खत्म हुई शूटिंग दोबारा शुरू कर दी गयी। जिसे देखने में हम भी मगन हो गये। सीन यूं शुरू हुआ कि शूटिंग में चल रही शूटिंग में फिल्म अभिनेत्री को कैमरे के सामने सिर्फ एक छोटा-सा डॉयलाग बोलना है कि शहजादे तुम ही तो हो जिससे मैं मोहब्बत करती हूं।

अभिनेत्री कुछ सरफिरी यानि दिमाग की इतनी कमजोर है कि इतने छोटे से डॉयलाग को बोलने में भी अड़तालीस बार गलती कर चुकी है। हर बार वह एक दो शब्द बोलकर डॉयलाग भूल जाती है। और डायरेक्टर को दोबारा शॉट लेना पड़ता है। जिसकी वजह से यूनिट के सारे लोग झुंझलाये हुए से लगते हैं।

निर्देशक एक बार फिर हीरोइन को डॉयलाग याद कराता है, और फिर जब दोबारा शूटिंग शुरू होती है तो क्लैप बोर्ड पर सीन ने बत्तीस, शॉट न. और टेक न. 47, लिखा हुआ दिखाया जाता है।

एन उस समय जब पच्चीसवें ठेक में हीरोइन किसी तरह डॉयलाग पूरा करने की करीब होती है कि उस की नज़र कैमरे के पीछे खड़े, शूटिंग देख रहे, उनके फैन अमिताभ बच्चन पर पड़ती है और वह कैमरे के सामने डॉयलाग पूरा होते-होते भी हाय कहकर (डॉयलाग कट हो जाने की परवाह किये बगैर) अमिताभ को सम्बोधन कर बैठती। और साथ ही बड़े रौब के साथ निर्देशक से कहती है कि, भई आज शूटिंग पैकअप कर दी जाए बाकी की शूटिंग फिर कभी होगी। और इस तरह उस शूटिंग में की शूटिंग का यह सीन पच्चासवी बार भी पूरा होते-होते अधूरा रह जाता है।

दोस्तों शूटिंग देखना तो एक बोरियत का काम है ही। लेकिन शूटिंग देखकर हम इतने बोर हो गए कि इस शॉट के खत्म होते ही हम देवेन वर्मा से आज्ञा लेकर तुरंत स्टूडियो से बाहर चले आए।

इस फिल्म का नाम ‘बेशर्म’ रखा गया है जिसके निर्माता, लेखक और निर्देशक देवेन वर्मा हैं। संवाद लिख रहे हैं डॉ राही मासुम रजा। संगीतकार हैं लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल।

मुख्य कलाकार हैं, अमिताभ बच्चन, शर्मिला टैगोर, बिंदु, फरियाल, निरुपारॉय, ए.के.हंगल, इफ्तिखार, इम्तियाज, मोहन चोटी और खुद देवेन वर्मा शर्मिला टैगोर इस फिल्म में पहली बार एक भिखारन का रोल कर रही हैं।


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Mayapuri

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