धर्मेन्द्र असली मर्द हीरो है।

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Dharmendra

 

मायापुरी अंक 3,1974

धरती के इन सितारों में आकाश के सितारों जैसी चाहे चमक न हो किन्तु आकर्षण उनसे ज्यादा होता है. एक दफा तो उनसे बात करने वाला सोच में पड़ जाता है क्योंकि उसकी वैसी ही हालत होती है जैसी किसी आशिक की उसके महबूब के सामने होती है।

तुम मुखातिब भी हो करीब भी हो।

तुमको देखूं कि तुम से बात करूं

उस दिन आपका सबसे आकर्षक हीरो धर्मेन्द्र सैट पर हसीन लड़कियों में घिरा बैठा था आपकी फिल्मों का निडर और बेबाक हीरो उनके बीच बड़ी घुटन-सी महसूस कर रहा था। क्योंकि उस समय उसके बदन पर कपड़ों के नाम पर केवल एक स्कर्टनुमा कपड़ा लिपटा हुआ था और उसका सारा मर्दाना सौन्दर्य आंखों को (लड़कियों) चकाचौधं कर रहा था उसका चौड़ा चकला सीना, सुडौल बाजू आज कपड़ो की कैद से मुक्त दावते नजारा दे रहे थे (खुदा नजरे बद से बचाए) यह ‘धर्मवीर’ का धर्मेन्द्र था जो फिल्म में एक लौहार के लड़के की भूमिका निभा रहा है। लौह पुरूष ने हमें देखा तो शायद कुछ जान में जान आई। अगले शॉट में कुछ देर थी। बोले ‘चलो मैकअप रूम में बैठकर बातें करेंगे। हम दोनों सैट से एयरकंडिशंड मेकअप रूम में आ गए।

‘धर्मजी यह हुलिया बना रखा है? मैंने बातों का सिलसला छोडतें हुए कहा. ,‘क्या करें यार ! धन्धा ही ऐसा है। जैसा भाई लोग करवाते है करना पड़ता है। सीन की डिमांड पर लड़कियों तो सब कुछ कर दिखाने की बातें करती है। मैं भी सीन की डिमांड पूरी कर रहा हूं अभी थोड़ी देर बाद इस नंगे बदन पर जीनत अमान कोड़े बरसायेगी क्योंकि एरिना में जीतने में पर मैंने उसके भाई से उसका हाथ मांग लिया था। भला किसी राजकुमारी का हाथ कोई लोहार का लड़का मांग सकता है। उसी की सजा वह और उसका भाई (देवकुमार) देने वाले है धर्मेन्द्र ने सविस्तार बताते हुए अपने चमचमाते शरीर की ओर देखते हुए कहा।

‘क्या मनोरंजन गर्ल का भी ऐसा ही ड्रेस होगा ? हमने जिज्ञासापूर्वक।

‘अरे नही! भला राजकुमारी क्या ऐसा लिबास पहनती है। वह तो सिर से पैर तक ढकी हुई पोशाक पहने हुए है, उसकी कमी मै पूरी कर रहा हूं धर्मेन्द्र ने हंसते हुए कहा।

‘धर्मजी हमने आज यह अजीब तमाशा देखा कि लड़कियों का रसिया, बिस्तर का क्रीड़ा गरम वर्म सैट पर लड़कियों की मौजूदगी में कुछ नर्वस-सा, शर्माया-सा था ! इसकी क्या वजह है? हमने पूछा।

‘यार मैं बड़ा सीधासाधा नरम-सा इन्सान हूं किन्तु पता नही क्यों मुझे कुछ अखबार वालों ने गरम धर्म बना रखा है। मुझे अपने बारे में ऐसी ऊटपंटग बातें पढ़ कर बड़ा दुख होता है धर्मेन्द्र ने दुखी स्वर में कहा।

‘अगर कुछ ऐसी बात है और आपके नाम को गलत तौर पर उछाला जाता है तो आप अपने इन्टरव्यू में उसका खंडन क्यों नही करते क्योंकि आगे आपका नाम किसी न किसी हीरोइन के साथ जुड़ा नजर आता है ! हमने कहा।

‘मैं तो एक बात जानता हूं कि क चुप सी को हराती है. अगर हम किसी बात का खंडन करें तो लोग उसे और ज्यादा उछालते है। लेकिन इसका यह मतलब नही कि मुझे बोलना नही आता। मैं जब बोलता हूं तो कफन फाड़ कर बोलता हूं फिर मैं ताअल्लुकात की परवाह नही करता। ईमानदारी से सबकुछ बता देता हूं धर्मेन्द्र ने भावुक होकर कहा।

‘अगर यह बात है तो आप जीतेन्द्र और हेमा की शादी के बारे में कोई बयान देकर पॉजीशन साफ क्यों नही कर रहे ? जबकि जीतेन्द्र कहता फिरता है कि उसकी शादी आपकी वजह से रूकी है हमने मौका देखते ही प्रश्न कर डाला।

मैं जानता हूं कि कीचड़ में पत्थर मारने से अपने पर भी कीचड़ उड़ कर लग जाती है। इसलिए ऐसा कोई काम नही करता जिससे कोई वाद-विवाद खड़ा हो जाए। दरअसल मैं जिस चीज को पसन्द नही करता हूं क्योंकि मेरी कही बात से किसी का दिल दुखे, यह मुझे अच्छा नही लगता। धर्मेन्द्र ने सुलझे हुए स्वर में कहा।


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Mayapuri

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