मैं का करूं मैं कित जाऊं हेमा मालिनी

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Hema-Malini_01

 

मायापुरी अंक 16.1975                                              

जब से हेमा-जितेन्द्र कान्ड हुआ है हेमा के साथ साथ उनकी मां भी पब्लिसिटी हासिल कर रही हैं। लोगों ने उन्हें बदनाम करना शुरू कर दिया है और कहने लगे हैं कि मिसेज जया चक्रवर्ती सोने का अंडा देने वाली मुर्गी को हाथ से नही जाने देना चाहती। इसीलिये वह उनकी शादी के बीच में कोई न कोई अड़चन अड़ा देती हैं। लेकिन अब हेमा की मां ने फैसला कर लिया है कि वह उनकी शादी करके अलग रहेगी। इस सिलसिले में उन्हें सबसे पहला उम्मीदवार धर्मेन्द्र ही नजर आये और वह दौड़ी दौड़ी उनके पास पंहुची। उन्होनें धर्मेन्द्र को हिदायत दी कि वह या तो हेमा से विवाह कर ले या उसका पीछा छोड़ दे। धर्मेन्द्र ठहरे जाट भाई। वह भला ऐसे लफड़े में क्यों पड़ने लगे। उन्हौंने कह दिया कि मैं ठहरा बाल बच्चेदार आदमी। हिन्दू कोड बिल के मुताबिक एक बीबी के होते हुए किसी दूसरी लड़की से प्रेम तो कर सकता हूं लेकिन विवाह किस तरह कर सकता हूं ।

सुनने में आया है कि मिसेज चक्रवर्ती ने अब हेमा पर पाबन्दी लगा दी है कि वह धर्मेन्द्र से बिल्कुल न मिले। और तो और उन फिल्मों की शूटिंग भी अब खटाई में पड़ गई है जिनमें यह दोनों कलाकार काम कर रहे हैं। हेमा ने अपनी मां से बोलना चालना बन्द कर दिया है। वह उनसे रूठ कर बाहर शूटिंग के लिये मां को बम्बई में छोड़कर अकेली बैंगलोर चली गई और जिस फिल्म की शूटिंग हो रही थी उसमें धर्मेन्द्र के सिवा और कौन हो सकता था। यानि कि धर्मेन्द्र बैंगलोर में उनका इंतजार कर रहे थे। दूसरी ओर मिसेज चक्रवर्ती न हेमा की वर्ष गांठ में धर्मेन्द्र को निमन्त्रित तक नही किया। इस तिकोनी जंग के कारण उन निर्मोताओं की सिटी पिटी गुम हो रही है जिनकी फिल्मों में यह दोनों कलाकार काम कर रहे हैं। यह सोचकर उनका दिल बैठ जाता है कि अगर किसी वजह से हेमा अपनी मां का कहना मानने पर आमदा हो गई तो उनकी फिल्मों का क्या होगा। इस मामले में हेमा चुप हैं। शायद वह यह सोच रही हैं“मैं क्या करूं कित जाऊ

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Mayapuri