मैं विलेन नही हूं-विनोद खन्ना

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vinod khanna

 

मायापुरी अंक 3,1974

स्टूडियो में विनोद खन्ना से मुलाकात हुई। वह इस समय हीरो और विलेन दोनों ही भूमिकाएं सौंपकर एक गलत लेवल लगा दिया था। वह लेवल हटाने में देर तो लगेगी ही, उसके दायरे से निकलने के लिए ही मैंने ‘अचानक’ और ‘इम्तिहान’ जैसी फिल्में ली थी लेकिन मेरे साथ मजबूरी यह है कि मैंने लोगों से संबध कुछ ऐसे बना रखे है कि जो दोस्त निर्माता ऑफर लेकर आते है उन्हें ‘ना’ नही किया जाता। इसी कारण मैं सामाजिक, क्राइम, आदि सभी फिल्मों में काम कर रहा हूं विनोद ने कहा।

‘सुना है परवीन बॉबी, जीनत अमान आदि बड़ी हीरोइनें आपके साथ हीरोइन की भूमिका निभाने से इन्कार कर चुकी है। इसकी वजह क्या है? हमने पूछा।

‘मुझे नही मालूम ! हां एक परवीन बॉबी ने अवश्य इन्कार किया है उसका कहना है कि मैं स्टंट हीरो हूं। हालांकि मेरे क्रेडिट में ‘मेरे अपने ‘अचानक ‘इम्तिहान’ जैसी सोशियल फिल्में भी हैं। मैं जंजीर जैसी फिल्म का इन्तजार कर रहा हूं जिस दिन कोई उसके जैसी आफ बीट फिल्म हिट हो गई अमिताभ की तरह मेरे भी दाग धुल जायेंगे और मुझे उम्मीद है कि 1975 तक मेरा टाइम जरूर आएगा। विनोद ने आत्म विश्वास के साथ कहा।


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Mayapuri

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