फिल्म इंडस्ट्री में नया क्राइसिस

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मायापुरी अंक 5.1974
तस्कारों की गिरफ्तारी से फिल्म इंडस्ट्री एक नये क्राइसिस का शिकार होने वाली है। कहते है फिल्म में ज्यादा-से-ज्यादा काला धन लगा हुआ है और स्मगलर अपने काले धन का ‘सफेद बनाने के लिए फिल्म क्षेत्र में कूद पड़ते है। एक अनुमान के मुताबिक लगभग दो दर्जन फिल्में रुक गई हैं या रुक जायेंगी। ऐसी अधिकतर फिल्मों में सुनील दत्त (उदाहरण-बकिया की फिल्म ‘सोने की लंका’ आदि) संजीव कुमार (मस्तान ग्रुप की फिल्म ‘दिल और पत्थर’ आदि) हीरो है।
अगर इतनी बड़ी कास्ट की फिल्में बंद हो गई तो काफी रुपया ब्लाक हो कर रह जाएगा। यही नही फिल्म को कमी के इस दौर में लाखों रुपये के रॉ स्टाक का अलग नुकसान होने की सम्भावना है।
बम्बई का अप्सरा सिनेमा जब से बना है तब से ही आकर्षण का केन्द्र रहा है। यह थियेटर भावनगर के राजघराने के परिवार ने बनवाया था। इसके मालिकों में एक नीला देवी भी थीं जिससे शम्मी कपूर ने शादी कर ली थी। 1972 में अन्दर-ही अन्दर चक्कर चला कर कुछ स्मगलरों ने यह थियेटर अपनी पत्नियों के नाम से खरीद लिया। यह बात अब पता चली है जब वे स्मगलर पकड़े जा चुके है। (इनमें ज्यादा शेयर पुंजाजी शाह भाइयों का है) गत मास टिकटों की ब्लेक मार्केटिंग के अपराध में इसका लायसेंस कैंसल कर दिया गया है। पहली नवम्बर 1974 से ‘अप्सरा’ में कोई शो नही दिखाया जा सकेगा। आशा है यह सिनेमा सरकार अपनी देख-रेख में ले लेगी। मेट्रो सिनेमा बम्बई और कलकत्ता भी सरकार अपने कब्जे में करने वाली है क्योंकि इसका मालिक भी एक स्मगलर गुप्ता है जो आजकल जेल मे बन्द है। कहते है ‘अप्सरा’ सिनेमा के मालिको ने एक मोटी रकम पर यह थियेटर मशहूर वितरक शंकर बी. सी. को चलाने के लिए दिया हुआ है। थियेटर बन्द होने से शंकर बी. सी की रकम तो एकदम ही डूब जाएगी। देखें 1 नवम्बर के बाद अप्सरा की किस्मत का क्या फैसला होता है ?

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Mayapuri