धर्मेन्द्र बोले चुपके चुपके

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Dharmendra  letter

मायापुरी अंक 3,1974

धर्मेन्द्र फिल्म ‘चुपके चुपके’ की शूटिंग कर रहे थे। सैट पर कुछ लड़कियों हसरत भरी नजरों से उसे देख रही थी। धर्मेन्द्र संवाद निर्देशक शकील चन्दर से अगले सीन के संवाद सुन रहा थे। इतने में ऋषिकेश मुखर्जी ने उसे टैक के लिए बुला भेजा। वह उनकी और जाने लगा तो शकील ने कहा, धर्म जी ! जरा बाल पीछे को फिरा लीजिये एक आध चाँदी का तार चमक रहा है !
धर्मेन्द्र ने लापरवाही से हंसते हुए कहा, ‘कोई बात नही, अब उम्र भी तो आ गई। इस धरती से अब सोना नही चाँदी ही उगेगी।
पास खड़ी कन्याओं में से


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Mayapuri

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