अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव की अव्यवस्था पर फिल्म संस्थाओं में असंतोष

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मायापुरी अंक 19.1975

फिल्म डायरेक्टर्स एसोसियशन मुंबई के प्रवक्ता ने ‘मायापुरी’ को बताया कि दिल्ली में आयोजित पांचवें अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के आयोजकों ने इस महोत्सव के लिए निमंत्रण देनें और उसमें सक्रिय भाग लेनें के लिए फिल्म डायरेक्टर्स एसोसियशन से सलाह मशविरा तक नही किया जिस पर फिल्म के निर्देशकों में गहरा असंतोष है। इस महोत्सव के लिए निर्माताओं, वितरकों तथा प्रदर्शकों को ही महत्व दिया गया है जिनका संबंध फिल्मों के निर्माण तथा उनके व्यावसायिक करोबार तक सीमित रहता है। फिल्म की कलात्मक अभिव्यक्ति ओर फिल्म निर्माण की विभिन्न तकनीकी पक्ष के अधिक जानकार तो निर्देशक ही होते हैं पर उन्हें इस मामले में बड़ा तुच्छा समझा गया यह दृष्टिकोण सही नही था।इसी तरह फिल्म समीक्षक संघ और पत्रकार संघ ने भी फिल्म महोत्सव के अधिकारियों द्वारा उनके साथ बरती गयी उपेक्षा की निंदा की है। दिल्ली में फिल्म समारोह के टिकटों की बिक्री की इस बार जैसी धांधली हुई वैसी धांधली पिछले चार अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह में भी नही हुई थी। अनेक निर्माताओं ने अपनी संस्था ‘इम्पा’ के जरिये एक साथ पांच-पांच और छ:-छ: टिकट बुक करा लिये। बाद में पता चला कि अनेक निर्माताओं को दिल्ली पहुंचने पर भी टिकट नही मिले। इतना ही नही, निर्माताओं द्वारा बुक किये गये कई टिकट गलत हाथों में पहुंच गये। कुछ टिकट तो मुंबई में ही 800 रुपये से लेकर हजार तक ब्लैक में बिके हैं।

दिल्ली नागरिक परिषद की मांग पर केन्द्रीय सूचना एंव प्रसारण मंत्री श्री गुजराल ने पांचवे फिल्म समारोह के टिकटों की बिक्री तथा अन्य गड़बड़ियों एवं अनिर्यामताओं के बारे में पांच सदस्यों की समिति गठित की है।


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Mayapuri

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