फिल्मों में खलनायिकी करने नही आया था प्रेम चोपड़ा

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Prem Chopra
नटराज स्टूडियो में प्रेम चोपड़ा से मुलाकात के दौरान हमने पूछा।
प्रेम जी आज आप हिन्दी फिल्मों के टॉप के विलेन माने जाते हैं क्या फिल्म लाइन में आते वक्त यही आपको मंजिल थी?
मैं फिल्मों में खलनायिकी करने नही आया था। यहां आते समय में हीरो बनने के सपने लेकर आया था। ‘शहीद’ में मनोज ने मुझे जिस अन्दाज से पेश किया था, उससे मंजिल करीब नजर आने लगी थी। क्यों कि स्व.मेहबूब खान ने मुझे वचन दिया था कि वह अपनी अगली फिल्म में हीरो का चांस देंगे लेकिन यह सपना साकार न हो सका।
इसका क्या कारण था? मेहबूब खान ने तो बहुतों की जिंदगियां बनाई है। क्या उन्होंने ब्रेक नहीं दिया है? हमने पूछा।
नहीं इसका तो अवसर ही नहीं आया। बेकारी से तंग आकर मैंने अपने शुभचिंतको के कहने पर वह कौन थी में खलनायक की भूमिका ले ली थी जिसे देखकर महबूब साहब ने कहा था कि अब तुम खलनायकी की के घेरे से निकाल न सकोगे। और हीरो बनने के लिए अब काफी इंतजार करना पड़ेगा। और वही हुआ वह कौन थी के बाद में बतौर विलेन में ही जम गया।
बतौर विलेन आपने दिलीप कुमार के साथ ‘दास्तान’ और बैराग की है। क्या आप अपने कुछ अनुभव सुनायेंगे हमने कहा।
दिलीप साहब इस सदी के महान एक्टर हैं। उनके साथ काम करने में जो आनंद आता है वह कुछ और ही है। उनके साथ काम करते हुए सीखने को बहुत कुछ मिलता है और मैं उन लोगों में से हूं जो सारी उम्र सीखने को तैयार रहते हैं। मैं अपने आपको सदा एक विद्यार्थी ही समझता हूं। प्रेम चोपड़ा ने बताया।
आपकी आने वाली फिल्में कौन-कौन सी हैं और भविष्य में क्या इसी तरह टाइप विलेन के रोल करने का विचार है या लाइन बदलने की सोची है? हमने पूछा।
फिलहाल तो लाइन बदलने का कोई इरादा नहीं है। हां, इतना जरूर है कि टाइप्ड विलेन बनने की बजाए में कैरेक्टर करने का इरादा रखता हूं। पापी देवता ‘आजाद’ ‘फंदेबाज’ ‘सन्यासी’ ‘पापी’ ‘एक और एक ग्यारह’ ’महबूब’ और ’महाचोर’ आदि आने वाली फिल्में हैं। प्रेम चोपड़ा ने बताया।


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Mayapuri

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