INTERVIEW: ‘‘अब सोचने समझने का नहीं अच्छा काम करने का वक्त है’’ – ओम पुरी

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पता नहीं क्यों आजकल वरिष्ठ अभिनेता ओम पुरी हर किसी से नाराज दिखाई देते हैं। किसी फिल्म के प्रमोशन के दौरान प्रैस से भी वे महज औपचारिकता निभाते हुये वहां से कोई भी बहाना बना भाग खड़े होते हैं। सवालों को बिना समझे ऊलजलूल जवाब देते हैं। इस सप्ताह रिलीज फिल्म ‘ वॉरियर सावित्री’ के प्रमोशन के वक्त हुई उनसे एक छोटी सी बातचीत।

फिल्म में आपकी और फिल्म की नायिका निहारिका की काफी खटपट होती है, यहां तक आपकी उसके साथ मारपीट होती है?

जैसा कि आपको बताया गया होगा कि फिल्म में मेरी और सावित्री यानि निहारिका के साथ मुश्किल से पचास सैकेंड की छीना झपटी है, वैसे फिल्म के खलनायक के साथ उसके काफी एक्शन सीन्स हैं।

Om Puri with Niharica raizada
Om Puri with Niharica raizada

अपनी भूमिका को कैसे परिभाषित करेगें ?

आपने सत्यवान सावित्री की कहानी तो सुनी ही होगी। लेकिन यहां मॉड्रन सावित्री और यमराज की कहानी है। मैं फिल्म में यमराज की भूमिका निभा रहा हूं और यहां यमराज भी पूरी तरह सूट बूट पहने मॉड्रन दिखाई देगा। वह पृथ्वी पर सत्यवान के प्राण हरने आया हुआ है। लेकिन यहां भी सावित्री और यमराज के बीच सत्यवान को लेकर काफी वादविवाद है क्योंकि यमराज सत्यवान को ले जाना चाहते हैं लेकिन सावित्री उसे न लेने जाने पर अड़ी हुई है। अंत में यमराज को सत्यवान को छोड़ना पड़ता है।

क्या वजह है कि आज कल आप बेहद साधारण फिल्मों में वैसी ही साधारण भूमिकायें निभाते नजर आ रहे हैं। वजह ?

उसकी सबसे बड़ी वजह है पैसा, क्योंकि हमेशा ही में एक तरह की ऊंची फिल्में या चुनिंदा रोल्स तो नहीं कर सकता न। बेशक उन फिल्मों में पहली प्रायेटी भूमिका होती है लेकिन कुछ काम पैसे के लिये भी तो करना पड़ता है, वरना घर कैसे चलेगा।

आपको नहीं लगता कि आज आप जैसे एक्टर्स को बॉलीवुड लगातार नजर अंदाज कर रहा है ?

ये बात आप हमें नहीं बॉलीवुड के उन कर्णधारों को ही कहें जो ऐसा करते हैं। दूसरे हर एक्टर का अपना एक अलग मुकाम होता है। जैसे आज जो स्थान ओमपुरी का हॉलीवुड में है वह वहां शाहरूख, आमिर, अमिताभ या सलमान खान का भी नहीं है ।om-puri_warior

हॉलीवुड को लेकर क्या सोचते हैं?

अब सोचने समझने का वक्त तो गया अब अच्छा काम करने का वक्त है । मुझे हॉलीवुड की फिल्म ‘सिटी ऑफ जॉय’  का पहली बार ऑफर मिला था यानि वो मेरी पहली फिल्म थी। वो फिल्म हिट रही। बस उसके बाद मुझे वहां लगातार काम मिलता रहा। इस तरह दोनों तरफ एक्टिंग की दुकान चल निकली।

फिलहाल हॉलीवुड में आने वाली फिल्में ?

‘वायसराय हाऊस’ नाम की एक फिल्म है जिसे इसे एनआरआई भारतीय मूल की डायरेक्टर गुरविन्दर चड्डा ने बनाया हैं, जो ब्रिटेन में रहती है। दूसरी फिल्म‘ सोलर एक्लिप्स’ है जिसका डायरेक्टर अलजीरियन है। इस फिल्म को शूट श्रीलंका में किया गया था। गुरविन्दर की फिल्म वायसराय हाऊस में मैने एक अंधे मुस्लिम फ्रीडम फाइटर का रोल निभाया है जो अंग्रेजों के अत्याचार के खिलाफ लड़ता है।  यह पार्टीशन से थोड़ा पहले की कहानी है जबकि सोलर एक्लिप्स पार्टीशन के बाद की कहानी है, गांधी जी की हत्या से थोड़ा पहले।  इसफिल्म में मैं देश का पहला बड़ा पुलिस ऑफिसर बना हूं।

और बॉलीवुड की फिल्में ?

यहां भी कुछ फिल्में हैं जैसे चोरों की बारात, एक्टर इन लॉ तथा ए डेथ इन द गंज आदि लेकिन इन फिल्मों में  मेरी कुछ चुनौतीपूर्ण भूमिकायें हैं।om_puri_

हॉलीवुड और बॉलीवुड आप दोनो जगह काम कर रहे हैं दोनों में फर्क क्या है ?

सभी को पता कि हॉलीवुड की फिल्में इन्टरनेशनल होती हैं इसलिये उनका बजट  भी बड़ा होता है जबकि आजकल तो बॉलीवुड में भी बड़े बजट की फिल्में बनने लगी हैं जो आधी दुनियां में रिलीज होती हैं। दूसरे अब हॉलीवुड की तरह यहां के कुछ बड़े प्रोडक्शन्स हाऊस वही सहुलियते देने लगे हैं जो हॉलीवुड में मिलती हैं ।

बॉलीवुड में बनने वाली छोटी फिल्मों के भविष्य को लेकर आपका क्या सोचना है ?

इसमें कोई दो राय नहीं कि आज भी यहां छोटी फिल्में भारी संघर्ष से गुजर रही हैं।

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Mayapuri