INTERVIEW: “ऐसा नहीं है कि मैं सिर्फ बायोपिक ही बनाता हूँ” – ओमंग कुमार

1 min


omung-kumar-interview.gif?fit=650%2C450&ssl=1

लिपिका वर्मा

आप बायोपिक ही क्यों बनाते हैं ?

ऐसा नहीं है कि मैं सिर्फ बायोपिक ही बनाता हूँ। दरअसल, “सरबजीत” की बायोपिक नहीं बनानी थी। किन्तु जब मैं आईफा गया था वहाँ मैंने दलबीर का वीडियो देखा, तब मुझे लगा कि सरबजीत तो नहीं रहा लेकिन दलबीर आज भी उन सब लोगों के लिए लड़ रही हैं, जो सरबजीत जैसी स्थिति से गुजर रहे हैं। मुझे दलबीर के प्वाइंट ऑफ़ व्यू से फिल्म बनाने की मंशा हुई। दोनों सरकारों को हमारी फिल्म द्वारा कुछ एहसास हो सके और जो इन हालात का शिकार हुए हैं उनकी कुछ मदद हो सके यही सोच कर मैंने यह निश्चय किया कि मैं, “सरबजीत” पर फिल्म जरूर बनाऊंगा। सो ऐसा इत्तेफ़ाक़ से हो जाता है कि मेरी झोली में ज्यादातर बायोपिक फ़िल्में ही हो चली हैं।

52294581

ऐश्वर्या और प्रियंका के बारे में क्या कहना चाहेंगे आप ?

यही कि प्रियंका के साथ काम किया यह मेरा सौभाग्य है वह दिन दुगनी रात चौगुनी उन्नति कर रही हैं और अब हमें अलग अलग तरह से सरप्राइज करती हैं। ऐश्वर्या और प्रियंका दोनों काम में बहुत निपुण हैं। मेरे हिसाब से यदि   प्रियंका की जरा सी भी झलक दिखलाई देती तो यह मेरे लिए बहुत बड़ी हार होती। मैंने प्रियंका को लेकर फिल्म लांच की थी सब लोग यही कह रहे थे कि प्रियंका किधर से मैरी कॉम लग सकती हैं ? मेरे लिए ऐश एकदम दलबीर लगी है और ऐश के लिए दलबीर का किरदार सबसे बेस्ट किरदार है मेरे हिसाब से। ऐश ने बहुत अलग -अलग किरदार भी निभाए हैं किन्तु इस में 20 वर्ष से लेकर 55 साल तक का लगना और वह भी आँख बिना झपके दलबीर ही लगना – यही हमारी जीत है।

1463377085_aishwarya-rai-bachchan (1)

आपने स्पोर्ट्स फिल्म मैरी कॉम बनाई क्या स्पोर्ट्स प्रतिनिधियों के प्रति आपकी कोई जिम्मेदारी नहीं बनती। सिर्फ पैसे बनाने के लिए फ़िल्में बनाते हैं क्या आप लोग ?

जब हम फ़िल्में बनाते हैं तो उस, “स्पोर्ट” में बहुत कुछ हो सकता है। हर कोई किसी भी व्यापार से पैसा कमाता है। ऐसा नहीं है कि – मैंने, “मैरी कॉम” से पैसे कमाए हैं और यह फिल्म मैंने सिर्फ पैसे कमाने के लिए नहीं बनाई  है। स्पोर्ट्स पर यदि फिल्म बनती है तो ऐसी फ़िल्में खेल को प्रोत्साहन ही देती हैं। यह फ़िल्में खेल और खेल से जुड़े लोगों को शक्ति देती हैं और स्पोर्ट से जुड़े लोगों के लिए जो भी दान देना होता है दिया है लेकिन इन चीज़ों की चर्चा नहीं करना चाहता हूँ। हमारी फिल्में जागरूकता तो जरूर पैदा करती हैं। सो इस तरह हमारा काम सफल  हो ही जाता है। अब देखिये सरबजीत पर तो फिल्म मैं नहीं बना रहा था लेकिन मैंने दलबीर की इच्छा शक्ति देख कर ही यह फिल्म बनाई है ताकि लोग जो इन समस्याओं से जूझ रहे हैं उन्हें कोई सीख मिल सके और दोनों सरकार पीड़ित की सही मायने में मदद कर सकें। हमारे सम्बन्ध मैरी कॉम एवं दलबीर के साथ पारिवारिक बन  गए हैं। जब कभी भी उन्हें किसी तरह की समस्यायों के लिए हमारी जरूरत होगी तो हम जरूर उनका साथ देंगे।  यही है कि हमारे साथ उन्हें एक बेहतरीन प्लेटफार्म मिल जाता है। यही हमारा रोल है और सफलता मिल ही जाती है इन विषयों पर बनी फिल्मों को।

Sarbjit-trailer-launch

आपकी अगली फिल्म भी – बायोपिक होगी क्या ?

हमारी अगली फिल्म एक सायकॉलोजिकल थ्रिलर होगी। कुछ रियेलिटी से जुडी हैं किन्तु यह एक काल्पनिक (फिक्शनल) फिल्म है। इस के बारे में बाद में बात करेंगे। अभी तक कोई कास्ट निश्चित नहीं की गयी है।

क्या आप परदे पर दिखाई दे सकते हैं ?

क्यों नहीं ? यदि कोई निर्देशक चाहे तो कास्ट कर सकता है मुझे फिर चाहे वह सकारात्मक या नकारात्मक  किरदार ही क्यों न हो। मैं कोई भी किरदार करने को तैयार हूँ। सिर्फ सिगरेट पीने और दारु पीने वाला किरदार न हो, इन दोनों चीज़ों का सेवन मैं नहीं करता हूँ।

 


Like it? Share with your friends!

Mayapuri

अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिये