भंसाली की पद्मावती का क्या होगा ?

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संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती रिलीज से पहले ही सुर्खियां बटोर रही है. जहां एक तरफ फिल्म में पद्मवाती बनी दीपिका के लुक, पद्मावती के पति का किरदार निभा रहे शाहिद कपूर और खिलजी बने रणवीर कपूर के लुक और ट्रेलर में इनके अभिनय की झलक ने दर्शकों में फिल्म का क्रेज बढ़ाया है. दूसरी तरफ फिल्म को बैन करने की मांग भी तेजी पकड़ रही है.

देशभर में हो रहा फिल्म का विरोध ?

देशभर से कई राजपूत संगठन फिल्म में रानी पद्मावती को गलत तरह से दिखाए जाने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. फिल्म का विरोध राजस्थान से शुरु होकर अब बाकी राज्यों तक पहुंच चुका है. बीते दिनों राजपूत संगठनों के कुछ नेताओं ने महाराष्ट्र सीएम फडनवीस से फिल्म को बैन करने की मांग भी की. मुलाकात से नाखुश उन्होंने 20 नवंबर को प्रदेश में विरोध-प्रदर्शन का एलान भी कर दिया है.

क्या है स्टार्स का फिटनेस मंत्र ?

पद्मावती पर पॉलिटिक्स ?

यही नहीं गुजरात सरकार ने इस बारे में इलेक्शन कमिश्नर को लेटर भी लिखा. उन्होंने चुनाव से पहले फिल्म को रिलीज ना करने या फिर राजपूत नेताओं के लिए स्पेशल स्क्रीनिंग की मांग रखी. मामला सिर्फ राजनीतिक गलियारों तक ही सीमित नहीं है.

जानकारी के मुताबिक करणी सेना की तरफ से गुजरात के मल्टीप्लेक्स मालिकों की एसोसिएशन को एक चिट्ठी लिखकर फिल्म रिलीज के विरोध की बात बताई गई.

फिल्म के खिलाफ पोस्ट से भरा सोशल मीडिया

सोशल मीडिया भी पद्मावती के विरोध के पोस्ट और ग्रुप्स से भरा पड़ा है. कोई अपनी डीपी पर पद्मावती का विरोध कर बैन की मांग कर रहा है, तो कोई वीडियो पोस्ट कर विरोध की बात कह रहा है. यही नहीं करणी सेना के अलावा अब सर्व ब्राह्मण महासभा ने भी फिल्म रिलीज रोकने की मांग की है.

आजादी पर हमला या इतिहास से छेड़छाड़ ?

हालांकि बॉलीवुड इन प्रदर्शनों को अभिव्यक्ति की आजादी पर हमले की तरह देखता है. अब देखना होगा कि रानी पद्मावती के लिए एक बार फिर छिड़ चुकी इस जंग में जीत किसकी होती है. क्या कला के नाम पर इतिहास से छेड़छाड़ के आरोप में जनता की अदालत में खड़ी संजय लीला भंसाली की पद्मावती, 200 से ज्यादा साल पुरानी मलिक मुहम्मद जायसी की पद्मावती के जौहर के आगे टिक पाती है।

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