‘पंड्या स्टोर’ शो में गौतम पंड्या का किरदार बहुत ही अलग है- किंशुक महाजन

1 min


Kinshuk-Mahajan

‘पंड्या स्टोर’ को लेकर अभिनेता किंशुक महाजन बोले “जॉइंट फॅमिली हमेशा से एक न्यूक्लियर फॅमिली से अच्छी ही होती है क्योंकि यहाँ बच्चे से अच्छे से पलते हैं”

गुजरात के सोमनाथ में स्थापित, स्टार प्लस के आगामी शो ‘पंड्या स्टोर’ ने अपने पहले प्रोमो के लॉन्च के बाद से ही बहुत अधिक प्रशंसा हासिल कर ली है। किंशुक महाजन (गौतम पंड्या) और शाइनी दोशी (धरा पंड्या) इस शो में जल्द ही दर्शकों को मुख्य भूमिकाओं में आएँगे। जाने-माने प्रोडक्शन हाउस स्फीयर ओरिजिंस द्वारा निर्मित यह नया फिक्शन शो ‘पंड्या स्टोर’ एक बड़े भाई की कहानी पर केंद्रित है जो अपनी देखभाल करने वाली पत्नी की जिम्मेदारी के साथ-साथ परिवार और व्यवसाय की जरूरतों का भी ध्यान रखते हैं। इस शो के जरिए किंशुक टेलीविजन पर लम्बे समय के बाद वापसी कर रहे हैं। स्टार प्लस के साथ दोबारा जुड़कर रोमांचित किंशुक से हुई बातचीत में उन्होंने शो से जुड़ी कुछ ख़ास बातें बताई।

स्टार प्लस के शो ‘पंड्या स्टोर’ में काम करते हुए कैसा महसूस हो रहा है?

मुझे इस शो में गौतम पंड्या का महत्वपूर्ण किरदार निभाते हुए बहुत अच्छा लग रहा है। गौतम का किरदार बहुत ही अलग है और यह राम जैसा किरदार है साथ ही मैं बहुत ज्यादा एक्साइटेड इसलिए भी हूँ क्योंकि बहुत सालों बाद दोबारा स्टार प्लस के शो के साथ जुड़ रहा हूँ और इस चैनल पर मेरी फिर से एंट्री हो रही है।

हमें अपने शो के बारे में कुछ बताएं?

इस शो की कहानी में एक दुकान है ‘पंड्या स्टोर’ जो पंड्या परिवार की ज़िंदगी है। इसी दुकान की वजह से इनके घर में सबकुछ चलता है सुबह की चाय से लेकर रात के दूध के ग्लास तक सबकुछ इस दुकान पर टिका हुआ है और कैसे इस दुकान को ये लोग बचाते हैं साथ ही कैसे यह कहानी आगे बढ़ती है इसे देखने के लिए आपको ‘पंड्या स्टोर’ शो देखना होगा।

इस न्यू नार्मल के बीच अपने शो के लिए शूटिंग करना कैसा लगता है ?

पेंडेमिक भले ही है, लेकिन काम पर तो लौटना ही है कबतक हम सभी डरकर घर पर बैठे रहेंगे। हमारे सेट पर पूरी सुविधाएँ मौजूद हैं और यहाँ पूरी सावधानी से शूटिंग की जा रही है और सरकार द्वारा दिए गए सभी दिशा निर्देशों का पूरा पालन हो रहा है। सभी लोग सेट पर मास्क लगाते हैं। आर्टिस्ट्स केवल अपने-अपने शॉट्स के दौरान ही अपना मास्क उतारते हैं। सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखा जाता है।

स्टार प्लस पर सपना बाबुल का… बिदाई जैसा हिट शो करने के बाद इस चैनल पर दोबारा कमबैक करते हुए आपको कैसा महसूस हो रहा है ?

बाबुल का… बिदाई शो के बाद स्टार प्लस पर वापस कमबैक करके मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। स्टार प्लस बहुत ही प्रसिद्ध चैनल है और इस चैनल के लिए काम करके मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा है क्योंकि इस चैनल को पूरा परिवार एक साथ बैठकर देख सकता है। मैं इसके साथ जुड़कर बहुत एक्साइटेड हूँ कि क्योंकि इस चैनल के जरिए एक संस्कार लोगों के घर-घर तक पहुँचता है।

शो में अपने किरदार के बारे में कुछ बताएं ?

मेरे किरदार का नाम है गौतम पंड्या जो बिलकुल एक राम का किरदार है, जिसके लिए उसके भाई और उसका परिवार सबकुछ है। वह हमेशा सभी के बारे में अच्छा सोचता है और कई बार दूसरों के के बचाव में उसके हाथ से कई चीजें निकल जाती हैं। इस कहानी में गौतम के जीवन की जद्दोजहद और अपने परिवार के लिए उसका अटूट प्यार दर्शकों को देखने को मिलेगा जो अपनी अच्छाई से हर बुरी परिस्थितियों को मात देता है।

आप इस शो में एक जॉइंट फॅमिली के मुखिया हैं ऐसे में न्यूक्लियर फॅमिली और जॉइंट फॅमिली पर आपकी क्या राय है ?

‘पंड्या स्टोर’ की कहानी में गौतम बहुत की कम उम्र से इंडिपेंडेंड या जिम्मेदार हो गया है। गौतम और उसके भाइयों के सर पर पिता का हाथ नहीं है फिरभी वह अपने भाइयों का पिता बनकर उनकी सारी जरूरतें पूरी कर रहा है और वह चाहता है कि वह अपने भाइयों को खूब पढ़ाए ताकि वह सभी आगे जाएँ। आज के ज़माने में यह कहानी लोगों को मिसाल देती है कि आज भी जॉइंट फॅमिली में बहुत ताकत है जो काम हम अकेले न्यूक्लियर परिवार में नहीं कर सकते वह काम हम हस्ते खेलते जॉइंट फॅमिली में कर सकते हैं।

जॉइंट फॅमिली हमेशा से एक न्यूक्लियर फॅमिली से अच्छी ही होती है क्योंकि आपको सबके साथ रहकर मिलजुलकर काम करना होता है। पर्सनल स्पेस को लेकर थोड़ी सी समस्या हो सकती है, लेकिन इसके कई फायदे हैं और जॉइंट फॅमिली में बच्चे बहुत अच्छे से पलते हैं। मैं खुद मुंबई में न्यूक्लियर फॅमिली में रहता हूँ, लेकिन जब भी मेरे माता-पिता दिल्ली से कई बार आते हैं तो मेरे बच्चों को उनका काफी अच्छा समय मिलता है और हमारे बच्चों को बहुत कुछ सीखने को मिलता है। बच्चों से एक अलग तालमेल होता है।

पेंडेमिक के बाद ‘पंड्या स्टोर’ के कुछ शुरूआती एपिसोड्स के लिए बीकानेर में आपका पहला आउटडोर शूट कैसा रहा ?

बीकानेर का आउटडोर शूट काफी अच्छा रहा। हम सभी ने वहां काम करके बहुत एन्जॉय किया। वहां ठंड भी बहुत थी और हम सभी ने वहां बहुत मेहनत करके कड़ाके ठंड में शूट किया। यह शहर यहाँ के लोग सभी बहुत ही ज्यादा सरल और खूबसूरत हैं। मैं मौका मिलने पर यहाँ दोबारा जाना चाहूंगा।

आप अपने एक्टिंग करियर में हमेशा किस अभिनेता से प्रेरित (इंस्पायर) होते रहे हैं ?

मैं अपने एक्टिंग कॅरियर में किसी एक व्यक्ति से इंस्पायर्ड नहीं हूँ यदि मैं यह कहता हूँ तो मेरा यह कहना गलत होगा क्योंकि मैं कई कलाकारों से इंस्पायर्ड हूँ। किसी की एक्टिंग मुझे बहुत पसंद है तो किसीका डायलॉग्स को बोलने का तरीका। हर किसी के पर एक अलग हुनर है इसलिए कोई किसी से कम नहीं है और जिसकी भी मुझे खूबी पसंद आती है मैं उसे खुदमें उतारने या सीखने की कोशिश करता हूँ।

अपनी सह-कलाकार शाइनी दोशी के साथ काम करने को लेकर अपने अनुभवों और उनके साथ अपने बांड को लेकर कुछ बताएं ?

शाइनी के साथ काम करते हुए बहुत अच्छा लग रहा है वह एक मंझी हुई कलाकार हैं। हमारे बीच का बांड बहुत अच्छा है क्योंकि शाइनी को मैं पहले से जानता था।

काफी अच्छा महसूस होता है जब यह पता हो कि आपकी कोआर्टिस्ट आपकी दोस्त भी है। हम दोनो सेट पर बहुत अच्छा टाइम बीताते हैं और अपनी डायलॉग डिलीवरी को खूब एन्जॉय करते हैं। एक दुसरे को कई बार एक्टिंग के टिप्स भी देते हैं इसलिए शाइनी के साथ काम करते हुए बहुत अच्छा लग रहा है।

लॉकडाउन के दौरान आपने अपना समय कैसे बिताया ?

लॉकडाउन के दौरान मैंने काफी सारी फ़िल्में और वेब सिरीज देखीं। कुछ किताबें भी पढ़ना शुरू किया लॉकडाउन एक ऐसा ब्रेक था जो मेरू लिए बहुत जरुरी था। मुझे अपने परिवार के साथ एक फ्रूटफुल समय बिताने का मौका भी मिला। इस दौरान मैंने अपनी अभिनय कला पर बहुत काम किया। फिल्मों से एक्टिंग के कई वेरिएशंस भी सीखे।

कई विभिन्न जेनरे पर काम करने के बाद, ऐसा कौन सा जेनरे है, जिसे आपने सबसे ज्यादा एन्जॉय किया ?

मैंने लगभग सभी जॉनर्स में काम किया है और फिलहाल मैं जो ‘पंड्या स्टोर’ शो कर रहा हूँ यह एक फॅमिली जॉनर और मैं इसे बहुत एन्जॉय कर रहा हूँ। इससे पहले मैंने कई शोज़ में रोमेंटिक जॉनर्स को निभाया है। भविष्य में मैं हिस्टोरिकल और माइथोलॉजिकल जॉनर्स भी करना चाहूँगा और मेरा सबसे पसंदीदा जॉनर है रोमेंटिक लव स्टोरीज़, जिसमें मैं कुछ अलग करना चाहूँगा जो मैंने इससे पहले नहीं किया है। यह मेरे फेवरेट जॉनर्स में से एक है जहाँ मैं खुद को ज्यादा कम्फर्टेबल महसूस करता हूँ।

क्या आप ऐसे कठिन समय में शूटिंग पर लौटने को लेकर परेशान थे ?

हाँ शुरू में थोड़ा सा तो डर जरूर लगा था कि इस पेंडेमिक में शूटिंग कैसे की जाएगी पर शूटिंग करना और काम करना दोनों भी जरुरी है। अगर हम शूटिंग नहीं करेंगे तो हम आपको एंटरटेन कैसे कर पाएंगे साथ ही हमें एकसाथ मिलकर इस कठिन परिस्थति से लड़ना भी है और इसे भगाना भी है


Like it? Share with your friends!

Mayapuri

अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिये