INTERVIEW: फिल्म ‘मिरर गेमःअब खेल शुरू’ के मेरे किरदार में कई लेअर हैं – पूजा बत्रा

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अनिल कपूर व तब्बू के साथ फिल्म ‘विरासत’ से अभिनय करियर की शुरूआत करने वाली अदाकारा पूजा बत्रा का करियर व जिंदगी कई हिचकोले ले चुका है. 2002 में अप्रवासी भारतीय डॉक्टर सोनू एस अहलूवालिया के साथ विवाह कर अमेरीका रवाना होते समय पूजा बत्रा ने सेचा था कि वह अमरीका से मुंबई आती रहेंगी और बॉलीवुड फिल्में करती रहेंगी. मगर ऐसा कुछ नहीं हुआ. यहाँ तक कि उनकी वैवाहिक जिंदगी भी सफल नहीं हुई. अंततः 2011 में दोनों के बीच तलाक हो गया. पर वह अभी भी अमरीका के लॉंस एजेंल्स षहर में ही रह रही हैं. पिछेल दो तीन वर्षों से वह पुनः अभिनय में सक्रिय हो गयी हैं.2015 में वह फिल्म ‘एबीसीडी 2’ में नजर आयी थीं. तो वहीं फरवरी माह में अमेरीका व दुबई में उनकी हॉलीवुड फिल्म ‘वन अंडर द सन’ प्रदर्शित हुई थी, जिसमें वह मेनलीड में थी. अब उनकी बॉलीवुड फिल्म ‘मिरर गेमःअब खेल शुरू ’ प्रदर्शित होने वाली है।

फिल्म मिरर गेमःअब खेल शुरूके निर्देशक विजित शर्मा की यह पहली फिल्म है. आपने उन पर कैसे यकीन किया?

जब उन्होंने मुझे इस फिल्म का ऑफर दिया, तो मैंने सबसे पहले उनसे पटकथा मांगी. बहुत से लोगों के पास पटकथा होती नहीं है. पर विजित ने मुझे पटकथा भेजी. पटकथा पढ़ने के बाद मुझे लगा कि यह तो बहुत बेहतरीन फिल्म बनेगी. पटकथा काफी बुद्धिमत्ता से लिखी गयी थी. इसकी शूटिंग न्यूयॉर्क और न्यूजर्सी में हुई, जहां मेरे लिए पहुंचना आसान था. जब शूटिंग शुरू हुई, तो मैंने पाया कि सब कुछ बहुत ही अनुषासित ढंग से हो रहा था. वह आईटी इंजीनियर हैं. पर सेट पर मुझे लगा नही कि वह पहली बार निर्देशक बने हैं. इस फिल्म की शूटिंग के लिए परवीन डबास भारत से गए थे. बाकी सभी कलाकार वहीं अमरीका से हैं, पर मूलतः सभी भारतीय हैं।

फिल्म मिरर गेमःअब खेल शुरूके किरदार पर विस्तार से रोशनी डालेंगी?

यह डॉ राय का किरदार है, जो कि क्रिमिनल सायकोलॉजिस्ट है. वह अपराधियों से बात कर उनके मनोविज्ञान को मसझने का प्रयास करती है।

आपको इस मनोचिकित्सक के किरदार में क्या खास बात नजर आयी?

इस किरदार में लेयर बहुत हैं. जब आप फिल्म देखेंगे,तो आपको पता चलेगा कि वह पहले पुलिस सायकोलॉजिस्ट/मनोचिकित्सक है. पर फिर वह किस तरह इस रहस्यमय कहानी से जुड़ती है और अंत तक बनी रहती है. पूरी फिल्म में आपको यह किरदार मुस्कुराते हुए नहीं मिलेगा. अब तक के करियर में मैंने जितने भी किरदार निभाए हैं, उनमें यह पहला किरदार है, जिसके चेहरे पर स्निग्ध मुस्कान कभी नजर नहीं आएगी. उसका चेहरा हमेषा गंभीर बना रहता है. पूरी तरह से यह एक अलग तरह की फिल्म है और मेरा किरदार अलग है।

एक सायकोलॉजिस्ट/का किरदार निभाने के लिए आपको किस तरह की तैयारी करनी पड़ी?

इस किरदार को निभाने से पहले मैंने कई सायकोलॉजिस्ट थेरेपिस्ट से मिली हूं. सबसे बड़ा सच यह है कि मैंने खुद थैरेपी की भी है. मैंने काफी लंबे समय तक थैरेपी की है. हर सप्ताह कम से कम तीन घंटे सायकोलॉजी की थैरेपी किया करती थी. क्योंकि मैं जीवन के एक ऐसे दौर से गुजर रही थी, जहां मुझे लगा कि बिना सायकोलॉजिस्ट थैरेपिस्ट के मैं जिंदगी नहीं जीं पाऊंगी.

आपके अपने अनुभव क्या रहे?

बहुत अच्छे अनुभव रहे. सेट पर समय की बर्बादी नहीं की गयी.फिल्म में गाना नही हैं. फिल्म कहानी व चरित्र प्रधान है. इस फिल्म में लोग मुझे बहुत अलग लुक में देखेंगे. परवीन डबास ने बहुत बेहतरीन काम किया है.यह एक प्रयोगात्मक फिल्म है।

 फिल्म मिरर गेमःअब खेल शुरूको दर्शक कितना पसंद करेंगें?

आज की तारीख में एक अच्छी फिल्म का बनना और बॉक्स ऑफिस पर सफल होना बहुत जरूरी है. अब एक फिल्म बड़ा बैनर बनाए, तभी सफल होगी, यह नियम नहीं रह गया.क्योंकि एक फिल्म को कई प्लेटफार्म पर रिलीज किया जा सकता है. पर कहानी अच्छी होनी चाहिए. हम इस मामले में भाग्यशाली हैं कि हमारी फिल्म ‘मिरर गेमःअब खेल शुरू’की कहानी बहुत बेहतरीन है.यह फिल्म पूरे विश्व में देखी जाएगी।

इसके अलावा क्या कर रही हैं?

हॉलवुड में कुछ समय पहले मेरी एक साइंस फिक्शन फिल्म ‘वन अंदर द सन’ अमेरीका व दुबई में प्रदर्शित हुई है. भारत में अभी तक इस फिल्म को प्रमोट नहीं किया गया. इसमें मैंने कल्पना चावला जैसी एक अंतरिक्ष यात्री कैथरीन का किरदार निभाया है, जो कि मंगल ग्रह पर जाती है. जब वह वापस आती है, तो उसे मंगल ग्रह भेजने वाली कपंनी ही उसकी दुश्मन बन जाती है और अब वह उसे मारना चाहती है.लेकिन मेरे किरदार में कुछ सुपर पावर आ गए हैं. इसके अलावा मैंने एक डाक्यूमेंट्री फिल्म ‘सेव हर’ की हैं. जिसमें मैंने अपनी आवाज दी है. यह हैदराबाद की एक लड़की को यौन शोषण से बचाने पर आधारित है, जिसे उसके परिवार के लोग ही वेष्यावृत्ति के लिए बेच देते हैं।

आपकी हॉलीवुड फिल्म वन अंडर द सनको कितनी सफलता मिली?

बहुत बड़ी सफलता मिली.यह मेरे करियर की पहली अमेरीकन व अंग्रेजी भाषा की फिल्म है. इस फिल्म में जिसने मेरी बेटी का किरदार अवा कांट्रोल ने निभाया है, वह अमेरीका की बहुत बड़ी बाल कलाकार है. उसने वॉर्नर ब्रदर्स की कई फिल्मों में मेन किरदार निभाए हैं. इस फिल्म में मेरे पति का किरदार जन फार्बर ने निभाया है, जो कि रशियन व अमेरीकन कलाकार हैं।

सोशल मीडिया को लेकर आपकी क्या सोच है?

सोशल मीडिया पर मेरी शुरूआत कुछ दिन पहले हुई है. जब मैंने महसूस किया कि कलाकार के रूप में सोशल मीडिया पर होना जरूरी है,तो मैं सोशल मीडिया से जुड़ी. अब तो कलाकारों का चयन इस आधार पर होने लगा है कि सोशल मीडिया पर आपके फॉलोवर कितने हैं? लोगों को भ्रम है कि सोशल मीडिया पर कलाकार के जो फालोअर्स हैं, वह उसकी फिल्म के तयशुदा दर्शक हैं. जबकि मैं इस बात पर यकीन नहीं करती. मेरी राय में फिल्म की कहानी बहुत मायने रखती है. कई बार कहानी से या उसके किरदारों से दर्शख रिलेट नहीं करता, तब भी फिल्म नही चलती है. फिर लक भी मायने रखता है. मैं तो लोगों से कहती हूं कि जिंदगी में गारंटी किसी चीज की नहीं होती. इसलिए इस बात की भी कोई गारंटी नही दी जा सकती कि कलाकार के जो फालोअर्स हैं, वह उसकी फिल्म देखने जरूर जाएंगे।


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Mayapuri

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