INTERVIEW: ‘‘फिल्म ‘मोहेंजो दारो’ तो मेरी जिंदगी है..’’ पूजा हेगड़े

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मूलत: कर्नाटक के उड़ीपी जिले की रहने वाली मगर मुंबई में पली बढ़ी पूजा हेगड़े ने अपने अभिनय करियर की शुरूआत तमिल अभिनेता जीवाथे के संग तमिल फिल्म ‘मुगमोदो’ से की थी. उसके बाद वह नाग चैतन्य के साथ तेलगू फिल्म ‘ओका लैला कोसम’ में नजर आयी. फिर गत वर्ष वह चिरंजीवी के भतीजे वरूण तेज के साथ फिल्म ‘मुकुंद’ में नजर आयी. अब वह आशुतोष गोवारीकर निर्देशित हिंदी फिल्म ‘मोहेंजो दारो’ में अभिनय कर बॉलीवुड में कदम रखा है. जिसमें उनके हीरो हैं रितिक रोशन।

आपने भी तमाम बॉलीवुड अभिनेत्रियों की तरह अपने अभिनय करियर की शुरूआत दक्षिण भारतीय फिल्मों से की?

मुझे खुद इस बात का आश्चर्य है.दीपिका पादुकोण, ऐश्वर्या राय बच्चन, कैटरीना, इनके करियर की शुरूआत दक्षिण भारतीय फिल्मों से ही हुई है. शायद दक्षिण फिल्म इंडस्ट्री में कोई जादू है।pooja_ Hegde

फिल्म ‘मोहेंजो दारो’ के निर्देशक आशुतोष गोवारीकर से आपकी मुलाकात कैसे हुई?

इस फिल्म की निर्माता और आशुतोष गोवारीकर की पत्नी सुनीता गोवारीकर ने मेरी एक विज्ञापन फिल्म देखी थी. यह विज्ञापन फिल्म रणबीर कपूर के साथ स्कूटी वाली थी. उन्होंने ही आशुतोष सर से मेरे बारे में बताया और तब मुझे बुलाया गया. मैं उनसे मिली.कहानी सुनी. ऑडिशन हुआ और मेरा चयन हो गया.

फिल्म ‘मोहेंजो दारो’ आपके लिए क्या है?

यह फिल्म तो मेरी जिंदगी है. यह एक पीरियड फिल्म है, जिसमें बड़ी खूबसूरत पे्रम कहानी, ड्रामा व एक्शन भी हैं. इस फिल्म के माध्यम से दर्शकों को ‘मोहेंजो दारो’ की सभ्यता संस्कृति या इतिहास के बारे में ज्ञान देना मकसद नहीं है. उस जमाने में क्या हुआ था, यह किसी को नहीं पता है. पर जो शहर की संकल्पना थी. जल निकासी की जो प्रणाली थी. वह सारे अवशेष खुदाई में मिले है. ऑर्कियोलॉजिस्ट की मदद से आशुतोष गोवारीकर ने उसी के अनुरूप शहर का सेट बनाकर उसकी शूटिंग की है. यह फिल्म पूरी तरह से आशुतोष गोवारीकर जी की दिमागी कल्पना है.मुझे भी इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है. क्योंकि हमें तो ‘मोहेंजो दारो’ की सभ्यता पर स्कूल में पाठ पढ़ा था. इसके अलावा उस काल में जो भाषा थी, वह अब तक हम पढ़ नहीं पाए हैं.पर आशुतोष गोवारीकर ने तमाम किताबों का सहारा लेकर सब कुछ गढ़ा है।pooja-hegde

आपका जो किरदार है, उसके लिए आपको कुछ रिसर्च करने की जरूरत पड़ी?

जी नहीं! क्योंकि मैंने इसमें चानी का किरदार निभाया है, जो कि मोहेंजो दारो में रहती है. पर इस किरदार का कोई रिफ्रेंस प्वाइंट नहीं है. तो मैंने आशुतोष गोवारीकर की पटकथा को ही आधार माना. किरदार बहुत रोचक है. वह दो तरह से अलग है. लोग उसे नवलोकनी बुलाते हैं. लोगों का मानना है कि नवलोकनी की वजह से इस शहर में बदलाव आ रहा है, लेकिन असलियत में वह एक साधारण लड़की है. पर जब चानी घर से बाहर निकलती है, तो उसे एक खास अंदाज में लोगों से बात करना पड़ता है, क्योंकि उसकी एक इमेज है. उसे उसको धुंधला नहीं करना है.पर दिल से तो एकदम साधारण लड़की है. तो उसके चरित्र का जो दोहरापन है,वह मेरे लिए चुनौतीपूर्ण और रोचक रहा।

फिल्म के अपने किरदार चानी को आप कैसे परिभाषित करेंगी?

चानी में बचपना है. बहुत भोली है. उसे दबा कर रखा गया है. पर अंततः वह अपने दिल की बात सुनती है और बाहर निकलती है।

फिल्म को करने से पहले ‘मोहेंजो दाड़ो’ को लेकर आपकी अपनी समझ क्या थी?

मैंने ग्रीक बाथ, डांसिग गर्ल का स्टेचू और उनकी जल निकासी प्रणाली के बारे में ही पढ़ा था. वही मुझे याद था. इन तथ्यों को आशुतोष गोवारीकर ने फिक्शन में पिरोकर पेश किया है।

रितिक रोशन के साथ शूटिंग करने के क्या अनुभव रहे?

उनके साथ काम करने में मजा आया. हम लोग सेट पर बहुत हंसते थे. हमने भुज में जाकर कई महीनों तक शूटिंग की।Hrithik roshan, pooja hegde

आशुतोष गोवारीकर को लेकर क्या कहेंगी?

वह बहुत बारीक से बारीक चीजों पर ध्यान देते हैं.बेहतरीन निर्देशक हैं।

फिल्म में किस तरह की भाषा का उपयोग किया गया हैं?

हिंदी और सिंधी।

किस तरह की फिल्में करना चाहेंगी?

मेरी ख्वाहिश है कि मैं अगली फिल्म में जींस पहनकर फिल्म करुँ. मोहेंजो दारो में तो कॉस्ट्यूम पहनने में मुझे आधा घंटे लग जाता था. जींस तो हम दस मिनट में पहन सकते हैं।

कोई किरदार जो निभाना चाहती हैं?

मैं आज की लड़की का किरदार निभाना चाहती हूं।


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Mayapuri

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