प्रकाश झा

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प्रकाश झा का जन्म 27 फरवरी, 1952 को चंपारण बिहार में हुआ. वह एक हिन्दी फ़िल्मकार है। फिल्म ‘बन्दिश’, ‘मृत्युदंड’, ‘राजनीति’, ‘अपहरण’, ‘दामूल’, ‘गंगाजल’, ‘टर्निंग’ जैसी 30 हिंदी फिल्म के निर्माता निर्देशक, चलचित्र के कथा लिखनेवाला, प्रकाश झा ऐसे फिल्मकार हैं, जो फिल्मों के माध्यम से सामाजिक-राजनीतिक बदलाव की उम्मीदें लेकर हर बार बॉक्स ऑफिस पर हाजिर होते हैं।

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उन्होंने कुछ नेशनल अवार्ड विन्निंग शोर्ट फिल्मस भी बनाई ‘फेसेस आफ्टर द स्टॉर्म (1984) और सोनल (2002). उनके साहस और प्रयासों की इस मायने में प्रशंसा की जाना चाहिए कि सिनेमा की ताकत का वे सही इस्तेमाल करते हैं अपनी ‍पहली फिल्म ‘दामुल’ के जरिये गाँव की पंचायत, जमींदारी, स्वर्ण तथा दलित संघर्ष की नब्ज को उन्होंने छुआ है। इसके बाद सामाजिक सरोकार की फिल्में बनाईं। बाद में ‘मृत्युदण्ड’, ‘गंगाजल’, ‘अपहरण’ और अब ‘राजनीति’ के साथ मैदान में ए जिसे लोगों ने काफी पसंद किया। अपने बलबूते पर उन्होंने आम चुनाव में उम्मीदवार बनकर हिस्सा लिया है। ये बात और है कि वे हर बार हार गए। भ्रष्ट व्यवस्था तथा राजनीति की सड़ांध का वे अपने स्तर पर विरोध करते हैं। यही विरोध उनकी फिल्मों में जीता-जागता सामने आता है। मृत्युदंड से लेकर अपहरण तक उनकी फिल्मों को दर्शकों ने दिलचस्पी के साथ देखा और सराहा है।

प्रकाश झा ने अपने करियर में काफी उतर चड़ाव भी देखे लेकिन उनकी फिल्मे आम जनता और समाज को एक सन्देश देती ज़रूर है. प्रकाश ने एक्ट्रेस दीप्ति नवल से शादी की और उन्होंने एक गोद ली हुई बेटी ‘दिशा’ है. पटना में प्रकाश झा का  ‘पी & एम’ से एक मॉल भी है.

फिलहाल प्रकाश झा अपनी आने वाली फिल्मों में काम कर रहे है और वह जल्द ही राजनीति 2, गंगाजल 2 और सत्संग जैसी फिल्मों के साथ लोगों के सामने आएंगे और एक नया सन्देश उन तक पहुचाएंगे.


Mayapuri