प्रियंका चोपड़ा, फ्रीडा पिंटो ‘गर्ल राइजिंग” कैंपेन से जुड़ी

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समाज में जागरूकता लाने की दिशा में कहानी सबसे सशक्त माध्यम मानी जाती है। इसी को ध्यान में रखते हुए कन्या शिक्षा के लिए काम करने वाली वैश्विक संस्था “गर्ल राइजिंग” बच्चों को फिल्मों से जोड़ने की तैयारी कर रही है।

संस्था ने शनिवार को भारत में अपने इसी पहल के साथ पदार्पण किया। कहानी के माध्यम से संस्था लोगों में जागरूकता फैलाएगी कि अगर लड़कियों को शिक्षा दी जाए तो वे क्या-क्या हासिल कर सकती हैं। इस जागरूकता अभियान की तरफ लोगों को आकर्षित करने के उद्देश्य से संस्था हिंदी फिल्म जगत की स्टार अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा और वैश्विक ख्याति हासिल कर चुकीं फ्रीडा पिंटो को भी साथ लाई है।

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गल्र्स राइजिंग के सह संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी होली गॉर्डन ने जागरूकता अभियान लांच करने से पहले कहा कि उनमें गजब की प्रदर्शन कला है और वे इस मुद्दे को लेकर काफी सजग हैं इसीलिए हमने उनका चुनाव किया। खासकर जब आपके पास लड़कियों की शिक्षा जैसा मुद्दा हो तो संदेश प्रसारित करने के लिए प्रत्यक्ष आदर्शो का होना जरूरी होता है।

इस जागरूकता अभियान का मुख्य उद्देश्य भारत में अधिक से अधिक लड़कियों को कम से कम 10 तक की शिक्षा दिलाना है। इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा पूरी करने वाली लड़कियों की संख्या में वृद्धि और देश में लैंगिक भेदभाव को कम करना भी इसका उद्देश्य है। इस जागरूकता अभियान से जुड़ने पर प्रियंका ने कहा कि सबसे अच्छी बात यह है कि यह समस्या वैश्विक है। ऎसा नहीं है कि यह समस्या सिर्फ भारत में ही है। हां, यहां तो है ही, लेकिन दूसरे देशों में भी यह समस्या है। मुझे या इस अभियान से जुड़ी किसी भी अन्य अभिनेत्रियों को सिर्फ एक फोन करके लड़कियां इस अभियान का हिस्सा
बन सकती हैं।

पिंटो ने कहा कि लड़कियों की 13 वर्ष की उम्र में शादी कर दी जाती है और 15 वर्ष की होते-होते वे गर्भवती हो जीता हैं…इस उम्र तक शायद ही किसी लड़की के मासिक धर्म भी आना शुरू होते हैं। इन सबने मेरा इस विषय की ओर रूझान पैदा किया।


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Mayapuri

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