पृथ्वीराज कपूर की कमाल कि एक्टिंग

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मायापुरी अंक 47,1975

ऐसी ही कुछ घटना सन 1944 में फिल्म ‘उजाला’ की शूटिंग के दौरान पृथ्वीराज कपूर के सामने पेश आई वह मुंबई के एक व्यस्त रास्ते पर प्रार्थना समाज के नाके पर अंधेभिखारी के रूप में शूटिंग कर रहे थे। फटे हाल, चेहरे पर करूण भाव और आवाज में दर्द पैदा करके बनावट को हकीकत का रंग दे दिया था।

इस सीन की फिल्म बन ही रही थी कि सामने से एक पारसी आदमी जा रहा था पृथ्वीराज कपूर की दयनीय स्थिति पर उसे दया आ गई उसने जेब में हाथ डालकर एक रूपया निकाला और पृथ्वीराज के हाथ पर रख दिया और जल्दी से आगे बढ़ गया। पृथ्वीराज कपूर हाथ में पड़े नोट को देख टुकुर-टुकुर देखते रह गए।

पृथ्वी राज कपूर ने उस नोट को जी जान से संभाल कर रखा वह नोट उनके लिए दुनिया की सबसे कीमती वस्तु थी। वह नोट उन हजारों लाखो अवार्डो से अधिक मूल्यवान था। क्योंकि वह उनके स्वाभाविक अभिनय पर इनाम स्वरूप मिला था।


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Mayapuri

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