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‘मैं तुलना को सही नहीं मानती’- प्रियंका चोपड़ा

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प्रियंका चोपड़ा  फिल्म ‘ द स्काई इज पिंक‘ से बॉलीवुड में कमबैक करने वाली हैं। उनकी यह फिल्म 11 अक्टूबर में रिलीज होगी जिसके चलते वह लगातार अपनी फिल्म के प्रमोशन में लगी हुई हैं। इसी बीच उन्होंने फिल्म के बारे में बातें की । प्रियंका चोपड़ा ने अपनी फिल्म के बारे में बात करते हुए कहा, ‘द स्काई इज पिंक‘ की कहानी असल जिंदगी पर आधारित है। यह कहानी दिल्ली में रहने वाली अदिति और उनके वीरेन के साथ उनकी बेटी की है। उन्होंने कहा, अदिति का किरदार बड़े पर्दे पर निभाना सम्मान जैसा है। मैं अपना बेस्ट देना चाहती हूं और अच्छा काम अच्छे निर्देशक पर निर्भर करता है।

बता दें, इस फिल्म का डायरेक्शन सोनाली बोस ने किया है और फिल्म की कहानी लिखने में भी उन्होंने अहम भूमिका निभाई है। प्रियंका चोपड़ा कहती हैं कि उनके लिए इस फिल्म को करना काफी मुश्किल रहा क्योंकि फिल्म की शूटिंग के दौरान ही उनकी शादी हो रही थी। उन्होंने कहा, एक वक्त पर दो अलग अलग इमोशन को जीना मेरे लिए काफी मुश्किल था।

प्रियंका के मुताबिक यह फिल्म दर्शाती है कि आपके पेरेंट्स तो आपको सपोर्ट करते हैं लेकिन जब उनको आपके सपोर्ट की जरूरत हो तो आप भी वही करें। मैं इसको सिर्फ अपनी ड्यूटी नहीं मानती हूं बल्कि अपनी जिम्मेदारी मानती हूं और सब को ऐसा ही करना चाहिए। इस फिल्म की एक टैगलाइन है कि ‘हर एक का अपना एक स्काई (आसमान)होता है। इस फिल्म का नाम रखने के पीछे भी एक कहानी है। प्रियंका कहती हैं कि ये फिल्म एक रियल लाइफ स्टोरी से इंसपायर है और मेरा रोल अदिति चौधरी का है जिसकी जिंदगी में एक मौका आता है जब वो अपनी बेटी के इलाज के लिए लंदन में होती है, उनका बेटा जो कि 4 साल का है और विरेन (फरहान अख्तर) के साथ दिल्ली में हैं। बेटा ईशान दिल्ली से मुझे फोन करता है और बताता है कि मम्मी मुझे टीचर ने आज बहुत डांटा क्योंकि मैंने आज पेंटिंग में आसमान का रंग गुलाबी बना दिया था लेकिन टीचर कह रहे हैं कि आसमान तो नीला होता है फिर गुलाबी क्यों बना दिया। इस बात से अदिति को काफी बुरा लगता है और वो कहती है कि तुम कभी किसी को बोलने मत देना कि आसमान का रंग क्या होता है, अपने आसमान को तुम खुद रंगोगे जिस रंग से तुमको अपना आसमान रंगना है। अपने बारे में लोग इस रोजमर्रा के समय सोच ही नहीं पाते और इसका मतलब खुद के लिए भी जीना है। इसीलिये इसकी हमने यह टैगलाइन दी है।

इस फिल्म का नाम द स्काई इज पिंक है, तो आपके आसमान का रंग इस समय क्या है? इस सवाल पर प्रियंका कहती हैं कि इस वक्त तो मेरे स्काई का रंग गुलाबी है, सिर्फ फिल्म की वजह से नहीं बल्कि जिंदगी की वजह से भी मैं इस समय थोड़ा गुलाबी फील कर रहीं हूं। परिस्थितियों के हिसाब से सब कुछ बदल जाता है। इस समय तो गुलाबी लग रहा है और आगे पता नहीं क्या होगा, शायद सुनहरा हो जाये।

फरहान अख्तर के साथ आपकी दूसरी फिल्म है, आपका उनके साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा? प्रियंका जवाब देती हैं कि एक एक्टर की तरह से मेरी फरहान अख्तर के साथ दूसरी फिल्म जरूर है लेकिन मैं फरहान को 2004 से जानती हूं जब उन्होने मुझे डॉन दी थी। तब वो मेरे प्रोड्यूसर थे और आज मैं उनकी प्रोड्यूसर हूं। इस फिल्म में काम करना काफी शानदार रहा और फिल्म में अच्छे कलाकारों की बहुत ज्यादा जरूरत थी। एक बड़ी जिम्मेदारी हो जाती है जब आप एक रियल लाइफ फैमिली के ऊपर फिल्म बेस्ड करो और इसीलिये मैं काफी ज्यादा एक्साइटेड हूं कि फरहान, जायरा वसीम और रोहित जैसे कलाकार इस फिल्म में हैं।

हसबैंड निक का कितना सपोर्ट मिला? पूछने पर प्रियंका कहती हैं कि निक और मैं अपने काम को काफी इंपॉर्टेंस देते हैं और एक दूसरे की प्रोफेशनल लाइफ को सपोर्ट करते हैं। इस फिल्म को लेकर निक काफी सपोर्ट कर रहे हैं और वो फिल्म के सेट पर आये थे। निक को भी फिल्म बहुत अच्छी लगी। उन्होंने तुरंत सोनाली को फोन किया और कहा कि आपने बहुत अच्छी फिल्म बनाई है। कलाकार को ऐसी ही फिल्म की जरूरत होती है। जिसने भी ये फिल्म देखी उसे बहुत पसंद आई। हमारी शादी भी इसी फिल्म के दौरान हुई इसलिये ये फिल्म हम दोनो के लिए काफी स्पेशल है।

आपने अपना फिल्मी सफर 2003 में शुरु किया था और इस समय आपको 16 साल हो चुके हैं, अपनी जर्नी को आप कैसे देखती हैं अपने फैंस को क्या मैसेज देना चाहेंगी? अगर मैं एंटरटेनमेंट जर्नी की बात करूं तो अगले साल मुझे 20 साल होने वाले हैं क्योंकि सन् 2000 में मैं मिस वर्ल्ड जीती थी। मुझे हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से काफी कुछ सीखने को मिला है और इतने माहिर डायरेक्टर्स के साथ काम करने का मौका मिला है। ठोकरें हर एक की लाइफ में आती हैं, मेरी भी लाइफ में आई हैं। कभी कभी वो आपको रोक देती हैं और कभी कभी सिखाती हैं, मैंने अपनी ठोकरों से सीखने की कोशिश की है। आज जहां हूं उसी की वजह से हूं। मैं खुद को काफी लकी भी समझती हूं क्योंकि जब मैं 17 साल की उम्र में इंडस्ट्री में आई थी तब मुझे बोला जाता था कि लड़कियों की खुद की लाइफ ज्यादा नहीं होती है और उसको मैने गलत साबित किया है।

आपने इस फिल्म का चुनाव कैसे किया? पूछने पर प्रियंका ने बताया कि मुझे इस फिल्म की सबसे अच्छी बात ये लगी कि ये रियल लाइफ पर बेस्ड है। हर चीज इस फिल्म में हमने रियल लाइफ कैरेक्टर से बात करके किया है। ये उन लोगों की कहानी है जिन्होंने अपनी बेटी के लिए सब कुछ किया। मैंने अपनी लाइफ में मैरी कॉम का भी करेक्टर प्ले किया है, लेकिन ये अलग किरदार है। हॉलीवुड और बॉलीवुड में तुलना की जाये, तो उसमें कितना अंतर नजर आता है? इस सवाल पर प्रियंका कहती हैं कि मैं तुलना को सही नहीं मानती। हमारा मकसद अच्छा काम करना है और अच्छे सब्जेक्ट से जुड़ना है।

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