पिप्पा’ की तैयारी में प्रियांशु पेन्यूली वो किताब ले आया

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जहां कुछ अभिनेताओं को सोर्स मटेरियल की जरूरत नहीं पड़ती और वे पटकथा के अनुसार अभिनय करना पसंद करते हैं, वहीं कुछ को सोर्स मटेरियल के साथ धीरे-धीरे अभिनय की दुनिया में प्रवेश करना अच्छा लगता है। अभिनेता प्रियांशु पेन्युली दूसरे श्रेणी में आते हैं, जैसा कि उन्होंने कुछ ही हफ्तों में खुद को ’पिप्पा’ में काम करने के लिए तैयार करना शुरू कर दिया। – सुलेना मजुमदार अरोरा

1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की पृष्ठभूमि के अंतर्गत ये एक वॉर प्ले है। 

इस तैयारी में प्रियांशु  ’द बर्निंग चैफिस’ किताब की एक कॉपी ला कर पढ़ने लगा, जिस पर राजा कृष्ण मेनन निर्देशित ये फ़िल्म आधारित है। इस फिल्म में प्रियांशु के साथ मृणाल ठाकुर और ईशान खट्टर मुख्य भूमिका में हैं। 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध की पृष्ठभूमि के अंतर्गत ये एक वॉर प्ले है। इसकी कहानी 45 वें कैवलरी टैंक स्क्वाड्रन ब्रिगेडियर बलराम सिंह मेहता पर बेस्ड है, जिन्होंने अपने भाई-बहनों के साथ भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान पूर्वी मोर्चे पर 1971 में लड़ाई लड़ी थी।

आवश्यक है कि हम प्लॉट तथा प्लॉट पॉइंट और स्थिति को समझे

प्रियांशु कहते हैं, “ब्रिगेडियर मेहता की कहानी को पहली बार किताब में पिरोया गया था और लिखित शब्द का अक्सर दिमाग पर गहरा प्रभाव पड़ता है। मुझे लगा, इस मामले में, पुस्तक को पढ़ना महत्वपूर्ण रहेगा। मैंने अभी पढ़ना शुरू किया है, लेकिन यह आवश्यक है कि हम प्लॉट तथा प्लॉट पॉइंट और स्थिति को समझे, जानें और इस प्रोजेक्ट के लिए, फिल्म शुरू करने से पहले एक पाठक के रूप में इसका अनुभव करें। यह प्यार और मानवता की कहानी है और मुझे पता है कि ये किताब मेरे लिए, फिल्म के निचोड़ को मजबूत तरीके से पेश करेगी। कुछ हफ्तों में हमारी वर्कशॉप शुरू हो जाएगी लेकिन जब तक मुझे रीडिंग सेशंस के लिए समय मिलता है, तब तक मैं किताब को समाप्त कर चुका होऊंगा। ये जरूरी है, फिल्म पर एक संपूर्ण दृष्टिकोण को समझने के लिए।“


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Mayapuri

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