चर्चित पंजाबी गायक धर्मप्रीत ने की आत्महत्या

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सैड सॉन्ग के चर्चित गायक धर्मप्रीत ने सोमवार को फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। वे करीब एक साल से डिप्रेशन में चल रहे थे। उनकी माता बलवीर कौर ने बताया कि वो रविवार को अखाड़ा लगा कर पहुंचे और अपने कमरे में ऐसी खोलकर दरवाजा बंद कर लिया। घर में उसका भांजा भी आया था दरवाजा बंद होने के कारण वो मेरे पास आकर सो गया। पहले सुबह अक्सर वो 6 बजे उठ जाता था।
लेकिन सोमवार को नही उठा। दरवाजा खटखटाया तो नही खोला। सोचा अभी सो रहा होगा। कोठी की पिछली साइड गई तो देखा कि वहां पर घोड़ी नही है। तब मेरे मन में गलत ख्याल आने लगे। तब उसके दोस्तों को बुलाया और उन्होंने दरवाजा तोड़ा। तो देखा कि उसने फंदा लगा रखा था मौके पर पहुंची थाना थर्मल पुलिस ने शव को नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेजा।
मोगा जिले के गांव बिलासपुर के रहने वाले धर्मप्रीत के घर का नाम भूपिंदर सिंह है। लेकिन जब गायकी में आए तो गीतकार भिंदर डक्वाली ने उनका गायकी का नाम धर्मप्रीत रख दिया। धर्मप्रीत के नाम से वे प्रसिद् हुए भिंदर डक्वाली ने उऩकी 7 एलबम की। उनकी माता बलवीर कौर ने बताया कि धर्मप्रीत की पत्नी अपने बेटे को लेकर गर्मी की छुटिट्यों होने के कारण अपने मायके गई हुई थी।
वो काफी से समय से डिप्रेशन में चल रहे थे बताया जा रहा है एलबम की बिक्री में आई गिरावट से वो डिप्रेशन में थे इसलिए कंपनी गायकों का खर्चा रिकॉर्ड भी नही कर पा रही थी। बतौर गायक वह बहुत प्रसिद् थे। जब भी वे बाजार में किसी को मिलते तो उनके प्रशंसक उनकी आने वाली एलबम के बारे में पूछते। इससे उनको और सदमा लगता अपनी जेब से पैसे लगाकर एलबम नही करना चाहते थे।

उनके प्रमुख गीतों व एलबम में निक्के निक्के दा प्यार किया हुंदा, बडडे होकर वनदे शरीफ मेरा मां टुटटे दिल वी जुड़दे, दिल वाल खेड़की रही, ऐन कदे वी ना रोया तेरे बिना रह नही सकदी आदि शामिल है।

उनके निधन पर पंजाबी संगीत इंडस्ट्री में शोक

पंजाबी गीतकार भिंदर डक्वाली -ने कहा कि  जब धर्मप्रीत भठिंडा में आया तो 20 साल का था। मैंने उसकी आवाज सुनी और अपने पास रखा पांच साल  वो मेरे साथ रहा। उनके घर का नाम भूपिन्द्र सिंह था मैंने ही उसका नाम धर्मप्रीत रखा था।

पंजाबी लोक गायक बलकार सिद्धू – ने कहा कि धर्मप्रीत के जाने से पंजाबी संगीत इंडस्ट्री को कभी भी पूरा नही होने वाला घाटा पड़ा है भले ही धर्मवीर इस दुनिया में नही रहा। लेकिन उनकी सुरीली आवाज फिजाओं में गूजती रहेगी।

पंजाबी गीतकार व फिल्म निर्देशक अमरदीप सिंह – ने कहा कि जैसे पाकिस्तान के अकरम राही व अताउल्ला खां का उदास गायकी में नाम है। ठीक उसी प्रकार पंजाब के दविंदर कोहेनूर व धर्मप्रीत के नाम है। हमारा छोटा भाई था बहुत प्यार था उसके साथ। उसके जाने का बहुत दुख है।


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Mayapuri

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