आर.माधवन

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मल्टी टेलेंटेड आर. माधवन
आर. माधवन एक ऐसे कलाकार हैं जो बहुत सी खूबियों के मालिक हैं वो एक एक्टर भी हैं, राइटर भी हैं और फिल्म प्रोडूसर भी हैं। आर. माधवन का जन्म 1 जून-1970 को जमशेदपुर, झारखंड में हुआ था। आर. माधवन के पारिवारिक संबंध हैं इनके पिता रंगनाथन टाटा स्टील नामक कम्पनी में मैनेजमेंट एग्जीक्यूटिव थे एवं माँ सरोजा बैंक ऑफ़ इंडिया में मैनेजर थी व छोटी बहन देविका, यूनाइटेड किंगडम में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं इसके बाद भी माधवन ने अपने परिवार से बिलकुल हटकर रास्ता चुना। ये एक्टर कैसे बने इसके बारे में हम आपको बताते हैं।

1988 में माधवन को कोल्हापुर के राजाराम कॉलेज की तरफ से इंडिया को एक कल्चरल एम्बेसेडर के तौर पर पेश करने के लिए स्कॉलरशिप मिली और इन्होने स्टेटलेर, अल्बर्टा, कनाडा में एक साल बिताया जो इस प्रोग्राम का ही पार्ट था। इसके बाद इन्होंने वापस आकर अपनी ग्रेजुएशन कम्पलीट की और उसी दौरान एन सी सी भी ज्वॉइन की और इसी दौरान इन्हें लन्दन के ब्रिटिश आर्मी, दी रॉयल नेवी, दी रॉयल एयर फ़ोर्स से जुड़ने का मौका भी मिला लेकिन किसी कारणवश वो इसे आगे न बढ़ा सके। आखिर में इन्होंने टीचर बनना स्वीकार किया और कोल्हापुर में पब्लिक स्पीकिंग एंड पर्सनेलिटी डिवलपमेंट स्किल्स पढ़ने लगे और उसमें भी इन्होने पब्लिक स्पीकिंग चैंपियनशिप भी जीत ली और इन्हें जापान में 1992 में यंग बुसिनस्समें कांफ्रेंस इन टोक्यो में इंडिया को रिप्रेजेंट करने का मौका मिला।

इतना कुछ होने के बाद भी शायद आर माधवन की तक़दीर को कुछ और ही चाहिए था सो वो ले आई उन्हें मायानगरी में जहाँ शुरुआत में तो इन्होंने टीवी सीरियल्स और कई कमर्शियल्स किये फिर कई तमिल फिल्म्स की जहां भी ये कमाल ही कर गए और अंत मे बॉलीवुड में इन्हें पहचान मिली फिल्म “रहना है तेरे दिल में” से और ये फिल्म सुपर हिट हुई और ये रातों रात फेमस हो गए और उसके बाद इन्होंने कई फिल्में दी जिससे इन्होंने बॉलीवुड में अपनी नई पहचान बनाई जैसे 3 इडियट्स, तनु वेड्स मनु आदि इनकी ज़िन्दगी की कुछ खास मूवीज हैं तो ये कहना गलत नहीं होगा कि इन्होंने जिस जगह कदम रखा वो इलाका भी इनका हो गया और उसकी कामयाबी भी, तो हुए न ये मल्टी टेलेंटेड माधवन।


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Mayapuri

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