राहुल बोस की माँ ने घर पर कभी भी खाना नहीं बनाया

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लिपिका वर्मा

फिल्म अभिनेता राहुल बोस की माँ ने कभी भी खाना नहीं बनाया। पिताजी बनाते थे। खास बात यह है कि जब राहुल दूसरे के घरों में औरतों को खाना बनाते देखते तो चौंक जाते। इतना ही नहीं उनको चौकता देख उनके मित्र चौंक जाते। राहुल बोस ने मुंबई में फिल्म ‘पूर्णा ‘ से जुड़े एक बातचीत में यह बातें कही।

फिल्म अभिनेता राहुल बोस इन दिनों फिल्म ‘पूर्णा’ के प्रमोशन में जी जान से जुटे है। इसी के चलते मंगलवार को फिल्म से जुड़ा एक कार्यक्रम में मुंबई में रखा गया था। इस मौके पर फिल्म, खेल और मिडिया क्षेत्र से जुड़ी महिलाएं शामिल हुई। जिनमें फिल्म निर्देशक जोया अख्तर, पहलवान साक्षी मलिक, पत्रकार बरखा दत्त और पर्वतारोही पूर्णा मलावथ शामिल है। इस मौके पर फिल्म की टैगलाइन ‘लडकियां कुछ भी कर सकती है’ पर चर्चा सत्र का आयोजन किया गया था। इस मौके पर राहुल ने अपने घर से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा सुनाया। राहुल क अनुसार उनकी माँ ने घर पर कभी भी खाना नहीं बनाया क्योंकि घर पर खाना पिताजी बनाते थे लेकिन दूसरों क घर ऐसा नहीं होता था। इसलिए वो जब दूसरों क घर महिलाओं को खाना बनाते देखते तो चौक जाते। खास बात यह है कि उनको चौकता देख दुसरे भी चौंक जाते थे। राहुल बताते है, ‘मेरी माँ ने एक भी दिन रसोईघर में पैर नहीं रखा। उन्होंने कभी भी खाना नहीं बनाया। मेरे पिताजी घर पर खाना बनाते है। जब मैं दूसरों के घर जाता था तो देखता था औरतें खाना बना रही होती थी और पिताजी बाहर समाचार पत्र पढ़ रहे होते थे।  तो मैं कहता था यह बहुत दुखदायक है, बहुत दुखदायक है कि आपकी माँ रसोईघर में खाना बना रही है। इस पर सामनेवाला व्यक्ति चौंक कर कहते “किस बारे में बात कर रहे हो। यह सामान्य बात है।”

राहुल ने बताया ,” फिल्म ‘पूर्णा’ हिंदुस्तान के एक ऐसी बेटी की कहानी है। जिसने मात्र 13 वर्ष की आयु में विश्व का सबसे ऊँचे पर्वत एवरेस्ट की चोटी को छू लिया था। खास बात यह है कि पूर्णा मलावथ की दशा भी कोई खास नहीं थी। वह आदिवासी क्षेत्र से आई है और गरीबी में पली बढ़ी है। इतना ही नहीं उसके माता पिता अनपढ़ है और देश के ऐसे गांव से आती थी जिसका विकास नहीं हुआ था लेकिन अपनी अदम्य इच्छा शक्ति के बल पर मात्र 13 वर्ष की आयु में उसने विश्व कीर्तिमान स्थापित किया है। इस विषय पर फिल्म बनाने के बाद जब भी उन्होंने किसी को भी फिल्म दिखाई वह फिल्म देखने के बाद जरूर रोया है। खास बात यह है कि शबाना आजमी फिल्म देखकर पूरे 10 मिनट रोई थी। इस फिल्म के बारे में राहुल बोस ने यह भी बताया कि इस फिल्म को उन्होंने प्यार से नहीं जूनून से बनाई है। इस फिल्म से जुड़ा एक रोचक किस्सा राहुल ने सुनाया की। फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्होंने पहली बार फिल्म का पैकअप समय से दो घन्टे पहले किया था। इतना ही नहीं फिल्म की पूरी शूटिंग उन्होंने 37 दिन में पूरी कर ली है और इस बात को लेकर किसी के साथ भी चुनौती लगाने को तैयार है। इतना ही नहीं राहुल ने यह भी बताया कि वह फिल्म के उस सीन को शूट करते वक़्त खुद रो पड़े थे। जब पूर्णा ने एवरेस्ट की चोटी को छू लिया था।

फिल्म ‘पूर्णा’ 31 मार्च को रिलीज हो रही है। फिल्म की 37 दिन में पूरी हो जाने के लिए उन्होंने फिल्म बनाने को लेकर बनाई गई अभूतपूर्व योजना को इसका श्रेय दिया।

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