बिग बॉस हो या ‘दस’ राहुल देव एक्टिंग में ‘चैंपियन’ ही नज़र आते हैं

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rahul dev interview

राहुल देव की पहली फिल्म ‘दस’ चाहे रिलीज हुई हो किन्तु उनकी डेब्यू फिल्म ‘चैंपियन’ के बाद राहुल ने सिल्वर स्क्रीन पर अपने दमदार अभिनय से सभी का दिल जीत लिया, खासकर निर्देशक, निर्माता का दिल उन्होंने, ऐसा जीता कि ढेरों फिल्मों में उनका होना जैसे अनिवार्य ही हो गया, हालांकि 200 से ज्याद फिल्मों में राहुल काम कर रहे है ,किन्तु लगभग 4 वर्षों के लिए अपनी पत्नी के देहांत के बाद उन्होंने फिल्मों से ब्रेक ले लिया था, फिर बिग बॉस से वापस उन्होंने अपना पैर जमाया और तत्पश्चात राहुल के लिए पीछे मुढ़कर देखने का सवाल ही नहीं पैदा  हुआ।
Interview by Lipika Verma

अब बिग बॉस में कब नजर आएँगे? क्या इस सीजन में आपको बिग बॉस में देखा जा सकता है?

मैं एक अभिनेता हूँ, अतः मुझे अभिनय ही करना आता है, दरअसल मैंने कुछ समय के लिए फिल्मों से ब्रेक लिया था, अतः मुझे वापस एंट्री करना था, और बिग बॉस ने मुझे यह चांस दिया सो मुझे बहुत खुशी  हुई, वैसे भी मैं बहुत ही शर्मीला भी हूँ!

आप अपने किरदार के लिए तैयारी तो करते होंगे?

rahul dev interview दिवंगत फिल्म मेकर मुकुल आनंद ने मुझे अपने किरदार को किस तरह से तैयार करना है यह मुझे उन्होंने फिल्म ‘दस’ में बहुत अच्छी तरह से सिखाया था, बस अपने किरदार को किस तरह मेहनत कर के सही ढंग से पेश करना है यह मुझे उन्ही ने सीख दी थी, वह सीख आज भी मेरे फिल्मी सफर में काम आ रही है, मैं इस के लिए उनका तहे दिल से शुक्रगुजार हूँ, हालांकि फिल्म ‘दस’ कभी रिलीज नहीं हुई क्योंकि मुकुल आनंद साहब इस दुनिया से विदा ले चुके थे, यह बहुत दुखद घटना रहे।

आप भी मॉडल मंडली से है, कोई अनुभव शेयर करना चाहेंगे?

rahul dev interviewजी हाँ ,उस समय केवल 3-4 सुपर मॉडल थे,  मैं, मिलिंद सोमन और अर्जुन रामपाल।, मिलिंद समान सीनियर थे, और अर्जुन रामपाल मुझ से कुछ वर्ष छोटे, मुझ पर बहुत प्रेशर था उस वक्त, दीपक मल्होत्रा नामक एक सुपर मॉडल एक्टर थे, जिन्होंने अपनी एक फिल्म में,‘पलो’ बोलै बस उसके बाद वह तो कही नज़र नहीं आए, किन्तु जितने भी मॉडल रनवे से आए थे, उनके बारे में यह बोला जाने लगा-इन मॉडल को एक्टिंग तो बिल्कुल भी नहीं आती है, और हिंदी भी ठीक तरह से नहीं बोल पाते है, इनकी अभिनय शक्ति जीरो है, मुकुल आनंद जी ने मुझे एक बाद अच्छी तरह से सिखलाई थी, कि यदि फिल्मों में काम करना हो तो आपको पूर्णतः फॉक्स रहना होगा, इसके बाद मैनें पेंटल साहब से एक्टिंग सीखी फिर किशोर नामित कपूर की एक्टिंग क्लास्सेस भी ज्वाइन की, और एक्शन मोसेस सर से बीच पर सीखने जाया करता, बस इस जर्नी ने मुझे बहुत कुछ सिखाया और मैं इन सभी का शुक्रगुजार हूँ।

कुछ सोच कर राहुल आगे बोले, ‘मुझे हैरानी होती है कि इस सब के बाद भी मुझे डेब्यू के लिए 12 नॉमिनेशंस मिले थे, खेर मुझे अपनी फिल्मी जर्नी से बहुत कुछ सीखने को मिला है, बस काम पर तब से लेकर अब तक मेरा फॉक्स बरकरार ही है।

फिल्मी दुनिया से हो तो इन्सेक्युर भावना रहती होगी?

rahul dev interviewमुझे पूरी तरह से याद है, जब मैंने फिल्मों का रुख किया था, तो मैं बहुत ही इन्सेक्युर था, मैंने एक फ्लैट  ले तो लिया था, किन्तु मन ही मन बहुत डरा रहता था, मैं लोन भर पाउँगा या नहीं, वैसे भी लोगों ने मुझे बहुत सारी कहानिया भी सुना रखी थी, और मैं एक मिडिल क्लास परिवार से बिलाॅन्ग करता हूँ, तो थोड़ा भय तो था ही, किन्तु जिन्होंने कहा था की यह सारे सुपर मॉडल पत्थर की तरह है, अभिनय नहीं कर पाते है, उनके लिए यह जवाब काफी था।

आगे राहुल कहां है 2020 मेरे लिए बहुत अच्छा साबित हुआ है, मेरे पास ढेरो फिल्में है, फिर चाहे, ओ.टी.टी पर रिलीज हो या फिर सिनेमा घरों मैं काम कर रहा हूँ यह मेरे लिए ईश्वर की कृपा है, आज खुश हूँ कि मैं एक ट्रेन्ड एक्टर नहीं हूँ, लेकिन जो कुछ कर रहा हूँ, वो मेरे लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है, मैंने बहुत अच्छे अभिनेताओं एवं निर्देशकों के साथ काम कर ढेरो अनुभव जुटा रखा है,मेरे प्रोफेशन में और अन्य जगह काम भी आ रहा है, मेरे लिए यह एक अनूठा एवं मिश्रित अनुभव रहा।

तोरबाज रिलीज पर है, और थिएटर रिलीज है क्या कहना चाहेंगे?

rahul dev interviewफिल्म ,‘तोरबाज’ के प्रोमोज हाल ही में रिलीज हुए है जब भी आप देखते है, तो खुशी भी होती है और सिनेमा अच्छा लगता है, ना जाने लोग प्लेन में बैठ कर अपने मोबाइल पर कैसे फिल्में भी देख रहे है, मुझे तो वह मजा नहीं आता है, हाँ मेरे घर में बहुत बड़ा टीवी है, और सिस्टम भी, पर देखना अच्छा लगता है, थिएटर में फिल्म देखने का आनंद कुछ और ही होता है, आपके बाजु वाला व्यक्ति यदि भावुक होता है, तो उसका असर आप पर भी पड़ता है, फिल्म को दरसल ऐसे में ही देखने का मजा आता है।.

साल 2020 सभी के लिए परेशानी वाला वर्ष रहा है, पर मेरे पास बहुत काम था, इसके लिए मैं ईश्वर का एहसानमंद हूँ, पर हां मेरे घर वाले दिल्ली में है, मैं जैसे पहले एका-एक निर्णय लेकर उड़ान भर लिया करता, क्योंकि मैं अनेकानेक सेट्स पर शूटिंग करता हूँ, और घर पर माँ भी है, सो कोशिश करता हूँ उनके पास न जाऊ, क्योंकि कोविड-19 के चलते थोड़ा दूर, घरवालों को स्वस्थ देखना चाहता हूँ न।


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Mayapuri

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