छलिया बाबू की शूटिंग पर देर से पहुंचे राजेश खन्ना

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मायापुरी अंक 12.1974

राजेश खन्ना के घर ‘आशीर्वाद’ फोन किया तो उनके विश्वास पात्र सेवक (काका को चम्मचा शब्द से एलर्जी है) कबीर बेदी ने सूचना दी कि वे फिल्मालय में ‘छलिया बाबू’ की शूटिंग कर रहे है पहुंच जाइये। सुबह की शिफ्ट थी मैं ठीक दस बजे पहुंच गया। फिल्म की हीरोइन जीनत ठीक समय पर पहुंच कर वन-ठन कर तैयार हो गई थी। राजेश खन्ना बारह बजे तक भी नही आये। निर्माता सोमू मुखर्जी और निर्देशक जॉय मुखर्जी उदास होकर फिल्मालय के ऑफिस के बाहर ही बैठे थे। वे शायद हिसाब लगा रहे थे कि आज हीरो नही आया तो कितने रुपयों की चपत लगेगी। थोड़ी ही देर बाद भौं-भौ की आवाज सुनाई दी। जॉय मुखर्जी उछल कर गाने लगे हमारा हीरो आ गया हमारा हीरो आ गया

राजेश ने देर से आने का कारण बताया कि उन्हें महाराष्ट्र राज्य की लॉटरी निकालने के लिए खास रूप से बुलाया गया था। (फोन पर यह बात पहले क्यों नही बता दी। दो-दो मुखर्जी बन्धुओं का खून तो नही सूखता) राजेश ने कहा “कमाल है एक रुपये के बदले पांच लाख रुपये जिसे एक बदले पांच लाख मिलेगें उस का हार्ट फेल नही हो जायेगा। आज से में भी नियमित रूप से लॉटरी का टिकट खरीदूंगा” कहते हुए वे मेकअप रूम में चले गयें।

 

थोड़ी ही देर बाद वे पीली रेशमी बनियान और पीली पैंट के ऊपर धारी वाला-लम्बी कॉलर का कोट पहन कर सैट पर आये तो यूनिट के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई।

‘छलिया बाबू का सैट बड़ा भव्य था। ऐसा लगता था जैसे किसी राजा-महाराजा ने अपनी रंग-रेलियों के लिए संगमरमरी महल बनवाया हो। सफे, सब कुछ सफेद दीवार से ले कर पर्दे तक और बीच में रखे गोलाकार पसंद तक नीचे का फर्श भी दूधिया सफेद था।

राज कुमार की तरह ज्यों ही राजेश खन्ना सैट पर आये-लाइटिंग के साथ ही गाना बज उठा जो डोर हाथ में आई नही छोड़े गाना उन पर और जीनत अमान पर फिल्माया जाना था। जीनत अमान भी सफेद कपड़ों में सज-धज कर वहां आ गई थी। घुटनों से ऊपर तक की मिनी ड्रेस में वह एकदम दूध में नहाई तरुणी लग रही थी। गाने के साथ ही दोनों रोमांटिक मूड में आ गये थे।

पहला शॉट खत्म होते ही ‘मायापुरी का ताजा अंक राजेश के हाथों में थमाते हुए मैंने पूछा ‘रोटी’ के बाद आपकी महत्वपूर्ण फिल्म कौन-सी है

राजेश खन्ना ने बताया-‘प्रेम कहानी’ और फिर अपनी भूमिका को चर्चा करते हुए उन्होंने कहा टेलर कट रोल तो मिल जाते है पर में एन्टी हीरो की भूमिकायें करना चाहता हूं। मैं धीरे-धीरे महसूस कर रहा हूं कि समय के बदलने के साथ हमारे दर्शकों की रुचि भी बदल रही है। अब जरा जोशीले और रूखे आदमी पसन्द किये जाते है। पर अफसोस है कि हमारी फिल्मों में एन्टी हीरो का सही इमेज अब तक उभर कर नही आया है। लोग गलती से एन्टी हीरो’ का मतलब चोर-डाकू और बदमाश से ले लेते है।

मैंने पूछा-“तो फिर आपकी नजर में ‘एन्टी हीरो’ कौन है?

राजेश खन्ना ने अपनी उंगलियों से बालों को सहलाते हुए कहा-“जो रिवेल हो। जो एग्रेसिव हो जो जिंदगी की परवाह न कर दूसरों की खातिर सब कुछ लुटा देने को तैयार हो। जो बहादुर हो पर जिसमें इन्सानों जज्बात हो और

इतने में जॉय मुखर्जी ने आकर उनके कंधो पर हाथ रखा। दूसरे सैट की तैयारी हो चुकी थी।


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Mayapuri

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