रजनीकांत

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 रजनीकांत के जीवन के दो पहलु एक्टर प्लस सन्यासी

 रजनीकांत फ़िल्मी दुनिया का एक ऐसा नाम है जिन्होंने न केवल एक एक्टर के तौर पर सबके दिलो में जगह बनाई बल्कि वो इतने सभ्य और सरल व्यक्ति हैं जो इस चमक धमक की दुनिया के होने के बाद भी इस दुनिया के नहीं लगते रजनीकांत का जन्म 12 दिसंबर 1950 को एक मराठी परिवार में हुआ था। उनकी माता का नाम रमाबाई और पिता का नाम रामोजी राव था, उनके पिता बैंगलोर के पुलिस कांस्टेबल और माता गृहिणी थी। मराठा योद्धा छत्रपति शिवाजी के नाम पर ही उनका नाम शिवाजी राव रखा गया था। आज हम उनके जन्मदिन पर असली रजनीकांत से आपको मिलवाने वाले हैं। चलिए जानते हैं उनके बारे में करीब से :-

रजनीकांत की माता जी का देहांत तभी हो गया था जब रजनी काफी छोटे थे. इसके बाद उन्होंने आने परिवार को पालने के लिए कुली और बस कन्डक्टर की नौकरी भी की और फिर उनकी किस्मत का सितारा चमक उठा।

शंकर द्वारा डायरेक्ट की गयी पहली फ़िल्म शिवाजी है और यह पहली तमिल फ़िल्म है जो यूनाइटेड किंगडम और साउथ अफ्रीका के बॉक्स ऑफिस पर भी टॉप पर रही।

1985 में इस सुपरस्टार ने अपनी 100 फिल्में पूरी की और श्री राघवेंद्र फ़िल्म में उन्होंने हिंदू संत राघवेंद्र स्वामी का रोल किया था।

रजनीकांत के माता-पिता का नाम जीजाबाई और रामोजी राव गायकवाड़ है, जो एक महाराष्ट्रियन कपल थे और बैंगलोर में रहते थे और रजनी का असल नाम शिवाजी राव गायकवाड़ है।

थलपति ही उनकी एक ऐसी फ़िल्म है जिसे सेंसर बोर्ड ने U/A सर्टिफिकेट देकर रिलीज किया था।

एन्थिरुण एक ही ऐसी तमिल फ़िल्म है जिसमे IMDb की टॉप 50 फिल्मो में जगह बनाई थी।

रजनीकांत अपनी पत्नी लता से तब मिले थे जब उनकी पत्नी कॉलेज मैगज़ीन के लिए उनका इंटरव्यू ले रही थी। रजनीकांत ने लता रंग्चारी से शादी की जो कॉलेज पत्रिका के लिए उनका इंटरव्यू लेने आयी थी और उनको देखते ही उन्होंने लता को प्रपोज कर दिया था | 26 फरवरी 1981 को आन्ध्र प्रदेश के तिरुपति में उनकी शादी सम्पन्न हुयी |

2005 में “चन्द्रमुखी” फिल्म में अपने दमदार अभिनय का लोहा दिखाय जो एक साथ कई भारतीय भाषाओं के साथ साथ विदेशी भाषाओ में भी रिलीज़ हुयी थी | इसी फिल्म से प्रेरित होकर बॉलीवुड में भूल भुल्लैया फिल्म बनी थी।

रजनीकांत आज भी अमिताभ बच्चन को अपना गुरु और रोल मॉडल मानते है और कई फिल्मो में उन्होंने अमिताभ बच्चन जैसा अभिनय किया है।

रजनीकांत अक्सर ही हिमालय की गोद में जाकर वहां के छोटे-छोटे गाँवों में रहते हैं। वे कहते हैं कि वे अपनी हर फिल्म के बाद हिमालय आते हैं यहां आकर उनके दिल को शांति मिलती है।

अगर कभी रजनीकांत की फिल्म पर्दे पर अच्छा काम नहीं करती तो वे वितरकों को अपनी जेब से पैसा लौटाते हैं. इसके अलावा इसका सारा दोष भी खुद पर ले लेते हैं।

रजनीकांत की ये खासियत है कि वो कभी किसी को इंतज़ार नहीं करवाते, फिर भले ही वो शूट का मामला हो या किसी इवेंट का, रजनी टाइम पर पहुंच जाते हैं।

रजनीकांत ने एक बार अपनी स्पीच में बोला था कि एक बार रजनीकांत को उनके बड़े भाई के मित्र एक 60 साल के राजस्थानी मित्र ने मजाक उड़ाते हुए कहा “क्या यार रजनी , तेरे बाल वाल सब उड़ गये , क्या फिल्म वगैरह करना छोड़ दिया क्या ?” तो रजनीकांत ने जवाब दिया “एक फिल्म में काम कर रहा हु ” उनके मित्र ने पूछा “कौनसी फिल्म ? ” रजनीकांत ने कहा “रोबोट और उसमे ऐश्वर्या एक्ट्रेस है ” तब उनके राजस्थानी मित्र ने पूछा “हीरो कौन ? ” रजनीकांत ने कहा “मै ही हीरो हु ” उनकी ये बात सुनते ही उनका वो मित्र 10 मिनट तक कुछ नही बोला और उनको घुर रहा था। रजनीकांत इस बात पर मन ही मन मुस्कुरा दिए | इस वाकिये से पता चलता है कि वो असल जिन्दगी में कितने सीधे है।

2011 में वो “राणा ” फिल्म की शूटिंग में लग गये थे और इसी दौरान उनकी तबियत काफी खराब हो गयी थी लेकिन बाद में वो ठीक हो गये थे | उनकी बीमारी के बाद राणा फिल्म का नाम कोचादाइयां रखा गया था और ये एक एनीमेशन फिल्म थी | 2012 में कोचादाइयां और शिवाजी की 3d रिलीज़ के बाद रजनीकांत पहले ऐसे भारतीय एक्टर बन गये जिनकी फिल्म सिनेमा के चार फॉर्म ब्लैक एंड वाइट, कलर  3D और मोशन कैप्चर में बनी थी।

किसी शूट या इवेंट के दौरान भी रजनी अपनी कार खुद ही चलाना पसंद करते हैं।

रजनीकांत के पास पैसे की कोई कमी नहीं, पर फिर भी उन्होंने अपने पुराने कपड़ों, कार और दूसरी चीज़ों को सम्भाल कर रखा है. वो चीजों की कीमत जानते हैं।

रजनीकांत को पढ़ने का भी बहुत शौक है. वे अक्सर धर्म, अध्यात्म और साइंस आदि से संबंधित किताबें पढ़ते हैं।

22 साल पहले रजनी के जन्मदिन की पार्टी से लौट रहे उनके तीन फैन्स का एक्सीडेंट में देहांत हो गया था. रजनी को इस हादसे से इतना सदमा पहुंचा था कि उन्होंने अपना जन्मदिन तक नहीं मनाया था और आज २०१६ मे भी रजनीकांत ने अपना जन्मदिन न मानाने का फैसला किया है और अपने फैन्स को भी ऐसा करने के लिए मना किया है क्योकि वो जय ललिता जी के देहांत के कारण बहुत दुखी हैं।


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Mayapuri

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