राखी-गुलजार संबंध नाजुक दौर में?

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मायापुरी अकं 52,1975

राखी ने राजश्री प्रोडक्शन की नई पिक्चर साइन की है जिसमें वह अजय साहनी के साथ आ रही हैं। लेकिन शूटिंग शुरू करने से पहले उन्होंने एक काम यह किया कि वह गुलज़ार का घऱ छोड़कर अपनी मां के बंगले पर पहुंच गई हैं। वह अच्छी तरह जानती हैं कि इस बारे में गुलजार के क्या विचार हैं?

शादी के पहले गुलज़ार ने साफ कह दिया था कि वह शादी के बाद फिल्मों में काम नहीं करेंगी। और राखी ने इस बात का वायदा भी किया था। लेकिन राखी को इस बात की पूरी उम्मीद थी कम से कम गुलज़ार अपनी फिल्मों में उसे हीरोइन के रूप में जरूर लेंगे। लेकिन गुलज़ार भले ही बंगाली टेस्ट की फिल्में बनाते हो, लेकिन हैं तो पंजाबी ही उन्होंने राखी को सिर्फ अपने दिल की ही हीरोइन बनाकर रखना ठीक समझा अब राखी का कहना है कि वह मानती हैं उसने काम न करने का वायदा किया था और उसके ऐसे ही विचार भी थे लेकिन आदमी समय के साथ-साथ विचार भी बदल लेते हैं। मैं आखिर खाली समय में करूं भी क्या? घर पर बैठे-बैठे बोर होती रहती हूं इसलिए मैंने फैसला किया है गिनी-चुनी फिल्मों में काम करूंगी।

सच पूछिए, तो मैं इस बात में राखी को दोषी नहीं ठहराऊंगा। यह सिनेमा का ग्लैमर है ही ऐसा जो एक बार इसका स्वाद चख ले, फिर वह उसे छोड़ नहीं सकता। राखी ऐसी पहली हीरोइन नहीं जिसने ऐसा किया हो। इससे पहले शर्मिला टैगोर, नूतन, सायरा बानो, जया भादुड़ी, सिम्मी, पद्मनी ने भी शादी करने के साथ ही यह सोचा था कि वे फिल्म लाइन से अलग रहेंगी। लेकिन ज्यादा देर अपने इरादे पर टिकी न रह सकी। ग्लैमर का नशा ही ऐसा है। इससे बचना बहुत मुश्किल है। सिर्फ नरगिस ही ऐसी हीरोइन थीं जो अपने इरादे पर टिकी रही। डिम्पल के बारे में अभी कुछ नही कहा जा सकता। बेचारी अभी तो सिर्फ बच्चे पैदा करने की मशीन बनी हुई है। लेकिन यह असंभव नहीं कि वह फिर से एक्टिंग करना शुरू कर दे।

तलाक के कागज़ात तैयार है लेकिन आखिरी घड़ी इसलिए नहीं आई है कुछ भले लोग बीच में पड़े हुए हैं और वह चाहते हैं बच्ची (बोस्की) की खातिर ही इन दोनों में समझौता हो जाये। लेकिन दोनों अपनी बात पर पड़े हुए हैं। गुलज़ार का कहना है कि वह तभी राखी को स्वीकार करेंगे, अगर वह फिल्मों में काम नहीं करेगी। उधर राखी का कहना है, वह कुछ चुनी हुई फिल्मों में जरूर काम करेंगी।

राखी के एक मित्र ने मुझे यह भी बताया कि उन दोनों में जो झगड़ा चल रहा है, उसका कारण कुछ हद तक शर्मिला टैगोर भी है। राखी और शर्मिला की फिल्म ‘दाग’ के बाद बिल्कुल नही बनती। दोनों उस फिल्म के बाद बातचीत तो क्या आमने-सामने आने को भी तैयार नहीं। यह सब जानते हुए भी गुलजार ने अपनी फिल्म ‘मौसम’ में शर्मिला को लिया। अब यह बात कहां तक सच है, यह तो भगवान ही जाने? हो सकता है शर्मिला ने राखी को सिर्फ जलाने के लिए ही ऐसा किया हो। लेकिन नतीजा कुछ ठीक नहीं निकला। अगर राखी गुलज़ार अलग हो गए तो बड़ा दुखद होगा।


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Mayapuri

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