रमेश सिप्पी की फिल्म-‘शोले’ के इतिहास के साथ जुड़ा एक नया अध्याय

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70 के दशक की सर्वाधिक कमाई करने वाली फिल्म के रूप में ‘शोले’ की चर्चा आज के दौर में भी होते रहती है। 3 घंटा 24 मिनट की म्यूजिकल/कॉमेडी युक्त एक्शन फिल्म ‘शोले’ सिर्फ रमेश सिप्पी की नहीं, बल्कि पूरे भारतीय सिनेमा की अबतक की सदाबहार फिल्म है। 15 अगस्त 1975 को प्रदर्शित इस फिल्म की सफलता का श्रेय इसकी पटकथा और पार्श्व संगीत को ही दिया जाता है। आसमान में गोलियों की गूंजती आवाज, झूले के चरचराहट, डाकुओं की फिल्म होते हुए भी नई कहानी के जरिये मध्यमवर्गीय जीवन के नए पहलू उद्घाटित हुए थे, इसी सबने मिलकर ‘शोले’ को महान बनाया।

वर्ष 2005 में 50वें फिल्मफेयर समारोह में फिल्म को पिछले 50 साल की सर्वश्रेष्ठ फिल्म का दर्जा दिया गया था। साथ ही ब्रिटिश फिल्म इंस्टीट्यूट ने वर्ष 2002 की वोटिंग में शीर्ष 10 भारतीय फिल्मों की सूची में ‘शोले’ को प्रथम स्थान दिया था। ‘शोले’ के प्रदर्शित होते ही फिल्म के संवाद और कुछ साइलेंट पात्र की जीने वाले कलाकार बेहद लोकप्रिय हो गए थे उनमें से चरित्र अभिनेता मेजर आनंद का नाम सर्वोपरि है। वैसे अभिनेता मेजर आनंद अब इस दुनिया में नहीं हैं, उन्होंने 3 सितंबर 2020 को इस दुनियां को अलविदा कहा। फौज की नौकरी छोड़ कर 70 के दशक में ही रामसे ग्रुप की फिल्म-‘अंधेरा’ से फिल्मी कैरियर शुरू करने वाले अभिनेता मेजर आनंद ने अपने जीवन काल में ‘शोले’ समेत 75 फिल्मों में काम में काम किया। अभिनेता मेजर आनंद के अभिनय कौशल और लोकप्रियता को देखते हुए

बी एफ सी पब्लिकेशन्स(लखनऊ) के द्वारा अभिनेता मेजर आनंद की बायोग्राफी प्रकाशित की गई है। इसके साथ ही रमेश सिप्पी की फिल्म-‘शोले’ के इतिहास के साथ एक नया अध्याय जुड़ गया है। इसके पूर्व ‘शोले’ के नामचीन कलाकारों को छोड़ कर फिल्म से जुड़े किसी भी कैरेक्टर आर्टिस्ट की बायोग्राफी अब तक प्रकाशित नहीं हुई है। वरिष्ठ फिल्म पत्रकार अरुण कुमार शास्त्री के दिशा निर्देश पर फिल्म पत्रकार काली दास पाण्डेय द्वारा लिखी गई बायोग्राफी ‘मेजर आनंद- ख़्वाबों की मंज़िल का नायक’ (सफरनामा फौज से फिल्मों तक) की खास बात यह है कि इसमें अभिनेता मेजर आनंद के फिल्मी कैरियर से जुड़े अनछुए पहलुओं को शामिल किया गया है। साथ ही साथ फिल्म विधा में रुचि रखने वाले नवोदित कलाकारों व फिल्म निर्माताओं के लिए इस बायोग्राफी में फिल्म डायरेक्टरी का भी समावेश किया गया है। पाठकों के लिए यह बायोग्राफी काफी उपयोगी साबित होगी। बायोग्राफी का किंडल (ई बुक) संस्करण और पेपर बैक संस्करण अमेज़न और फ्लिपकार्ट पर उपलब्ध है।

संवाद प्रेषक : काली दास पाण्डेय


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