दिल्ली में हुआ फिल्म ’21 बैटल ऑफ सारागढ़ी’ का मुहुर्त

1 min


Mahurat Of 21-Battle Of Saragarhi

सारागढी दिवस के मौके पर दिल्ली कैंट में देश के रीयल हीरो के साथ फिल्म ’21 बैटल ऑफ सारागढ़ी’ का मुहुर्त किया गया। इस मौके पर सिख रेजीमेंट के 21 जवानों को सोरफा और खांडा से सम्मानित किया गया। ’21 बैटल ऑफ सारागढी’ का मुहूर्त के मौके पर सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, रक्षा मंत्री मनोहर परिकर, राज्यवर्द्धन राठौड़ सहित वेब सिनेमा के चेयरमैन राजू चडढा और फिल्ममेकर और वेब सिनेमा के सीईओ राहुल मित्रा तथा फिल्म की पूरी स्टार कास्ट मौजूद थी।

Mahurat Of 21-Battle Of Saragarhi
Mahurat Of 21-Battle Of Saragarhi

फिल्म सिखों और उनकी जाबांजी पर आधारित है इसलिए इसका आगाज भी खास अंदाज में किया गया। फिल्म के मुहुर्त के अवसर पर भारत के 21 बहादुर सिख जवान जिन्होंने देश के लिए अपनी जान की भी परवाह नहीं की उनको खासतौर पर सम्मानित किया गया। इन 21 जवानों में से कई जवान ऐसे थे, जिन्होंने देश के लिए जंग लड़ते हुए अपनी आंखें, अपने पैर तक गंवा दिए हैं. रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने इन जवानों को सम्मानित किया।

Mahurat Of 21-Battle Of Saragarhi
Mahurat Of 21-Battle Of Saragarhi

‘21 बैटल ऑफ सारागढ़ी’ इस फिल्म में मुख्य भूमिका निभा रहे हैं रणदीप हुड्डा। रणदीप हवलदार इशर सिंह की भूमिका में नजर आएंगे। राजकुमार संतोषी बताते हैं कि फिल्म सिक्ख जवानों पर आधारित है, इसलिए मैं कुछ अलग करना चाहता था।

Mahurat Of 21-Battle Of Saragarhi
Mahurat Of 21-Battle Of Saragarhi

मुंबई में तो सभी फिल्म का मुहूर्त होता है और स्टार से खचाखच भरी पार्टी होती है. मैं कुछ अलग करना चाहता था.  इसलिए मैंने इस फिल्म का मुहूर्त देश के सच्चे हीरो के साथ करने का फैसला लिया। वो सैनिक जिन्होंने देश के लिए अपने जान की बाजी लगा दी, जो देश के असली हीरो हैं।

Mahurat Of 21-Battle Of Saragarhi
Mahurat Of 21-Battle Of Saragarhi

 हमारी टीम ने ऐसे रिटायर सैनिकों को ढूंढ़ा जिसने देश के लिए अपने हाथ, अपने पैर यहां तक कि अपनी आंखें भी गंवा दीं। हमने पंजाब के अलग-अलग शहरों से इन 21 जवानों को बुलाकर सम्मानित करने का फैसला किया।

Mahurat Of 21-Battle Of Saragarhi
Mahurat Of 21-Battle Of Saragarhi

इन जवानों ने कई आतंकियों को मारकर अपने देश की रक्षा की है। सारागढी उन 21 जवानों के इर्द गिर्द घूमती हुई फिल्म हैं जिन्होंने 10,000 अफगानियों से सात घंटे तक लोहा लेते हुए शहीद हो गए लेकिन उन्हें अपनी सीमा में प्रवेश होने नहीं दिया।


Like it? Share with your friends!

Mayapuri

अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिये