रणदीप हुड्डा ने दी सभी धर्मों और जातियों को सोशल मीडिया दूर रहने की सलाह

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लगातार सोशल मीडिया पर अलग अलग धर्मों को लेकर तीखी बयां बाज़ी चल रही है। जिससे न चाहते हुए भी कई लोग और देश की शांति पर भी प्रभाव पड़ रहा है। इस मुददे पर अब किसी को ट्रोल करना आम बात हो गई है। बिना सोचे समझे लोग अपना फैसला दूसरों को सुनाने लगे है। ऐसे माहौल में रणदीप हुड्डा ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक तस्वीर शेयर की है, जिसमें वे हर धर्म और जाति के लोगों को एक नसीहत दे रहे हैं। जो की लोगों द्वारा खूब पसंद की जा रही हैं। रणदीप ने उस तस्वीर के जरिए मुस्लिम, हिंदू, पंजाबी, दलित, जैन लोगों को एक  सुझाव दिया है। साथ ही रणदीप ने इन लोगों को सोशल मीडिया से भी दूर रहने की सलाह दी है।

जैसा की आप जानते होंगे की रणदीप हुड्डा फिल्मों के साथ-साथ अपनी सोशल मीडिया पर डाली जाने वाली पोस्ट को लेकर भी सुर्खियों में बने रहते हैं। इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ है। रणदीप ने सोशल मीडिया पर हो रहे धार्मिक मुददों पर बवालों के बाद जो तस्वीर अपने इंस्टाग्राम पर शेयर की है वो उन धर्मपंथियों और जातिवादियों को एक मुँह तोड़ जवाब है। जिसमे रणदीप ने लिखा है -अगर आप मुस्लिम हैं और अचानक आपको लगने लगा है कि आप यहां असुरक्षित हैं जहां आप हजारों सालों से रह रहे हैं, वहां आप महफूज नहीं हैं। अगर आप दलित हैं और आपको लग रहा कि जिंदगी के हर पल पर आपको बेइज्जत किया जा रहा है। अगर आप हिंदू हैं और अचानक आपको महसूस हो रहा है कि हर तरफ गायों की हत्या की जा रही है।

‪Just look around you at your friends who belong to different castes , communities and religions…‬

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अगर आप जैन हैं और अचानक आपको लगने लगा कि है कि आपको अपने धर्म के साथ समझौता करना पड़ रहा है। आपकी धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ हो रहा है। अगर पंजाबी हैं और सोचते हैं कि पूरा यूथ ड्रग्स ले रहा है। तो बस एक काम कीजिए सोशल मीडिया से दूर हो जाइए। न्यूज मत देखिए। धार्मिक मामलों पर की जाने वाली डिबेट्स से दूर रहिए। अपने चारों तरफ अपने उन दोस्तों को देखिए जो अलग जाति, संप्रदाय और धर्म से आते हैं। और फिर आपको लगेगा कि आप दुनिया के सबसे अच्छे देश में रह रहे हैं। यह बात सच है रणदीप हमारा देश अन्य देशों के लिए एक उदाहरण है। जहाँ इतने इतने धर्म इतने सालों से रहते हैं। मतभेद हर जगह होते हैं और इतनी विविधताओं वाले देश में थोड़ा बहुत मतभेद होना नज़्मी है। इससे परेशान होकर कोई अपने ही घर को ही नहीं जला देता। पहले भी ये हालत थे जो और भी गंभीर थे बस अब फर्क इतना है कि अब ये मुददे देश के नहीं बल्कि पर्सनल हो गए हैं जाती और धर्म प्रधान हो गए हैं जो की सर कुछ गन्दी मानसिकता वालों की गन्दी राजनीती है जो देश को बढ़ता हुआ नहीं देख सकते।


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Mayapuri

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