मैं लता जी की फैन हूं – सुलक्षणा पंडित

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Sulakshana Pandit

 

मायापुरी अंक 17.1975

बतौर गायिका असफल होने वाली सुलक्षणा पंडित भी आजकल अपने से बड़े कलाकारों का निरंतर अपमान कर रही हैं। हालांकि यह किशोर कुमार ही थे जिसके कारण उन्हें न्यूज में आने और गाने का अवसर मिला वरना हीरोइन बनने के पश्चात कोई उन्हें गाना गवाने को तैयार नही है। शत्रुघ्न सिन्हा की पार्टी में उनसे भेंट हुई तो हमने उनसे कहा, “क्या यह सही है कि आपको अपने प्लैबैक न देने के लिए लता, आशा और अन्य लोगों ने कोई षडयन्त्र रचा है ? और इसीलिए आप लता जी को बुरा भला कहती फिर रही हैं?

“तौबा कीजिए साहब यह मुंह और मसूर की दाल कहां मैं और कहां लता जी उनको कुछ कहने का अर्थ अपने मुंह पर ही धूल डालना है मैं बचपन से उनकी फैन हूं। 13 वर्ष की उम्र से स्टेज पर उनके गाये गाने गा कर मैंने लोगों को अपनी आवाज का परिचय दिया हैं। मैं भला उन्हें क्यों कुछ कहने लगी। कुछ लोग ऐसे है जो लता जी से मेरे संबंध खराब करने पर तुले हुए है। वही यह कहते हैं कि यदि मैं और अन्य सिंगर लता जी से अच्छे गाने नही गा सकते तो हमें इंडस्ट्री छोड़ देनी चाहिए। कहां लता जी और कहां मैं उनकी उम्र, उनका अनुभव हम में से किसी के पास नही है। आज लता जी जो कुछ है उसमें गुलाम हैदर, सज्जाद, नौशाद रोशन खय्याम, वर्मन, मदन मोहन जैसे महारथी संगीतकारों का बड़ा योगदान है। इनकी सहायता से लता जी को अपनी कला निखारने का जो अवसर मिला है वह हम लोगों को कहां नसीब है। अब तो बस गुट बंदी का दौर है।“ सुलक्षणा ने बड़े निराश स्वर में कहा।


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Mayapuri

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