लता जी हमेशा देसी गीत ही गाती है

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LataMangeshkar-1

 

मायापुरी अंक 14.1974

कोकिल कंठी लता एक अर्से से फिल्मों में गाने गा रही है, लता की विशेषता यह है कि उसने अपने लम्बे फिल्मी करियर के दौरान कभी भी पाश्चातीय संगीत के गाने नही गाये, उन्होनें अभी तक शुद्ध देशी गीत ही गाये, है। कॉमेडियन ओम प्रकाश भी अन्य लोगों की तरह लता जी के आवाज के दीवाने है। लता मंगेशकर भी ओम प्रकाश का बड़ा सम्मान करती है। ओम प्रकाश ने अपनी फिल्म ‘चाचा जिन्दा बाद’ में लता से अपने सम्बन्धों का फायदा उठाते हुए एक रॉक एंड रोल टाइप का पाश्चातीय गीत रख दिया। वह गीत हीरोइन पर फिल्माया जाना था। हीरोइन अपने पश्चिम प्रेमी पति को खुश करने के लिए यह गीत गाती है। यह बात सब को ही मालूम थी कि लता अंग्रेजी धुनों के गीत नही गाती वह ऐसे गानों से इतनी ही दूर भागती है जैसे महामंत्र से शैतान। इसके बावजूद लता जी ने निर्माता ओम प्रकाश को साफ-साफ मना नही किया। किन्तु उसने दिल में ठान लिया कि वह यह गाना रिकॉर्ड नही करायेगी। वह किसी भी कीमत पर अपना सिद्धांत तोड़ना नही चाहती थी। इसी नीयत से वह रिकॉर्डिंग वाले दिन घर से निकली कि वह ऐसा गाना रिकॉर्ड कराने से साफ इंकार कर देगी।

लता रिकॉर्डिंग पर पहुंची। किन्तु रिकॉर्डिंग हाल में पहुंचने से पहले ही उन्हें पता चल गया कि आज निर्माता के पिता का देहांत हो गया है लता ने सोचा कि यदि इस स्थिति में उसने गाने से इंकार किया तो बेचारे ओम प्रकाश और अधिक दुखी हो जाएगे और उसका मानसिक तनाब बढ़ जाएगा। यह सोच कर लता ने अपने सिद्धांतों की परवाह न करते हुए बिना विरोध वह गाना रिकॉर्ड करवा दिया और घर चली गई।

उस रात लता रात भर सो न सकी। उन्हें गीत कैंसल कराने का कोई उपाय न सूझा। आखिर एक दिन अवसर देखकर उन्होनें ओम-प्रकाश से बिनती कर ही डाली कि वह उसका रॉक एंड रोल वाला गीत कैंसल कर दे और उनके स्थान पर किसी और की आवाज भर ले। किन्तु निर्माता ने साफ इंकार कर दिया क्योंकि लता ने वह गाना बड़ा ही सुन्दर गाया था। लता की आवाज निकलने के पश्चात बचता ही क्या? फिर मखमल में टाट का पेबंद कौन पसन्द करता हैं। निर्माता ने साफ-साफ कह दिया इस गीत में जो जादू आप जगा चुकी है, वैसा कोई नही जगा सकता। यह गाना तो सौंट के हिट होने वाला है। मैं इसे बदल नही सकता।

लता बेचारी क्या कर सकती थी। निराश मुहं लटकाये वापस घर चली गई। दिल ही दिल में उस गाने को कैंसल कराने का उपाय सोचती रही। वह ठान चुकी थी कि किसी भी हालत में यह गाना कैंसल जरूर करवाना है इसी बीच ‘रक्षा बन्धन’ का त्यौहार आ गया लता ओमप्रकाश के घर गई। लता मंगेशकर को अपने घर देख कर ओमप्रकाश आश्चर्य और आनन्द में डूब गया। “मैंने सदा ही आपको भाई माना है और आज इसीलिए राखी बांधने आई हूं.” लता ने ओमप्रकाश की हैरत दूर करते हुए कहा।

“ओह यह तो मेरी खुश किस्मती है। ओमप्रकाश ने खुश होते हुए कहा। “इसका मतलब है कि मेरी किस्मत चमकने वाली है। वह कहकर ओमप्रकाश ने अपना हाथ राखी बंधवाने के लिए आगे बढ़ा दिया।

लता मन ही मन हंसती रही और खामोशी से राखी बांधती रही।

“अब क्या दूं ? ओमप्रकाश ने राखी बंधवा कर कहा।

“जो आपका दिल चाहे लता बोली। “नही तुम अपनी मर्जी से कुछ भी मांग लो”

“अगर यह बात है तो वादा कीजिए कि जो मैं मांगूगी वही आप देगे। लता ने एक अर्थ पूर्ण हंसी के साथ कहा।

“मांग कर तो देखो ओमप्रकाश ने पठानी लहजे में कहा।

“आपकी फिल्म चाचा ‘जिंदा बाद’ में मेरा रॉक एंड रोल का जो गीत रिकॉर्ड किया गया है, उसे कैंसल कर दीजिए। रक्षा बंधन के सिलसिले मै आपसे यही एक चीज मांग रही हूं लता ने ओमप्रकाश को अपनी चाल में फंसा ही लिया था।

और इस प्रकार ओमप्रकाश को वह गीत कैंसल करना पड़ा लता की पाश्चात्य तर्ज के गीत न गाने की लाज रह गई।

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Mayapuri