हर तरफ जया भादुड़ी का जलवा

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मायापुरी अंक 17.1975

“मुगले आज़म” में शहंशाह अकबर ने अनारकली से कहा था “अनारकली” हम तुम्हें जीने न देगें और सलीम तुम्हें मरने न देगें।

यह एक लेखक की कल्पना थी जो साकार होकर जया भादुड़ी के जीवन में उतर आई। फिल्मों का ग्लैमर, दर्शकों की चहेती हीरोइन बने रहने की लालसा उन्हें स्टूडियो की ओर भगा रहा है और पति का अधिकार व बच्ची के प्रति ममता उन्हें घर से निकलने नही देती। अमिताभ अपने इंटरव्यूज में यह कहते नही थकते कि जया की फिल्मों में काम करने से उन्हें कोई आपत्ति नही है। जया स्वयं फिल्मों में सन्यास लेने की घोषणा भी नही करती। दर्शक उन्हें फिल्मों में देखना चाहते हैं किन्तु वह स्टूडियों की बजाए घर में बच्ची को संभालती नजर आती हैं। आखिर ऐसी क्या बात है जिसके कारण जया दो टूक निर्णय करने में खुद को असमर्थ पाती हैं?

एक जमाना था आप किसी भी स्टूडियो में चले जाइये। आपको जया भादुड़ी सैट पर काम में व्यस्त नज़र आतींथी। लोग उन्हें देख कर जया के नाम के नारे लगाया करते थे। किन्तु ‘जंजीर’ की सफलता ने जहां दोनों को ‘जंजीर’ में बांध दिया, वहां जया के पैरों में बेड़ियां पहना दी। वह अब अपनी मर्जी से कही आ सकती है और न कही जा सकती है। यही कारण है कि ‘अभिमान’ के प्रदर्शन के बाद लोगों ने कहना शुरू कर दिया कि यह तो जया-अमिताभ के जीवन की कहानी है। क्योंकि इनके जीवन में अभी ऐसा चाहे न हो किन्तु ऐसा होकर रहेगा। और लोगों की यह भविष्यवाणी किसी हद तक सच भी निकली है। आज दृश्य उल्टा हो गया है। आज जया घर की चार दीवारी में कैद होकर रह गई हैं और अमिताभ इतने व्यस्त हो गये हैं कि उन्हें घर की ओर, अपनी पत्नी की ओर देखने की फुर्सत ही नही मिलती, शादी से पूर्व जो लोकप्रियता जया को मिली हुई थी उससे दुगनी अमिताभ को मिल गई है। जो प्राइस जया लेती थी उससे दुगनी प्राइस अमिताभ ले रहे हैं। अमिताभ सैट पर रोज नई-नई हीरोइनों के साथ रोमांस करते हैं और जया उनकी बच्ची को घर पर बहलाती रहती है। (अमिताभ ने बच्ची के लिए कोई आया नही रखी है क्योंकि उनका ख्याल है कि आया बच्चों की सही देख रेख नही करती। उनसे बच्चे पल तो जाते हैं किन्तु उनमें शिष्टता और अनुशासन नही आता)

अमिताभ ने इस प्रकार जया के गिर्द एक प्रकार की लक्ष्मण-रेखा खींच दी है जिससे जया चाहते हुए भी बाहर नही निकल पाती, वह परकटेपक्षी की तरह घर में फड़फड़ाती रहती हैं किन्तु दुनिया से यही कहती है कि वह अपने पति की उन्नति, परिवारिक जीवन और ममता के नए रूप में खुद को सन्तुष्ट पाती हैं। यही नही वह अपने मन की व्यथा दबाते हुए यह भी कहती हैं कि स्त्री अपने जीवन में कुछ सपने देखती है एक आदर्श जीवन का सपना अपनी पसन्द का पति, छोटा सा प्यारा सा बंगला ओर उसके आंगन में किलकारियां मारता बच्चा यह सभी कुछ तो मुझे प्राप्त है। इसके अतिरिक्त प्रशंसकों की शुभकामनायें भी मेरे साथ है हरा-भरा घर खुशियों और कहकहों से भरा हुआ है। किसी प्रकार की कोई तकलीफ नही है इसके अलावा और मुझे चाहिए भी क्या!

सवाल यह उठता है कि उन्हें यदि इससे अधिक कुछ नही चाहिए तो उन्हौंने अपने एक इंटरव्यू में यह क्यों कहा कि ऐसे अविस्मरणीय पात्र अभिनीत करने की अभिलाषा आज भी उनके मन में चलती है। जिनसे वह सबसे अधिक लोकप्रिय अभिनेत्री मानी जाए साथ ही यह भी कहती है कि घरेलू जिम्मेदारियां उन्हें ज्यादा फिल्मों में काम करने की अनुमति नही देती। सोने पर सुहागा यह कि वह साल में दो तीन से अधिक फिल्में नही करना चाहती और उन्हौंने कई फिल्में केवल इस वजह से नही लीं कि उनके हीरो अमिताभ थे। और अब वह अमिताभ के साथ काम नही करना चाहती (शायद इसलिए कि आज अमिताभ ने जया से अधिक लोकप्रियता अर्जित कर ली है। इस वक्त उनकी जितनी फिल्में निर्माणाधीन है उन सब में अमिताभ ही हीरो हैं। अन्य हीरो उनके साथ काम करने से कतराते हैं। और हर किसी निर्देशक के साथ जया काम नही कर सकती। वह किसी निर्देशक से सन्तुष्ट नही है। और रही बात दो तीन अच्छी फिल्मों में काम करने की तो साल में कितनी अच्छी फिल्में बनती हैं? और जो अच्छी फिल्में बनाते हैं जया की अब उनसे नही पटती।

जया तो इस दो राहे पर आ खड़ी हुई हैं कि उनका कारण यह नही कि अब वह बहुत बड़ी एक्ट्रेस है। वह कैसी है क्या है, यह सब जानते हैं। दरअसल हालात की मारी अभिनेत्री जया हीनता की शिकार हो गई हैं। इसीलिए अपने साथी हीरो के प्रति उनका व्यवहार निराशाजनक ही नही, बल्कि अपमान जनक भी होता जाता है। अमिताभ को जया के काम करने पर आपत्ति भी नही है। किन्तु उन्हौंने यह प्रतिबन्ध भी लगा रखा है कि जया उनकी अनुमति के बिना कोई रोल या फिल्म स्वीकार नही कर सकती। फिर भला वह सबसे लोकप्रिय कैसे बनेगी? वह किस तरह पहले अमिताभ से आगे थी, आज भी अमिताभसे एक कदम पीछे नही रहना चाहतीं। यही हालात उन्हें कुढ़ने पर मजबूर करती है? अब देखना यह है कि जया क्या अपने आपको ‘अभिमान’ की सीमाओं से मुक्त कर सकेंगी?


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Mayapuri

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