एक जबरदस्त नुस्खा हीरोइन के लिए

1 min


Actress-Collage

 

मायापुरी अंक 19.1975

अपनी इक्तालीस वर्ष यानी तीस हजार दिनों की उम्र के तजुर्बे के निचौड़ के तौर पर मैं कह सकता हूं कि निन्नानवें फीसदी हालातों में हलवाई का बच्चा हलवाई और पहलवान का बच्चा पहलवान ही होता है इसी हिसाब से हीरोइन का बच्चा हीरो और बच्ची का हीरोइन बनना लाजमी है यह अलग बात है कि गलत संगत में पड़कर हीरो का लड़का कीर्तन मंडली में शामिल हो जाए या हीरोइन की लड़की म्यूनिस्पिल्टी में हेल्थ इंस्पैक्टर बन जाए खैर..

मुझे यह लेख लिखने की अर्जेन्ट जरूरत क्यों महसूस हुई कि इन दिनों अपनी ऐसी हीरोइनों पर शादी का नजला बुरी तरह हाबी है धीरे धीरे सभी मांग में सिंदूर डाल कर घर गृहस्थी के लफडे में फंस रही हैं। शादी के बाद दूसरा नंबर बच्चे रिलीज होने का आता है आम हिन्दुस्तानी औरत चाहे साल दो साल की देरी भी कर जाए, मगर हीरोइन शादी के एक वर्ष के भीतर एक पहलौठी के बच्चे का प्रीमियर कर डालती है

यह बात भी अपनी जगह पक्की है कि हीरोइन मम्मी को बेबी पालन का तजुर्बा नही होता। यों पर्दे पर चाहें वह कितनी ही बार बच्चे को गोद में दुलार चुकी हो, मगर पर्सनल लाइफ में उन्हें बच्चों का और उनके पोतड़ो का कोई तजुर्बा नही होता लिहाजा चार अदद बच्चों का नकद बाप होने के नाते मेरा फर्ज है कि मैं उन्हें बच्चा पालने की ए.बी.सी.डी समझा दूं फिर मेरी गारंटी है कि बच्चा शर्तिया हीरो और बच्ची सदा हीरोइन बनेगी जल्द ही शादी की इल्लत में फंसने वाली हीरोइनों से मेरी अपील है कि मेरा नुस्खा इस पत्रिका से काटकर फ्रेम में हिफाजत से रख लें ताकि वक्त जरूरत काम आए

हीरोइन मां को चाहिये कि सुबह सवेरें सोते समय बच्चे के कान के नजदीक किशोर कुमार का फड़केदार रिकॉर्ड बजाए बच्चा महमूद जैसा मुस्कुराता आंखे खोलेगा फिर

बड़ी एहतियात से उसे फारिग कराया जाए और उसके बदन पर तेल की मालिश की जाए इस तरह बच्चे की हड्डियों में लचक पैदा होगी 6 महीनें की उम्र में ही वह जितेन्द्र की तरह कमर न मटकाने लगे तो मेरा नाम के.पी. सक्सेना नही मालिश के बाद बच्चे को कहीं स्टूडियों के अन्दर बने नकली तालाब में नहलाया जाए और किसी कैबरे डांसर के महीन आंचल से उसका बदन पोंछा जाए ताकि बच्चा 6-7 महीनों में ही सैक्स का महत्व समझने लगे फिर सैल्यूलाइड की चम्मच से क्लैप की तख्ती पर रखकर बच्चे को दलिया खिलाया जाए और नागपुरी संतरो का जूस दिया जाए, खिलापिलाने के बाद बच्चे को और चाबी खो जाए गाना सुनाया जाए ताकि बच्चा आराम से सो जाए हर इतवार के इतवार बच्चे को जुहू घुमाया जाएताकि टू-पीस में नहाती बेबीयों को देखर बच्चे के मन में थोड़ा रोमांस जागे

तीन चार साला की उम्र तक पहुंचने पर बच्चे भिड़ने के लिए फ्री छोड़ दिया जाये ताकि बच्चा ढिशुम की ट्रेनिंग ले ले और पड़ोस की बच्चियों के साथ डुएट गाना सीख ले थोड़ा और ज्ञान बढ़ते ही बच्चे को फौरन गणित यानी अर्थमैटिकर सिखा दी जाए ताकि बच्चा ब्लैकमनी वगैरह समझने में दिक्कत न महसूस करें कभी कभार घुमाने टहलाने के लिए बच्चे को पूना फिल्म इंस्टीट्यूट और साऊंड लेबोरेट्री ले जाना भी जरूरी है अगर बच्ची हो तो उसे मेकअप रूम में टहलाना और हेयर ड्रेसर वगैरह से मिलवाना उसकी सेहत के लिए जरूरी है फिल्मी पोलों और सैंसर बोर्ड के बारे में आठ बरस की उम्र तक बच्चे (या बच्ची) को ज्ञान दे देना जरूरी है। बच्चे या बच्ची को तोतली जुबान में ही चन्द शब्द मसलन ‘कान्ट्रैक्ट’‘फ्लॉप’‘बंडल’‘बॉक्स ऑफिस’‘डेट्स’‘आऊटडोर’‘रेपसीन’ वगैरह बोलने की ट्रेनिंग दी जानी चाहियेंउसे चलना फिरना सिखातें वक्त कैमरा शब्द बोलने चाहिये, जैसे बेबी जूम आउट हो जाओ डाली इन होओ फोकस में आओ लांग शॉट में जाओ वगैरह

कुल मिलाकर जब बच्चा या बच्ची दीन दुनिया समझनें लगे तो उसके कमरे में अडल्ट फिल्मों वाले पोस्टर सजाने चाहियें और ज्यादा वक्त उसे सैट पर ही लालीपॉप दे कर रखना चाहिये बस जी छुट्टी छोकरा मूंछे फूटते ही शत्रुघ्न सिन्हा टाइप ‘डैश इन’ न कर जाए या बच्ची परवीन बॉबी टाइप तहलका न मचा दे, तो मेरे नुस्खे पर गिनकर सौ लानत भेजिए।

हर मां बाप की यह इच्छा होती है कि उसका बच्चा उससे दो जूतियां आगे निकल जाए फिल्मीं मां बापों की भी ख्वाहिश होती है कि बाबा या बेबी हिट होकर दनादन सिल्वर जुबलियां निकालें सो, माई डियर हीरोइनों नुस्खा मैनें फोकट में दे दिया है अब तुम जानो, तुम्हारा बच्चा जाने मेरी दिली दुआंए हैं कि शादी के बाद जल्दी जल्दी बच्चों की मां बनो और तुम्हारे बच्चों का कैरियर बेबी लाइटों जैसा रोशन रहे श्रीमान


Like it? Share with your friends!

Mayapuri

अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिये