सही भूमिकाओं की तलाश में – नवीन निश्चल

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मायापुरी अंक 14.1974

फिल्म (मोंटो) के सेट पर मैं नवीन निश्चल से मिला तो वह पहले से अधिक आकर्षक और तरोताजा दिखाई दे रहा था। मैनें अपने इंटरव्यू की शुरूआत एक कटु सवाल से की “क्या कारण है कि ‘सावन भादो’ के बाद आपकी जितनी भी फिल्में आई बॉक्स ऑफिस पर बेदम होकर रह गई ?

इससे क्या फर्क पड़ता है। फिल्मों के दम या बेदम होने के किसी एक्टर की पहचान कर लेना एक बेवकूफी से अधिक कुछ भी नही है परवीन बॉबी की एक भी फिल्म नही चली फिर भी वह एक अच्छी एक्ट्रेस मानी जाती है। यह हमारी (एक्टरों की) बदकिस्मती है कि हमारे यहां एक एक्टर की पहचान फिल्मों के चलने न चलने पर की जाती है। ‘नवीन ने बड़ी गम्भीरत के साथ कहा।

अच्छा यह बताइये नवीन जी कि आप सही फिल्म के तौर पर किसे अच्छी फिल्म कह सकते है?

नवीन ने तनिक दार्शनिक होकर उत्तर दिया जो हमारी एक्टिंग के सारे रंगों में रंगी हो, जिसमें आम आदमी की जिन्दगी की सुगंध हो मैं समझता हूं हमारे यहां बहुत कम लोग ऐसे है जो यह अहसास कर सकते हो।

“कुछ लोग आप को फ्लॉप एक्टर कहने लगे है इससे आपको कैसा महसूस होता है”

नवीन के गम्भीर चेहरे पर एक गहरा रंग आया और चला गया। उसने बड़े संतोष के साथ पुरानी सिगरेट है जहां तक मेरी अपनी ओपनियन फिल्मों के बारे में है मैं इसे जुआ समझता हूं। अब कोई शायद ही जानता हो कि टालस्टाय की कहानी पर बनी यही फिल्म कुछ साल पहले भी बनी और हिट हुई थी। वही फिल्म दुबारा बरखा बहार’ के नाम से आई तो चल नही सकी। ‘विक्टोरिया न. 203 के बारे में कोई दावा नही कर सकता था कि यह फिल्म इस कदर सुपर हिट जायेगी।

फिल्मों में आने से पहले नवीन मॉडलिंग किया करता था। सबसे पहले उसने अपना मॉडल एक सिगरेट कम्पनी के लिए दिया था। उस कम्पनी ने नवीन को इतनी सिगरेट पिलाई कि वह जितना मॉडल के मुआवजे में पाता, सब सिगरेटों में फूंक देता। नवीन की यह आदत अब भी जोरों पर है। सिगरेट उसके लिए सबसे अच्छी कम्पनी है। मैनें पूछा ‘सावन भादो’ में आपकी नायिका रेखा थी, क्या रेखा वास्तव में एक ऐसी लड़की है जैसी वह सुनने में आती है?

“मेरी अपनी धारणा रेखा के बारे में ऐसी नही है। रेखा के बारे में जितना कुछ भी छप रहा है, वह सब सच नही है। ‘सावन भादो’ में मुझे रेखा ने किसी भी तरह परेशान नही किया, न कभी फ्लर्ट ही किया। मैनें तो उसे हमेशा सैट पर वक्त पर आते देखा है। एक्ट्रेस भी वह गजब की है। मैं समझता हूं, रेखा के बारे में ज्यादातर जो गलत छपता है वह इसलिए कि वह जरूरत से ज्यादा बोल्ड है, फ्रैंक है। वह आपके मुंह पर आपको भी गलत कह सकत है। वह तो एक ऐसी लड़की है जो अपने प्रेमी की गलती पर उसका कालर भी पकड़ ले। सबसे बड़ी बात तो यह है कि फिल्मों में वह जितनी ग्लैमरस दिखाई देती है, आम जिन्दगी में उतनी ही सिम्पल है। यहां तक कि नया आदमी धोखा खा सकता है कि क्या यह वही रेखा है। जिसे ‘सैक्स क्वीन’ और ‘सैक्स बम’ कहा जाता है।

“मैनें अगला सवाल किया “फिल्म को व्यापारिक दृष्टिकोण से देखते हुए क्या यह सच है कि उसमें सैक्स ठूंसा जाए

“नही ऐसा नही होना चाहिए। लेकिन ऐसा भी नही होना चाहिए कि हम अपनी जिन्दगी के जरूरी हिस्से को फिल्मों से एक दम अलग काटकर फेंक दे। अगर फिल्म में एक एक्ट्रेस कॉल गर्ल का रोल कर रही है तो जरूरी हो जाता है कि वह अपने जिस्म से भी कुछ कहने की कोशिश करेगी। रियलिटी के लिए आर्थोडोक्स किस्म की दीवारों को फिल्मों के चारों तरफ खड़ा करके उन्हें कैद नही किया जा सकता। जो लोग ऐसा करते है, गलत करते है।

“गलत तो यह भी करते है कि वे रियलिटी के बहाने वह सब कुछ फिल्मों में दिखा देते है। जो ‘कॉलगर्ल’ कभी आम जिन्दगी में नही किया करती। मैं समझता हूं औरत कितनी भी बुरी हो उसके अन्दर कही न कही एक अच्छी औरत भी रहती है ?

हां यह बात भी नजरअंदाज नही की जा सकती। कुछ लोग रियलिटी की आड़ में फिल्मों का चेहरा खराब कर रहे है लेकिन देर-सवेर वे महसूस करेंगे कि उन्होनें फिल्मों, एक्ट्रेसों का नही बल्कि अपना ही चेहरा खराब किया है” कहते-कहते नवीन कुछ भावुक हो उठा।

“यह बात उस अभिनेता के और उसकी पत्नी के बीच अंडरस्टेडिंग पर निर्भर है। सवाल करियर का नही इसी अंडरस्टेडिंग जो हर पति-पत्नी के लिए जरूरी है वरना एक्टर क्या आम आदमी का घर भी टूटने का खतरा पैदा हो जाता है। यही बात बच्चों के लिए भी है ‘पेरेंट्स’ में सही अंडरस्टेडिंग है तो उन पर कभी गलत असर नही पड़ सकता।

“एक एक्टर के करियर के लिए आप क्या जरूरी समझते है ?

“सही भूमिकाओं काम है। अक्सर सीधी सादी और मामूली सी भूमिकाएं भी दर्शक को पसन्द आ जाती है, और न आये तो ‘बरखा बहार’ जैसा हाल हो जाता है। सच तो यह है कि सही गलत का फैसला फिल्म की रिलीज के बाद ही होता है। उसने पहले कोई फैसला लेना केवल एक बेवकूफी है और कुछ नही। मुझे भी पता नही, कब तक इन सही और गलत भूमिकाओं के चक्रव्यूह में फंसा रहना पड़ेगा यूं मैं सही ढंग से मेहनत कर ही रहा हूं !

 

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Mayapuri