विद्या सिन्हा के निकले पर – किरन कुमार

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मायापुरी अंक 17.1975

नये लोगों के संबंध मे दुर्व्यवहार की अक्सर शिकायतें पाई जाती है। ‘रजनी गंधा’ के पश्चात ‘राजा काका’ की फ्लॉप हीरोइन विद्या सिन्हा ने अपने पर निकालने शुरू कर दिये हैं। उन्हौंने एक इंटरव्यू में कहा था कि ‘राजा काका’ केवल इस वजह से स्वीकार की थी कि उस में राजेश खन्ना हीरो थे।

यहां यह बात नोट करना दिलचस्पी से खाली नही होगा कि राजेश खन्ना ने विद्या सिन्हा के साथ काम करने से इंकार कर दिया था। जब उन्हें साइन किया गया तो उनके एग्रीमेंट में यह स्पष्ट कर दिया गया था कि फिल्म के हीरो किरण कुमार होंगे। किरण कुमार उस समय बड़ी डिमांड में थे। वह रामानंद सागर जैसे निर्माताओं की फिल्म में काम कर रहे थे। वह चाहते तो विद्या को रिजेक्ट कर सकते थे किन्तु यह किरण ही थे जिन की वजह से विद्या जमी रहीं।

हमने इस संबंध मैं जब किरण से बात की तो वह बोले“इस समय मैं कुछ कहूंगा तो कीचड़ में पत्थर फेंकने के बराबर ही होगा। किन्तु एक बात आपको जरूर बताऊंगा। ‘राजा काका’ में मेरे और प्रेम जो (प्रेमनाथ) एक टफ सीन को देखने के पश्चात उन्हौंने मुझे मुबारकबाद दी थी और निर्देशक छोटू से कहा था “1974 किरण कुमार का साल होगा। He is fantastic मुझे खुशी है कि आपने राजेश खन्ना को नही लिया।“ मेरी बजाए आप छोटू से मिलें तो वह आपको पूरी कहानी सुना सकते हैं। मेरे बोलने से बिना वजह वाद विवाद खड़ा हो जाएगा लेकिन यह हकीक़त है कि छोटू ने फायनेन्सरों के कहने के बावजूद विद्या को फिल्म से अलग नही किया बल्कि आगा जानी कश्मीरी को उन्हें उर्दू सिखाने पर नियुक्त किया। आज वह ‘राजा काका’ की वजह से ही इंडस्ट्री में जानी पहचानी जाती हैं। अगर वह इस बात को नही मानती तो यह एहसान फरामोशी है” किरण कुमार ने बड़े संभल संभल कर हकीक़त बयान करते हुए कहा।

वाकई ऐसे समय में जब कि ‘राजा काका’ कुछ जगह रिलीज नही हुई है इस प्रकार फिल्म को बदनाम करना न सिर्फ एहसान फरामोशी है बल्कि और भी बहुत कुछ है जिस की एक संजीदा लड़की से आशा नही की जा सकती।


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Mayapuri

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