मैं हर चैलेंजेज को आशावादी नजरों से देखता हूँ – रवि दुबे

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रवि दुबे का शो जमाई राजा 2.0 जी 5 पर चल रहा है। इसी सिलसिले में रवि दुबे लिपिका वर्मा के कुछ सीधे सवालों के जवाब दिए

रवि दुबे का नाम जमाई का पर्याय नाम ही है ऐसा सभी का मानना है। क्योंकि जमाई टेलीविजन पर भी चल रहा है और अब जी 5 पर भी।

यदि आप ऐसा मानते है तो यह मेरे लिए बहुत ही प्रसंशनीय बात है। यह शब्द जमाई, ही मेरे अंदर एक बेहद बड़ी  जिम्मेदारी की भावना पैदा करता है।रिश्तो  में शिष्टाचार अनुशासन एवं निष्ठा को उजागर करता है। और यदि मेरे नाम का पर्याय है तो यह मेरे लिए खुशी की बात है।

 अभिनेता, होस्ट रैपर, प्रेसेंटर इत्यादि ढेरों काम कर इन सब नाम से आप जुड़े है ,सभी काम को निपुणत से कैसे कर पाते है?

 दरअसल बतौर एक्टर्स हम सभी छोटे शहरों से यहाँ अपना नाम बड़े स्क्रीन पर काम कर अपनी एक पहचान बनाते है।  पर अक्सर जब एक फिल्म,एक शो या एक टेलीविजन शो पूर्ण हो जाता है तो हम एक डेडलॉक की स्तिथि में पहुँच जाते है। बस कभी कभी एक डेडलॉक के बाद दूसरा डेडलॉक करियर में आ जाता है तब हम यह सोचने लगते है कि हम इस प्रोफेशन से जुड़े एक और कौशल  को सीख सकते है और जब हम उस से जुड़ते है उस काम को पूर्ण करते है और सामने कुछ नहीं होता  है सो दोबारा डेडलॉक का सामना करना पड़ता है। बस यह सोच कर हम इस फील्ड से जुड़े हर स्किल कौशल,को आजमाने निकल पड़ते है। बस चैलेंजेज है और जीवन को रचनात्मक बना आगे बढ़ना है हमें।

आपने सभी चैलेंजेज को सफलता तक किस तरह ले जाते हो आप?

मैं हर चैलेंजेज को आशावादी नजरों से देखता हूँ। बस उन्हें बेहतरीन तरह करते  हुए अपने अंदर एक ईंधन की तरह ज्वलंत रखता हूँ। यह आप पर निर्भर है कि आप उस चैलेंज को किस तरह देखते है।पर यदि आप इन चैलेंजेज को रोडब्लॉक की तरह देखोगे तो आपको उसी तरह से नजर भी आएंगे। पर यदि इन्हे अपने जीवन में आपको आगे बढ़ाने के माध्यम से देखते हो तो वो आपको उसी तरह से नजर भी आएंगे। आप अपने हर अनुभव से सीखते है और रचनात्मक तौर से बेहतर होते जाते है। बस आपके ऊपर है की आप इन चैलेंजेज को किस तरह से लेते है। आपका व्यक्तित्व भी इन्ही अनुभवों से आपको बेहतर इंसान भी बनाते है और अपने काम को अच्छी तरह से करने को प्रेरित भी करते  है।

 जमाई 2.0 सीजन को किस तरह से नया पेश कीजियेगा?

चरित्र चित्रण एवं किरदार के व्यक्तित्व के अन्य परतों में कुछ नयापन और ताजगी ले आना है। सभी के अंदर ग्रे शेड्स उपस्थित रहते है। हम सभी केवल ब्लैक एंड वाइट नहीं होते है। यदि कुछ शेड्स ग्रे के हम में हो तो वह सभी एक व्यक्तित्व में दिखाई पड़ते है। ग्रे शेड्स आकर्षित करते है।दरअसल में हम कोई भी अच्छे या बुरे नहीं होते है।कभी कभी हम अच्छे काम करते है तो कभी बुरे.किंतु हम सभी अच्छे बनने के लिए उत्सुक रहते है। यही अच्छाई और बुराई हम सभी को एक दिलचस्प व्यक्तित्व भी प्रदान करते  है। यह किरदार अपने मकसद जो बदले की भावना से भरा हुआ है, अपनी बहन की मौत का बदला लेना चाहता है। यह इस किरदार का एक पहलू है जबकि दूसरा पहलू रोशनी के प्यार में वह बहुत पागल भी है। उसके हृदय और दिमाग में दवंद चल रहा है। सो यह किरदार मोहब्बत  और मकसद के बीच के विचारों को लिए झूल रहा है।

आपका किरदार जमाई 2.0 को जरा विस्तार से बतलायें?

बस यही सोच रहा है की मैं इस ओर जाऊ या उस ओर ? इन्ही विचारों में झूलता यह किरदार निश्चय नहीं कर पा है कि वो क्या करे? इस ओर जाने से हार होगी या उस और बस यह प्रतिद्वंद उसके मन और विचारों  में चल रहा है।वो हमेशा खुश, या हमेशा दुखी भी नहीं रहता है। कभी हँसता बोलता है तो कभी क्रोधित भी रहता। दरअसल में उसके व्यक्तित्व में ढेरों भावना ये चल रहे होती है।

 लव और रिवेंज आपके लिए क्या मायने रखता है?

 लव एवं रिवेंज मेरे लिए कोई मायने नहीं रखता है। यह यूँ ही व्यर्थ की एक्सरसाइज होती है। यदि आप अपने हाथ में जला हुआ कोयला लेते है तो जाहिर सी बात है आपका हाथ  भी जल  ही जायेगा। प्यार ही एक ऐसा भावनात्मक एहसास है जो आपके मन में यदि किसी के प्रति चिढ़ भी हो तो उससे बदल देता है।

 क्या आपका ह्रदय आपके दिमाग को कंट्रोल करता है?

मेरा हृदय मेरे मस्तिष्क को कंट्रोल करता है किन्तु मेरा दिमाग भी सही  ढंग से ह्रदय को काबू में रखता है। कभी कभी हृदय से लिया हुआ निर्णय आपको ऐसी परिस्थिति में पहुंच सकता है जहन आप कॉम नहीं होना चाहिए। ऐसा करना आपके लिए हानिकारक हो सकता है।

 आप बतौर निर्माता अपनी पत्नी कुछ कर रहे है?

हम कुछ ऐसे प्रोजेक्ट्स कर रहे है जो सभी के मन को लुभांवित कर सकते है। फिलहाल में सर निर्माता ही काम कर  हूँ जोकुछ भी हमारे प्रोडक्शन हाउस से रिलीज किया जा रहा है उस में बतौर एक्टर कुछ नहीं कर रहा हूँ। और कुछ ओ टी टी प्लेटफार्म के लिए बतौर एक्टर आप मुझे जरूर देख सकते है।

आपको बड़े पर्दे पर कब देखने मिलेगा?

आज छोटा पर्दा ही मानो बड़े पर्दें की कमी को खत्म किये हुआ है। छोटा पर्दा अब बड़े पर्दे को अच्छी खासी कम्पटीशन दे रहा है। आपका छोटा सा मोबाईल भी अब बड़ा पर्दा हो चला है। मोबाइल से भी आज दर्शक एंटरटेन हो रहे है।


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Mayapuri

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