रीना राय अब पछता रही है

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मायापुरी अंक 41,1975

रीना रॉय जबसे बड़े सैटअप की फिल्मों में अनुबंधित की जाने लगी हैं, उनका दिमाग खराब हो गया है। उनके नखरे बढ़ गये हैं। कहते हैं उन्होंने अपनी बरखा के नाम से फिल्म ‘जख्मी’ के निजाम के वितरण अधिकार प्राप्त किये थे। किन्तु फिल्म पूरी होने के बाद जब उन्होंने‘जख्मी’ देखी तो उन्हें बड़ी निराशा हुई। उन्हें लगा कि जैसा रोल सुनाया गया था न वैसा रोल है और न ही वैसी अच्छी फिल्म बनी है। कहते हैं इसी कारण उन्होंने निर्माता ताहिर हुसैन की फिल्म ‘आग का दरियां’ भी छोड़ दी और निजाम के वितरण अधिकार भी छोड़ दिये। अब मजे की बात है कि 6 जून को ‘जख्मी’ रिलीज हुई तो उसकी रिपोर्ट अच्छी आई है। और लगभग सभी पत्र-पत्रिकाओं ने रीना रॉय को प्रशंसा की है। यह सब देख कर रीना रॉय और बरखा को बड़ा पछतावा हो रहा है किंतु अब क्या किया जा सकता हैं। इसीलिए दोनों बहनें परेशान हैं।


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Mayapuri

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