दो हीरोइनें अफवाहों का शिकार एक आसमान पर तो दूसरी ज़मीन पर

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मायापुरी अंक, 55, 1975

अफवाहों का अगर किसी को सबसे अधिक लाभ हुआ है तो वह है रेखा। वह फिल्मी दुनिया में अफवाहों के साथ आई। आने के साथ ही ‘किस गर्ल’ का लेबल उनके साथ चिपका दिया गया। जैसे-जैसे अफवाहें गर्म होती गई, वह ‘स्टार’ बनती चली गई। क्योंकि लोग उनके बारे में जानने को इच्छुक थे आज वह बहुत बड़ी स्टार है इतनी फिल्में की हैं कि उसे खुद याद नहीं है। आज वह सेट पर लेट आती हैं तो किसी की हिम्मत नही पड़ती कुछ कहने को शूटिंग छोड़कर चली जाती है तो सब चुप रहते है, क्योंकि उनके नाम पर निर्माता को मार्केट से पैसा मिलता है। उनके नाम पर डिस्ट्रीब्यूटर आता है, उनके नाम पर जनता आती है फिल्म देखने को।

अफवाहों से सबसे अधिक नुकसान उठाने वाली है आशा सचदेव वह अभी पूना इंस्टीट्यूट में ही थी कि उनकी खबरें आनी शुरू हो गई थी। बिंदिया और बंदूक तो बहुत बाद में आई। लेकिन आशा सचदेव का नाम बहुत पहले मशहूर हो गया था। कभी किसी अभिनेता के साथ तो कभी किसी के साथ उनका नाम बराबर जुड़ता रहा। लेकिन इन सब बातों से आशा को नुकसान ही हुआ। लोगों में रेखा की तरह उनके बारे में जानने की जिज्ञासा दिखाई न दी। निर्माता और डिस्ट्रीब्यूटर भी ज्यादा उत्सुक दिखाई न दिये। मजबूर होकर उसे छोटे – छोटे रोल करने पड़ रहे हैं। अब वह बहुत कोशिश कर रही है कि उनकी इमेज़ बदल जाये, पार्टियों में अब सीधे-साधे लिबास में आती है। लेकिन कोई लाभ नही हुआ अब इसे क्या कहा जाये? दोनों हीरोइन अफवाहों के साथ जुड़ी हुई है। लेकिन दोनों की किस्मत में कितना फर्क है?


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Mayapuri

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