रेखा भक्तिन बनने चली

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051-7 Biswajit Chatterjee and rekha

मायापुरी अंक 51,1975

पिछले कुछ दिनों से जिंदगी से निराश रेखा अब एकांत में प्रभु का ध्यान करने लगी हैं। कहते हैं शूटिंग से अवकाश मिलते ही सीधी घर आकर कमरा बंद करके प्रभु के ध्यान में लीन हो जाती हैं। इससे उन्हें बड़ी शांति मिलने लगी है। इससे उत्प्रेरित होकर वह नियमानुसार योग सीखने का भी विचार कर रही है।


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Mayapuri

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