रिव्यु – फिल्म ‘जैड प्लस’

1 min


राजनीति का आइना
धारावाहिक चाणक्य तथा पिंजर जैसी फिल्म के सर्जक डा़ चंद्रप्रकाश दिवेद्वी ने इस बार अपनी फिल्म ‘जैड प्लस’में दिखाया कि राजनीति की उठा पटक में किस प्रकार एक गांव का गरीब पंचर लगाने वाला फंसता है ।

Zed_Plus_7_lkpaq_Indya101(dot)com
आदिल हुसॅन राजस्थान के ऐसे गांव में साइकल पंचर लगाने का काम करता है जहां कोई तरक्की नहीं कभी किसी सरकारी आदमी ने झांक कर  तक नहीं देखा । उसकी बीवी मोना सिंह जूतियां बेचती है । उसी के पड़ोस में एक फर्जी शायर मुकेश तिवारी जो कभी आदिल का जिगरी दोस्त हुआ करता था, उनके पड़ोस की एक बेवा निम्रत कौर के चक्कर में जानी दुश्मन बन जाता है । निम्रत आदिल से प्यार करती है लेकिन आदिल उससे शादी नहीं करना चाहता उसका मानना है जैसा चल रहा है चलने दिया जाये । देश की वर्तमान सरकार खतरे में हैं  ।

zedplus-18b

उसी दौरान पीएम के सचिव के के रैना को पता चलता है कि राजस्थान के उसी गांव में पीपल वाले पीर बाबा है है उनके बारे में प्रसिद्ध है जो कोई वहां कुछ मांगने जाता है उसकी मुराद जरूर पूरी होती है । लिहाजा डूबते को तिनके सहारा वाली कहावत चरितार्थ करते हुये पीएम पीपल वाले बाबा की दरगाह पर सरकार बचाने के लिये दुआ मांगने जाते है तो उस दिन दरगाह के खादिम आदिल से पीएम की मुलाकात होती हैं आदिल उनसे कहता है कि जिस तरह आप पड़ोसी पाकिस्तान से परेशान है इसी तरह मैं भी अपने पड़ोसी से परेशान हूं मुझे तो उससे जान का खतरा है । दरअसल पीएम हिन्दी जानते ही नहीं इसलिये वे  सचिव द्वारा गलत  ट्रांसलेशन से आदिल को जैड प्लस सुरक्षा दे जाते हैं । इसके बाद आदिल उस जैड प्लस के तहत राजनेताओं के कुचक्र में किस प्रकार फंसता है । उसके बाद की स्थियां भरपूर हास्य पैदा करती है ।

Zed_Plus_13_drsrs_Indya101(dot)com
हम राजनीति की खबरे रोजाना न्यूज पेपर्स मे पढ़ते हैं लेकिन उसके भीतर क्या घालमेल होता है ये निर्देशक ने पात्रों के द्वारा प्रभावशाली ढंग से दर्शाया है । किस तरह एक गरीब पंचर लगाने वाला बंदा पीएम के सचिव की गलती का खमियाजा भुगतते हुए दुनिया की नजर में हीरो बन जाता है यहां तक एक बार तो इमान तक से डगमगा जाता है । बढि़या कहानी के लिये उससे कहीं बढि़या कास्टिंग है। आदिल हुसेन इससे पहले छोटी या सहयोगी भूमिकाओं में ही दिखा दिये हैं लेकिन यंहा पंचर लगाने वाले की भूमिका में अभिनय केेे जबरदस्त रंग दर्षाने के बाद वे बॉलीवुड के चंद बेहतरीन एक्टरों में शामिल हो गये है । मोना सिंह ने भी अपने रोल को पूरी तनतन्यता के साथ जीया है । आदिल की प्रेमिका क भूमिका में निम्रत कौर भी अच्छी रही । मुकेश तिवारी और आदिल की नोकझोक खूब हंसाती है। उनके अलावा संजय मिश्रा, राहुल सिंह तथा कुलभूषण खरबंदा और के के रैना परफेक्ट कास्टिंग साबित हुये हैं । अंत में फिल्म के लिये कहना है कि जैड प्लस  असरदार तरीके से राजनीति का आइना साबित होती है ।

Untitled-1


Like it? Share with your friends!

Mayapuri

अपने दोस्तों के साथ शेयर कीजिये