रिषि कपूरःयादेंः

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ऋषि कपूर

रिषि कपूर ने डिंपल के साथ फिल्म‘‘प्यार में ट्विस्ट’’के साथ रचा था इतिहासः
रिषि कपूर और डिंपल कापड़िया ने सबसे पहले टीएज प्रेम कहानी वाली फिल्म‘‘बाॅबी’’में एक साथ अभिनय किया.उसके बारह वर्ष बाद दोनों ने परिपक्व प्रेम कहानी वाली फिल्म‘‘सागर’’में काम किया.इसके ठीक बीस वर्ष बाद दोनो ने 2005 में प्रौढ़ प्रेम कहानी वाली फिल्म‘‘प्यार में ट्विस्ट’’की थी.इस पर रिषि कपूर ने हमसे कहा था-‘‘अब तक भारत ही नहीं बल्कि पूरे विष्व में पर्दे की किसी भी रोमांटिक जोड़ी ने यह कारनामा नहीं किया,जो मैंने और डिंपल ने किया.’’

बीस साल बाद ‘‘प्यार में ट्विस्ट’’में एक साथ आए थेः
जी हाॅ!निर्देशक हृदय शेट्टी की फिल्म ‘‘प्यार में ट्विस्ट’’में बीस साल के लंबे अंतराल के बाद रिषि कपूर और डिंपल कापड़िया एक साथ नजर आए थे.

क्यों फिल्म‘प्यार में ट्विस्ट’’का निर्माण करना चाहते थे?
लोगों को यह पता है कि लंबे समय के 2005 में रिषि कपूर और डिंपल कापड़िया ने एक साथ फिल्म‘‘प्यार में ट्विस्ट’’की थी.जबकि इससे पहले दो फिल्मो में डिंपल कापड़िया ने उनके साथ काम करने से मना कर दिया था,पर इस फिल्म में वह तैयार हो गयी थी.और रिषि कपूर खुद इस फिल्म का निर्माण भी करना चाहते थे.इस संबंध में खुद रिषि कपूर ने हमसे 2006 में बात करते हुए कहा था-‘‘इस फिल्म को मैने कई वजहों से किया.सबसे बड़ी वजह तो यह रही कि डिंपल कापड़िया ने इस फिल्म में मेरे साथ अभिनय करने के लिए हाॅं कर दिया था.अन्यथा इस फिल्म से पहले वह दो फिल्मों में मेरे साथ काम करने के लिए तैयार ही नहीं हुई थी.यह फिल्म अपने आप में एक नए इतिहास का सूत्रपात करने जा रही है.पूरे विष्व में अब तक ऐसा नहीं हुआ,जब परदे की टीनएज हिट रोमांटिक जोड़ी ने किसी प्रौढ़ रोमांटिक जोड़ी के रूप में प्रौढ़ प्रेम कहानी वाली फिल्म में भी अभिनय किया हो.दूसरी बात इस फिल्म की विषयवस्तु ने भी मुझे इससे जुड़ने के लिए प्रेरित किया.मैं आपको बता दूं कि इस फिल्म का सब्जेक्ट सुनने के बाद मैं तो इस फिल्म में अभिनय करने के अलावा इसका निर्माण व निर्देषन भी करने को इच्छुक था.पर यहां निर्माता और निर्देषक पहले से ही मौजूद थे,इसलिए अभिनय कर लिया.फिर फिल्म की विषयवस्तु में जो नयापन है,उसने भी मुझे इस फिल्म से जुड़ने के लिए उकसाया.जबकि इस फिल्म में डिंपल कापड़िया ने अपने  संवाद खुद लिखे थे.’’

 

उन्होने आगे कहा था-‘‘इस तरह के विषय पर भारत ही क्या पूरे विष्व में फिल्म नही बनी है.इस फिल्म में इस बात को रेखांकित किया गया है कि जिंदगी सिर्फ युवकों के लिए नही हैं.प्यार सिर्फ युवा वर्ग के लिए नही हैं.प्यार कभी भी किसी भी उम्र में किसी को भी हो सकता है.वास्तव में प्यार तो आपसी समझ व दोस्ती का एक रूप हैं.प्यार तो एक साथी हैं.तो ऐसे में प्यार के लिए उम्र के क्या मायने?इस फिल्म में इस बात का भी रेखांकन है कि जिन्हे अपनी जिंदगी में कभी सच्चा प्यार नहीं मिलता,वह भी अपने जीवन की सारी जिम्मेदारियों को निभाने के बाद अपने प्यार को पा सकते है.इस फिल्म में मैंने और डिंपल कापड़िया ने अपनी उम्र ही निभायी हैं.हम दोनों ने ऐसे चरित्र निभाए हैं,जो कि अपनी उम्र के 40 साल के बाद के पड़ाव पर हैं.और अब एक दूसरे का साथ चाहते हैं.यह दोनों दोस्त हैं,मगर इनके आस पास के लोग इसे प्यार समझ बैठते हैं.यह एक अलग बात हैं कि यह दोस्ती बाद में प्यार में बदल जाती हैं.और तब उनके बडे़ हो चुके बच्चों की तरफ से विरोध किया जाता है.इस फिल्म में एक सवाल उठाया गया हैं कि जब युवा वर्ग के सामने कोई समस्या होती हैं तो प्रौढ़ उनकी समस्या का समाधान ढूढ़ने में,उनकी समस्या को खत्म करने के लिए मौजूद रहते हैं.लेकिन जब प्रौढ़ समस्याओं से घिरते हैं तब युवा वर्ग कहां होता हैं?क्या वह उनकी मदद के लिए आता है?तो यह फिल्म समाज से,विशेषकर युवा वर्ग से सवाल करती हैं.मेरा मानना है कि जो फिल्म समाज से प्रश्न करती है,वही टिप्पणी भी करती हैं.फिल्म में यष खन्ना और षीतल आर्या समाज को तिरस्कृत करके अपने बच्चों के लिए असुरक्षा लेकर आते हैं.’’

फिल्म‘‘प्यार में ट्विस्ट’’की कहानीः
फिल्म ‘‘प्यार में ट्विस्ट’’की कहानी के अनुसार यश खुराना( रिषि कपूर)और शीतल आर्या(डिंपल कापड़िया),की अपनी अपनी अलग षख्सियत है.उनके साथ उनका अपना अतीत व वर्तमान जुड़ा हुआ है.षीतल आर्या एक सफल माॅं है,सुपर सफल बिजनेस ओमन है.सुपर बहू है.तो दूसरी तरफ यष खुराना बेहतरीन पिता है.बेहतरीन बाॅंस है और एक काबिल उद्योगपति हैं.जब यह दोनो मिलते हैं दोेनों आपस में एक अलग तरह की केमिस्ट्री के होने का अहसास करते हैं.जिसे उनके परिवार के सदस्य और उनके अपने करीबी दोस्त वगैरह समझने में नाकामयाब रहते हैं.दोनों के बीच मुलाकाते बढ़ती हैं और दोेनों ही एक साथ कुछ खास बात खोजते हैं.और इस बार वह अपने परिवार वालों को ही नही बल्कि दर्षकों को भी आष्चर्य में डालते हैं.

अति बोल्ड विषय के लिए दर्षक तैयारः
फिल्म‘‘प्यार में ट्विस्ट’’एक बोल्ड विषय वस्तु वाली फिल्म थी.उस वक्त माना जाता था कि भारतीय दर्षक इतने बोल्ड विषय वाली फिल्में देखने के लिए तैयार नही है.मगर स्वयं रिषि कपूर की राय अलग थी.उन्होने हमसे कहा था-‘‘अब मल्टीप्लैक्स सिनेमा का जमाना आ गया है.मल्टीप्लैक्स के दर्षक बहुत ही संजीदा हैं.वह हर तरह की फिल्मों को देखना और समझना चाहते हैं.मल्टीप्लैक्स के दर्षक विचारवान हैं बुद्धिमान हैं.इस बोल्ड विषय को फिल्म में बहुत अच्छे ढंग से उठाया गया हैं.फिल्म में पूरे देष के लिए पूरे समाज के लिए संदेष हैं और यह बहुत कड़ुवा संदेष है,जिसे हल्के फुल्के क्षणोंनुमा षक्कर में लपेटकर परोसा गया हैं.आखिर हम अपने भारतीय सिनेमा मेें इस तरह की रूढ़िवादिता को क्यों न तोड़े? हम हमारे सिनेमा में सिर्फ युवा वर्ग पर आधारित पे्रम कहानी ही क्यों दिखाएं? आखिर यह नियम किसने बनाया? यदि यह फिल्म इस धारणा को तोड़ने में सफलता पा सकी,तो भारतीय सिनेमा में हर तरह की फिल्में बन सकेंगी .वैसे मुझे इस तरह की बातें नही करनी चाहिए.क्योंकि मैं भी अपने समय में पेड़ों के इर्द गिर्द ही नाचता था.लेकिन मैं ही अब इस धारणा को तोड़कर वयस्क पे्रम कहानी वाली फिल्मों में अभिनय करने की नई षुरूआत कर रहा हूं.’’

‘‘प्यार में ट्विस्ट’’षारीरिक संबंध नही थेः
कुछ भी कहें,पर फिल्मकार सचेत थे कि बोल्ड विषय वाली इस फिल्म को दर्षक कहीं ठुकरा न दे.इसलिए इस फिल्म में प्रेमी प्रेमिका के बीच षारीरिक संबंध वाला एक भी दृष्य नहीं था.इस पर रिषि कपूर ने कहा था-‘‘यह फिल्म प्रौढ़ प्रेम संबंधो की कहानी है,जहां मर्यादाएं भी हैं.जीवन मूल्यों या मर्यादा का उल्लंघन नही है.इसमें हमारे रिष्तों में डिग्निटी और परिपक्वता है.जहां तक संबंधो का सवाल है.हमारे बीच एक पारदर्षी दीवार हैं.लेकिन एक केमिस्ट्री भी है.इस फिल्म की प्रेम कहानी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि षारीरिक संबंध का कहीं कोई चित्रण नही है. फिल्म के अंत में दोनों षीतल आर्या की बेटी का कन्यादान करते वक्त एक दूसरे का हाथ छूते हैं.’’

ऋषि कपूर

रिषि कपूर,डिंपल का सभी हिरोइनों से अलग मानते थेः
‘बाॅबी’,‘सागर’और ‘प्यार में ट्विस्ट’में डिंपल के साथ अभिनय करने के बाद डिंपल की तारीफ करते हुए रिषि कपूर ने कहा था-‘‘मैंने डिंपल के साथ लगातार काम नही किया,लेकिन उसके अंदर कुछ खास तरह के लक्षण हैं,जो कि मुझे दूसरी हीरोइनों में नजर नही आए.डिंपल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह अपनी आँखों से बहुत कुछ कह जाती हैं.लोग उन्हें ग्लैमरस अभिनेत्री मानते है,पर मेरा मानना है कि कई ऐसे चरित्र हैं,जिनके लिए डिंपल के अलावा किसी अन्य अभिनेत्री को नही लिया जा सकता.इसके अलावा वह गे्रस फुल हैं खूबसूरत हैं उम्र ने उनकी खूबसूरती पर कोई असर नही डाला.’’

शान्तिस्वरुप त्रिपाठी

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