“मिर्ची मुर्गा” बनकर गालियाँ  भी खानी पडती हैं – रेडियो जॉकी नवेद

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रेडियो जॉकी नवेद अपने रेडियो कार्यक्रम “मिर्ची मुर्गा” में  श्रोताओं की  टांग खिंचाई करने के लिए मशहूर हैं, लेकिन उनका कहना है कि जब सामने वाला गाली-गलौज या तू-त़डाक पर उतर आता है कि तो वह अपना हेडफोन उतारकर साइड में रख देने के इलावा कुछ नही कर पाते  हैं।   कुछ श्रोता उनके मजाक को हंसी में उडा देते हैं, लेकिन कुछ गुस्से में प्रतिक्रिया देते हैं। नवेद ने बीते वर्षो में श्रोताओं के ऐसे अप्रत्याशित व्यवहार को झेलना सीख लिया है। उनके शो ने रेडियो अवार्ड्स में “बेस्ट रेडियो स्पार्कलर” (हिंदी) पुरस्कार  भी जीता है ।


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Mayapuri

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